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दो मासूम बेटों संग मां ने लगाई मौत की छलांग
Azamgarh
Updated Thu, 18 Apr 2013 05:30 AM IST
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आजमगढ़। सिधारी थाने के जमालपुर गांव के पास बुधवार को एक विवाहिता ने अपने दो मासूम बेटों संग साबरमती एक्सप्रेस के समक्ष कूद कर आत्महत्या कर ली। दो मासूमों के साथ युवती के कटने की खबर देखते - देखते जंगल में लगी आग की तरह चारो तरफ फैल गई। आत्महत्या की इस हृदयविदारक घटना को मृत विवाहिता के पति से अनबन होने से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि घटना स्थल पर मृतका के पर्स में मिले सुसाइड नोट में मृतका ने दोनों बेटों संग आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है।
मृत विवाहिता अर्चना (28) जहानागंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी श्यामसुंदर की पत्नी थी। अर्चना का मायका मुबारकरपुर थाना क्षेत्र के चकिया गांव में था। वर्ष 2003 में उसकी शादी श्यामसुंदर के साथ हुई थी। इस दौरान उसे दो बच्चे क्रमश: बड़ा बेटा साहिल (10) तथा समीर ( 5) हुए। पांच भाइयों में सबसे छोटा श्यामसुंदर मुंबई में रहकर नौकरी करता है। भाइयों में बंटवारा होने के बाद श्यामसुंदर की पत्नी अर्चना बच्चों के संग अलग रहती थी। जबकि उसका पति मुंबई रहता था। इस बीच गत 25 मार्च को श्यामसुंदर की मां धीराजी देवी का निधन हो गया। जिससे श्यामसुंदर मुंबई से घर आया था। गांव के लोगों की माने तो गांव आने के बाद भी अर्चना से उसके पति की बातचीत नहीं हो रही थी। बुधवार की सुबह अर्चना घर का काम करने के बाद दवा लेने के बहाने घर से अपने दोनों बच्चों के साथ निकली और सिधारी थाने के जमालपुर गांव के पास ट्रेन के नीचे आकर कट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाहिता मौत को गले लगाने से पहले अपने बडे़ बेटे को सीने से चिपका कर साड़ी में बांध दी थी। जबकि छोटे बेटे को पकड़ रखी थी। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक वह ट्रेन के नीचे आ गई। घटना के बाद साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का चालक अशोक कुमार तिवारी ने स्टेशन पर पहुंच स्टेशन मास्टर पीआर गौतम को घटना की सूचना दी। एसओ सिधारी विश्वनाथ ने बताया कि मृतका के बड़े बेटे का शव मां की सीने से चिपका था और धड़ से सिर अलग था। तलाशी के दौरान महिला के बैग से सुसाइड नोट मिला। जिसमें वह खुद तथा बच्चों की मौत के लिए स्वंय को जिम्मेदार ठहराई है।
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मृत विवाहिता अर्चना (28) जहानागंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी श्यामसुंदर की पत्नी थी। अर्चना का मायका मुबारकरपुर थाना क्षेत्र के चकिया गांव में था। वर्ष 2003 में उसकी शादी श्यामसुंदर के साथ हुई थी। इस दौरान उसे दो बच्चे क्रमश: बड़ा बेटा साहिल (10) तथा समीर ( 5) हुए। पांच भाइयों में सबसे छोटा श्यामसुंदर मुंबई में रहकर नौकरी करता है। भाइयों में बंटवारा होने के बाद श्यामसुंदर की पत्नी अर्चना बच्चों के संग अलग रहती थी। जबकि उसका पति मुंबई रहता था। इस बीच गत 25 मार्च को श्यामसुंदर की मां धीराजी देवी का निधन हो गया। जिससे श्यामसुंदर मुंबई से घर आया था। गांव के लोगों की माने तो गांव आने के बाद भी अर्चना से उसके पति की बातचीत नहीं हो रही थी। बुधवार की सुबह अर्चना घर का काम करने के बाद दवा लेने के बहाने घर से अपने दोनों बच्चों के साथ निकली और सिधारी थाने के जमालपुर गांव के पास ट्रेन के नीचे आकर कट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाहिता मौत को गले लगाने से पहले अपने बडे़ बेटे को सीने से चिपका कर साड़ी में बांध दी थी। जबकि छोटे बेटे को पकड़ रखी थी। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक वह ट्रेन के नीचे आ गई। घटना के बाद साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का चालक अशोक कुमार तिवारी ने स्टेशन पर पहुंच स्टेशन मास्टर पीआर गौतम को घटना की सूचना दी। एसओ सिधारी विश्वनाथ ने बताया कि मृतका के बड़े बेटे का शव मां की सीने से चिपका था और धड़ से सिर अलग था। तलाशी के दौरान महिला के बैग से सुसाइड नोट मिला। जिसमें वह खुद तथा बच्चों की मौत के लिए स्वंय को जिम्मेदार ठहराई है।
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