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एक भी कालोनी नहीं है वैध

Fri, 12 Jun 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Fri, 12 Jun 2015 12:08 AM IST
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A single colony is not valid
सपा मुखिया मुलायम सिंह के संसदीय क्षेत्र में बिना परमिशन के आलीशान इमारतें खड़ी हो रही हैं। कुछ बिल्डरों ने बिना किसी नक्शा के अनधिकृत रूप से कालोनी बसा दी। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेता और उनके चहेतों की बिल्डिंगें भी शामिल हैं। वहीं, आजमगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) अवैध रूप से कालोनी बनाने वाले आठ बिल्डरों को सूचीबद्ध करने के बाद महज नोटिस देने तक ही सिमट गया है। उधर, सरकार भी अब जिले में महायोजना 2031 लागू करने पर मंथन कर रही है ताकि इन अवैध कालोनियों को वैध बनाया जा सके।
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20 जून 2008 में जिले में प्राधिकरण की स्थापना हुई थी। तत्कालीन डीएम जीएस प्रियदर्शी की पहल पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण से कुछ कर्मियों की तैनाती की गई मगर कुछ दिनों बाद ही प्राधिकरण महज नक्शा पास करने तक ही सिमट कर रह गया। अभी तक प्राधिकरण में स्थाई सचिव की नियुक्ति तक नहीं हो सकी।
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विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद जनपद में अनेक कालोनियां बसी लेकिन अनधिकृत रूप से। वहीं प्राधिकरण सब कुछ जाने आंख मूंदे बैठा रहा। इसका असर रहा कि गैर आवासीय क्षेत्र में भी धड़ाधड़ मकान बनते गए। उसी समय अचानक बिल्डरों की फौज खड़ी हो गई। विकास प्राधिकरण में बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही किसानों की भूमि को खरीदकर कालोनी और प्लाटिंग करने लगे।
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इसमें सत्ता और विपक्ष के कई नेता और जुड़े रहे। उसी समय, एडीएम वित्त बृजेश कुमार को प्राधिकरण का सचिव बनाया गया। उन्होंने ताबड़तोड़ अवैध बिल्डरों को नोटिस जारी किया। उन्होंने लिखापढ़ी में यहां तक कहा कि कोई भी बिल्डर प्राधिकरण में पंजीकृत नहीं है। इसके लिए उन्होंने बकायदा अभियान भी छेड़ रखा था। कुछ दिनों बाद ही उनसे प्राधिकरण के सचिव का पद छीन लिया गया। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर जगह जगह जमीन खरीद कर प्लाटिंग का काम शुरू हो गया है।


वहीं, विकास प्राधिकरण के जेई और प्रभारी एई रमाशंकर प्रसाद ने बताया कि जनपद में  बिल्डर और कोई भी कालोनी वैध नहीं है। अनधिकृत रूप से किसानों से भूमि खरीदकर जगह-जगह कालोनियां बनाई जा रही हैं। ऐसे आठ बिल्डरों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेजा गया है और पुलिस को कार्य रुकवाने के लिए पत्र भेजा गया।

सभी वाद की सुनवाई हो रही है। बोले, वनीकरण क्षेत्र में लगभग 35 और कृषि योग्य भूमि पर लगभग 50 लोगों ने अवैध निर्माण करा रखा है।

नहीं है अवैध कालोनियों का आंकड़ा ः आजमगढ़। जनपद में विगत कई वर्षों में कई कालोनियां बसीं लेकिन विकास प्राधिकरण के पास इनका कोई आंकड़ा नहीं है। जेई और प्रभारी एई रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि उनके पास सरकारी कालोनियों का आंकड़ा है लेकिन प्राइवेट कालोनियों का कोई रिकार्ड दुरुस्त नहीं है क्योंकि किसी का भी नक्शा विभाग के पास नहीं है।


अनधिकृत रूप से कालोनियां बनाने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विकास प्राधिकरण की अगली बैठक में इस पर योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। - सुहास एलवाई़, डीएम एवं उपाध्यक्ष, जिला विकास प्राधिकरण
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