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गलतफहमी में नवजात बदले, मचा हंगामा
Azamgarh
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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आजमगढ़। जिला महिला अस्पताल में शनिवार को नौ बजे के करीब बच्चा गायब होने की अफवाह से हंगामा मच गया। लेकिन बाद में बच्ची मिल जाने पर बवाल काटने वाला परिवार शांत हो गया। बच्ची मिलने पर पता चला कि दूसरे की नवजात बीमार बच्ची को एक अन्य व्यक्ति अपना समझ कर उपचार कराने के लिए डाक्टर के पास लेकर चला गया था।
महिला जिला अस्पताल में कंधरापुर थाना क्षेत्र के बर्जी गांव निवासी गुड़िया पत्नी रामचंदर और मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के जोदपुर गांव निवासी सुनीता पत्नी सुनील चौहान को थोड़े अंतराल पर शुक्रवार की शाम बच्चियां पैदा हुईं। पहले गुड़िया की डिलेवरी हुई थी। लेकिन दोनों के परिजनों को बच्चियों की दशा खराब होने की जानकारी एक साथ हुई। दोनों के परिजनों ने नवजात बच्चियों को अस्पताल में तैनात चाइल्ड स्पेशलिस्ट डा. नीरज को दिखाया। दोनों को सांस लेने में दिक्कत थी। डा.नीरज ने परिजनों को सलाह दी कि वे उन्हें अस्पताल के प्रथम तल पर मौजूद एसएनसीयू में भर्ती करा दें।
बताया जाता है कि गुड़िया के परिजन बच्चे को एसएनसीयू में ले जाकर तुरंत भर्ती करा दिए। जबकि सुनीता नामक मरीज के संग मौजूद उसकी बूढ़ी मां बच्ची को भर्ती कराने के लिए देर से एसएनसीयू में पहुंची। सुनीता की बच्ची को आक्सीजन आदि देकर नार्मल किया गया। लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर एसएनसीयू के कर्मचारियों ने आवाज देकर सुनीता के परिजनों को बुलाया। इस दौरान बाहर खड़ा गुड़िया का पति रामचंद्र समझा कि उसे बुलाया जा रहा है। कर्मचारियों ने उससे कहा कि वार्ड में बेड खाली नहीं है, बच्ची को किसी और अस्पताल में शिफ्ट कर दें। रामचंद्र बच्ची को पहचाना नहीं और सुनीता की बच्ची को अपना समझकर उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल चला गया। जबकि सुनीता की मां और परिवार के लोग यही समझ रहे थे कि उनकी बच्ची एसएनसीयू में भर्ती है। दूसरे दिन शनिवार की सुबह जब परिवार के अन्य लोग पहुंचे और बच्ची का हाल जानने के लिए एसएनसीयू में पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि बेबी सुनीता के नाम पर यहां कोई बच्ची भर्ती ही नहीं है। फिर क्या था परिजनों में हड़कंप मच गया। नाराज परिजनों ने बवाल कर दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल के अन्य डाक्टर और कर्मचारियों के साथ लोगाें की भीड़ वहां जमा हो गई। भर्ती बच्चों के माताओं के नाम की जानकारी करने पर पता चला कि गुड़िया की बेबी यहां है, तो उसके परिजन जो बच्चा गुलामी का पुरा मुहल्ले में भर्ती कराए हैं वह सुनीता का है। सूचना देने पर गुड़िया का पति रामचंद्र बच्ची को अस्पताल से लेकर वापस आया। बच्चा मिलने पर परिजनों के संग जिला महिला अस्पताल का प्रशासन ने राहत की सांस ली। बच्ची मिलने पर सुनीता के परिजन भी शांत हो गए। लेकिन एक घंटे चले ड्रामे से जिला महिला अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा रहा।
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महिला जिला अस्पताल में कंधरापुर थाना क्षेत्र के बर्जी गांव निवासी गुड़िया पत्नी रामचंदर और मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के जोदपुर गांव निवासी सुनीता पत्नी सुनील चौहान को थोड़े अंतराल पर शुक्रवार की शाम बच्चियां पैदा हुईं। पहले गुड़िया की डिलेवरी हुई थी। लेकिन दोनों के परिजनों को बच्चियों की दशा खराब होने की जानकारी एक साथ हुई। दोनों के परिजनों ने नवजात बच्चियों को अस्पताल में तैनात चाइल्ड स्पेशलिस्ट डा. नीरज को दिखाया। दोनों को सांस लेने में दिक्कत थी। डा.नीरज ने परिजनों को सलाह दी कि वे उन्हें अस्पताल के प्रथम तल पर मौजूद एसएनसीयू में भर्ती करा दें।
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बताया जाता है कि गुड़िया के परिजन बच्चे को एसएनसीयू में ले जाकर तुरंत भर्ती करा दिए। जबकि सुनीता नामक मरीज के संग मौजूद उसकी बूढ़ी मां बच्ची को भर्ती कराने के लिए देर से एसएनसीयू में पहुंची। सुनीता की बच्ची को आक्सीजन आदि देकर नार्मल किया गया। लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर एसएनसीयू के कर्मचारियों ने आवाज देकर सुनीता के परिजनों को बुलाया। इस दौरान बाहर खड़ा गुड़िया का पति रामचंद्र समझा कि उसे बुलाया जा रहा है। कर्मचारियों ने उससे कहा कि वार्ड में बेड खाली नहीं है, बच्ची को किसी और अस्पताल में शिफ्ट कर दें। रामचंद्र बच्ची को पहचाना नहीं और सुनीता की बच्ची को अपना समझकर उसे लेकर प्राइवेट अस्पताल चला गया। जबकि सुनीता की मां और परिवार के लोग यही समझ रहे थे कि उनकी बच्ची एसएनसीयू में भर्ती है। दूसरे दिन शनिवार की सुबह जब परिवार के अन्य लोग पहुंचे और बच्ची का हाल जानने के लिए एसएनसीयू में पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि बेबी सुनीता के नाम पर यहां कोई बच्ची भर्ती ही नहीं है। फिर क्या था परिजनों में हड़कंप मच गया। नाराज परिजनों ने बवाल कर दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल के अन्य डाक्टर और कर्मचारियों के साथ लोगाें की भीड़ वहां जमा हो गई। भर्ती बच्चों के माताओं के नाम की जानकारी करने पर पता चला कि गुड़िया की बेबी यहां है, तो उसके परिजन जो बच्चा गुलामी का पुरा मुहल्ले में भर्ती कराए हैं वह सुनीता का है। सूचना देने पर गुड़िया का पति रामचंद्र बच्ची को अस्पताल से लेकर वापस आया। बच्चा मिलने पर परिजनों के संग जिला महिला अस्पताल का प्रशासन ने राहत की सांस ली। बच्ची मिलने पर सुनीता के परिजन भी शांत हो गए। लेकिन एक घंटे चले ड्रामे से जिला महिला अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा रहा।
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