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एडीए के जेई अटैच, कार्रवाई से पहले लेनी होगी अनुमति
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:50 PM IST
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आमजगढ़। विकास प्राधिकरण में चल रही लूट खसोट पर आखिरकार जिलाधिकारी की नजर पड़ ही गई। जिलाधिकारी ने एडीए के जेई आरके वर्मा को अटैच करने का निर्देश दिया है। इंफोर्समेंट और प्रवर्तन की जिम्मेदारी विभाग के दूसरे जेई को देने को कहा है।
साथ ही एडीए सचिव को हर कार्रवाई पर जाने से पहले उनसे अनुमति लेने का निर्देश दिया है। विकास प्राधिकरण में फैले भ्रष्टाचार का मामला अमर उजाला ने पिछले अंकों में प्रमुखता के साथ उठाया था।
जिले में विकास प्राधिकरण का गठन तो हुआ है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे अवैध कमाई का अड्डा बना लिया था। ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में धड़ाधड़ मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों का निर्माण हो रहा है।
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लेकिन सबकुछ जानते हुए भी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौन साध रहते हैं। इनकी ओर से महायोजना का हवाला देकर लोगों से मोटी रकम वसूल कर भवनों का निर्माण खेल लंबे समय से खेला जा रहा था।
पूर्व के अधिकारियों की ओर से जिन भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था उन भवन मालिकों ने विभाग की मिलीभगत से मल्टीस्टोरी बिल्डिंग तैयार कर ली है। 04, 05, 14, 15 दिसंबर के अंक में विकास प्राधिकरण के भ्रष्टाचार का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था।
इसके अलावा प्राधिकरण के कर्मचारियों की ओर से पीड़ितों को पहले धमकाने और बाद में उनसे वसूली की शिकायतें भी जिलाधिकारी तक लगातार पहुंच रही थीं।
शनिवार को एडीए सचिव बाबू सिंह को कार्यालय में तलब कर जिलाधिकारी ने जेई आरके वर्मा को तत्काल अटैच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इंफोर्समेंट और प्रवर्तन की जिम्मेदारी विभाग के दूसरे जेई को देने को कहा है।
साथ ही एडीए सचिव और कर्मचारियों को हर कार्रवाई पर जाने से पहले इसकी अनुमति उनसे लेने का निर्देश दिया। सभी कार्रवाई की पूरी फाइल तैयार करने और उसे अंजाम तक पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
एडीए के कर्मचारियों की लगातार मिल रही शिकायत पर जेई को अटैच किया गया है। इंफोर्समेंट और प्रवर्तन की जिम्मेदारी विभाग के दूसरे जेई को देने को कहा गया है। किसी भी कार्रवाई को करने से पहले मेरे संज्ञान में लाना होगा। कार्रवाई की पूरी फाइल तैयार करनी होगी। -चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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साथ ही एडीए सचिव को हर कार्रवाई पर जाने से पहले उनसे अनुमति लेने का निर्देश दिया है। विकास प्राधिकरण में फैले भ्रष्टाचार का मामला अमर उजाला ने पिछले अंकों में प्रमुखता के साथ उठाया था।
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जिले में विकास प्राधिकरण का गठन तो हुआ है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे अवैध कमाई का अड्डा बना लिया था। ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में धड़ाधड़ मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों का निर्माण हो रहा है।
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लेकिन सबकुछ जानते हुए भी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौन साध रहते हैं। इनकी ओर से महायोजना का हवाला देकर लोगों से मोटी रकम वसूल कर भवनों का निर्माण खेल लंबे समय से खेला जा रहा था।
पूर्व के अधिकारियों की ओर से जिन भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश हुआ था उन भवन मालिकों ने विभाग की मिलीभगत से मल्टीस्टोरी बिल्डिंग तैयार कर ली है। 04, 05, 14, 15 दिसंबर के अंक में विकास प्राधिकरण के भ्रष्टाचार का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था।
इसके अलावा प्राधिकरण के कर्मचारियों की ओर से पीड़ितों को पहले धमकाने और बाद में उनसे वसूली की शिकायतें भी जिलाधिकारी तक लगातार पहुंच रही थीं।
शनिवार को एडीए सचिव बाबू सिंह को कार्यालय में तलब कर जिलाधिकारी ने जेई आरके वर्मा को तत्काल अटैच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इंफोर्समेंट और प्रवर्तन की जिम्मेदारी विभाग के दूसरे जेई को देने को कहा है।
साथ ही एडीए सचिव और कर्मचारियों को हर कार्रवाई पर जाने से पहले इसकी अनुमति उनसे लेने का निर्देश दिया। सभी कार्रवाई की पूरी फाइल तैयार करने और उसे अंजाम तक पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
एडीए के कर्मचारियों की लगातार मिल रही शिकायत पर जेई को अटैच किया गया है। इंफोर्समेंट और प्रवर्तन की जिम्मेदारी विभाग के दूसरे जेई को देने को कहा गया है। किसी भी कार्रवाई को करने से पहले मेरे संज्ञान में लाना होगा। कार्रवाई की पूरी फाइल तैयार करनी होगी। -चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी