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अंकों की धांधली में लेखाकार पर गिरेगी गाज
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:40 PM IST
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आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला कंसल्टेंट, एकाउंटेंट/योजना सहायक, कंप्यूटर आपरेटर और खंड प्रेरकों का सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से हुए साक्षात्कार में अंको की धांधली में लेखाकार दोषी पाया गया है। जांच के बाद लेखाकार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए नियंत्रक आंतरिक लेखा को पत्र भेजने की तैयारी है। साथ ही डीपीआरओ भी कार्रवाई के घेरे में हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत खंड प्रेरक और कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए 30 अगस्त को अभ्यर्थियों का साक्षात्कार किया गया था। साक्षात्कार में पैनल ने नंबर देने के बाद जिला पंचायत राज कार्यालय की ओर से चयनित अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर सेवा प्रदाता एजेंसी को प्रेषित की गई।
चयनित सूची को देख संदेह के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने सूची की जांच कराई। जांच में अभ्यर्थियों के अंकों में बढ़ोत्तरी और घटोत्तरी की गई है। जिसको टंकण का ज्ञान नहीं उसका नाम सूची में दर्ज है लेकिन जिसे टंकण आती है उसका नाम सूची से गायब था।
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मामले में सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र जारी करते हुए इस कार्य के दोषियों के विरुद्घ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने डीपीआरओ से भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
हालांकि विभाग का कोई भी अधिकारी इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों की मानें तो जांच के बाद लेखाकार पर निलंबन की कार्रवाई जिला प्रशासन के हाथों में न होने के कारण विभाग नियंत्रक यांत्रिक लेखा को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की तैयारी में है।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत खंड प्रेरक और कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए 30 अगस्त को अभ्यर्थियों का साक्षात्कार किया गया था। साक्षात्कार में पैनल ने नंबर देने के बाद जिला पंचायत राज कार्यालय की ओर से चयनित अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर सेवा प्रदाता एजेंसी को प्रेषित की गई।
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चयनित सूची को देख संदेह के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने सूची की जांच कराई। जांच में अभ्यर्थियों के अंकों में बढ़ोत्तरी और घटोत्तरी की गई है। जिसको टंकण का ज्ञान नहीं उसका नाम सूची में दर्ज है लेकिन जिसे टंकण आती है उसका नाम सूची से गायब था।
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मामले में सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र जारी करते हुए इस कार्य के दोषियों के विरुद्घ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने डीपीआरओ से भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
हालांकि विभाग का कोई भी अधिकारी इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों की मानें तो जांच के बाद लेखाकार पर निलंबन की कार्रवाई जिला प्रशासन के हाथों में न होने के कारण विभाग नियंत्रक यांत्रिक लेखा को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने की तैयारी में है।