{"_id":"578d20a34f1c1b9d32c4c45b","slug":"above-danger-mark-reached-skirt","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरा िनशान से ऊपर पहुंची घाघरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरा िनशान से ऊपर पहुंची घाघरा
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
बाढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा घटने के बाद एक बार फिर से बढ़ने लगी। सोमवार को नदी के जलस्तर में इतनी तेजी से बढ़ात्तरी हुई नदी डिघिया नाले पर खतरा बिंदू से 40 सेमी ऊपर बहने लगी। नदी की तेजी को देखकर देवारावासी सहमे हुए हैं।
सोमवार की सुबह से ही नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखने को मिली। सोमवार की सुबह आठ बजे बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.25 मीटर था। जो शाम चार बजे 71.45 मीटर पर पहुंच गई। आठ घटों में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।
वहीं डिघिया नाले पर सोमवार की सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 70.38 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरा बिंदू से दो सेमी नीचे थे। लेकिन शाम चार बजे नदी का जलस्तर 70.80 मीटर पर पहुंच गया। जो खतरा बिंदू से 40 सेमी ऊपर है। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया पर 70.40 मीटर है। जलस्तर बढ़ने से जहां ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं चक्की गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया।
विज्ञापन
साथ ही चक्की, शाहडीह, सोनौरा, बांका, बूढ़नपट्टी, झंडी का पुरा, देवारा खास राजा गांव के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए। सोनौरा, शाहडीह और चक्की गांव के ग्रामीणों केे नाव की आवश्यकता है। संपर्क मार्गों के पानी में डूबने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां नदी का जलस्तर बढ़ रहा है दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा बनाई गई बाढ़ चौकियां अभी तक सक्रिय नहीं हुई हैं। जिस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
बनबसा बैराज से दो लाख 75 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया है। जिसके कारण यह बढ़ोत्तरी हो रही है। - सुनील मिश्रा, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता
विज्ञापन
सोमवार की सुबह से ही नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखने को मिली। सोमवार की सुबह आठ बजे बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.25 मीटर था। जो शाम चार बजे 71.45 मीटर पर पहुंच गई। आठ घटों में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।
विज्ञापन
वहीं डिघिया नाले पर सोमवार की सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 70.38 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरा बिंदू से दो सेमी नीचे थे। लेकिन शाम चार बजे नदी का जलस्तर 70.80 मीटर पर पहुंच गया। जो खतरा बिंदू से 40 सेमी ऊपर है। बदरहुंआ नाले पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया पर 70.40 मीटर है। जलस्तर बढ़ने से जहां ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं चक्की गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया।
विज्ञापन
साथ ही चक्की, शाहडीह, सोनौरा, बांका, बूढ़नपट्टी, झंडी का पुरा, देवारा खास राजा गांव के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए। सोनौरा, शाहडीह और चक्की गांव के ग्रामीणों केे नाव की आवश्यकता है। संपर्क मार्गों के पानी में डूबने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां नदी का जलस्तर बढ़ रहा है दूसरी तरफ प्रशासन द्वारा बनाई गई बाढ़ चौकियां अभी तक सक्रिय नहीं हुई हैं। जिस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
बनबसा बैराज से दो लाख 75 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया है। जिसके कारण यह बढ़ोत्तरी हो रही है। - सुनील मिश्रा, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता