{"_id":"56-96503","slug":"Azamgarh-96503-56","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी स्थिति बहाली में जुटे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी स्थिति बहाली में जुटे अफसर
Azamgarh
Updated Fri, 10 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
आजमगढ़। सगड़ी तहसील के ग्रामसभा मिश्रपुर का पुरवा मोचीपुर, केशवपुर की कीमती जमीन को असंवैधानिक तरीके से स्थानांतरित कर राजस्व विभाग को क्षति पहुंचाने के मामले मुख्यमंत्री द्वारा कड़ा कदम उठाए जाने के बाद गुरुवार को जिले का राजस्व विभाग व अधिकारी यथास्थिति बनाने में जुट गए। इसको लेकर गुरुवार को दिन भी सगड़ी तहसील में अफरातफरी मची थी। जांच के दौरान पाया गया कि इस मामले में अभी मात्र तीन प्लाट ही स्थानांतरित किए गए हैं। छह प्लाटों के स्थानांतरण का मामला अभी भी एसडीएम सगड़ी के न्यायालय में विचाराधीन है। इसमें कुछ होता कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सगड़ी के तत्कालीन एसडीएम रामनरेश पाठक को निलंबित कर दिया।
28 फरवरी 2012 को तत्कालीन एसडीएम रामनरेश पाठक द्वारा की गई गांव के कीमती जमीनों की हेराफेरी की जानकारी प्रधान मधुबालको मार्च माह में तब हुई जब वे नवीन परती एवं बंजर की जमीन की नकल निकलवाने तहसील गईं। अभिलेखों में भू-माफिया के परिवार का नाम दर्ज देख वह भौचक्क हो गई थीं। प्रधान ने इस गोलमाल की शिकायती पत्र 12 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, आयुक्त आजमगढ़ मंडल शहाबुद्दीन, जिलाधिकारी आरपी अरोड़ा को भी भेजा गया था। पंचायती राज मंत्री बलराम यादव से ग्राम प्रधान व उनके प्रतिनिधि जाकर मिले भी थे। राजस्व मंत्री ने डीएम को जांच का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश पर सीआरओ अच्छेलाल को जांच का जिम्मा मिला व पंद्रह दिन में मामला निस्तारित हो गया।
विज्ञापन
28 फरवरी 2012 को तत्कालीन एसडीएम रामनरेश पाठक द्वारा की गई गांव के कीमती जमीनों की हेराफेरी की जानकारी प्रधान मधुबालको मार्च माह में तब हुई जब वे नवीन परती एवं बंजर की जमीन की नकल निकलवाने तहसील गईं। अभिलेखों में भू-माफिया के परिवार का नाम दर्ज देख वह भौचक्क हो गई थीं। प्रधान ने इस गोलमाल की शिकायती पत्र 12 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, आयुक्त आजमगढ़ मंडल शहाबुद्दीन, जिलाधिकारी आरपी अरोड़ा को भी भेजा गया था। पंचायती राज मंत्री बलराम यादव से ग्राम प्रधान व उनके प्रतिनिधि जाकर मिले भी थे। राजस्व मंत्री ने डीएम को जांच का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश पर सीआरओ अच्छेलाल को जांच का जिम्मा मिला व पंद्रह दिन में मामला निस्तारित हो गया।
विज्ञापन