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एडी पद को लेकर भिड़े दो अधिकारी
Azamgarh
Updated Sun, 07 Sep 2014 05:30 AM IST
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आजमगढ़। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पद को लेकर कार्यालय में बीते दो दिनों से चल रही उठा पठक शनिवार को दो अधिकारियों में सार्वजनिक तौर पर कहासुनी के रूप में सामने आई। कोर्ट से स्थगनादेश लेकर आई अपर निदेशक ऊषा जायसवाल और एडी का कार्य देख रहे डा. एसके सिंह के बीच पदग्रहण को लेकर जमकर विवाद हुआ। शनिवार को कार्यालय में दोनों अधिकारियों ने काम किया। इससे कर्मचारी उहापोह में रहे।
बताते चले कि बीते दो जून 2014 को डा. ऊषा जायसवाल ने शासन के आदेश पर अपर निदेशक स्वास्थ्य चिकित्सा का पदभार ग्रहण किया था। करीब डेढ़ माह बाद शासन ने उनका तबादला महिला चिकित्सालय के सीएमएस पद पर कर दिया। इस पर डा. ऊषा जायसवाल छुट्टी पर चली गईं और उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस बीच विभागीय उच्चाधिकारी के आदेश पर डा. एसके सिंह ने अपर निदेशक के तौर पर काम करने लगे। 04 सितंबर को डा. ऊषा जायसवाल कार्यालय में पहुंची और उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा दो सितंबर 2014 को जारी आदेश स्टे आर्डर की प्रति डा. एसके सिंह को दी। डा. सिंह ने उसे मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे डीजी (महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) के आदेश पर इस पद पर आए हैं। ऐसे में उन्हें हटाने के लिए वो उनका आदेश लेकर आए। इस बात को लेकर दोनों में पांच सितंबर को भी तकरार हुई थी। शनिवार छह सितंबर को बात काफी बढ़ गई और दोनों अधिकारी कार्यालय से बाहर निकलकर कहासुनी करने लगे। डा. एसके सिंह का कहना था कि वो कौन होती है चालक को मना करने वाली। इस दौरान लोगों की भीड़ कार्यालय में जमा हो गई थी। बाद में कर्मचारियों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। इस दौरान दोनों ने दो कमरों में बैठकर बतौर एडी काम किया। उधर,कर्मचारी उहापोह में रहे कि वेे दस्तावेजों को लेकर किसके पास जाएं।
संपर्क करने पर डा. ऊषा जायसवाल ने कहा कि उन्होंने कोर्ट का आदेश दिखाया है, जबकि डा. एसके सिंह कोई आदेश नहीं दिखा रहे हैं। उधर, डा. एसके सिंह ने कहा कि विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के आदेश से उनका स्थानांतरण एडी आफिस में जेडी के पद पर हुआ था। डा. ऊषा के छुट्टी पर जाने के बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर उन्होंने अपर निदेशक का पद भार ग्रहण किया है।
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बताते चले कि बीते दो जून 2014 को डा. ऊषा जायसवाल ने शासन के आदेश पर अपर निदेशक स्वास्थ्य चिकित्सा का पदभार ग्रहण किया था। करीब डेढ़ माह बाद शासन ने उनका तबादला महिला चिकित्सालय के सीएमएस पद पर कर दिया। इस पर डा. ऊषा जायसवाल छुट्टी पर चली गईं और उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस बीच विभागीय उच्चाधिकारी के आदेश पर डा. एसके सिंह ने अपर निदेशक के तौर पर काम करने लगे। 04 सितंबर को डा. ऊषा जायसवाल कार्यालय में पहुंची और उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा दो सितंबर 2014 को जारी आदेश स्टे आर्डर की प्रति डा. एसके सिंह को दी। डा. सिंह ने उसे मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे डीजी (महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) के आदेश पर इस पद पर आए हैं। ऐसे में उन्हें हटाने के लिए वो उनका आदेश लेकर आए। इस बात को लेकर दोनों में पांच सितंबर को भी तकरार हुई थी। शनिवार छह सितंबर को बात काफी बढ़ गई और दोनों अधिकारी कार्यालय से बाहर निकलकर कहासुनी करने लगे। डा. एसके सिंह का कहना था कि वो कौन होती है चालक को मना करने वाली। इस दौरान लोगों की भीड़ कार्यालय में जमा हो गई थी। बाद में कर्मचारियों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। इस दौरान दोनों ने दो कमरों में बैठकर बतौर एडी काम किया। उधर,कर्मचारी उहापोह में रहे कि वेे दस्तावेजों को लेकर किसके पास जाएं।
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संपर्क करने पर डा. ऊषा जायसवाल ने कहा कि उन्होंने कोर्ट का आदेश दिखाया है, जबकि डा. एसके सिंह कोई आदेश नहीं दिखा रहे हैं। उधर, डा. एसके सिंह ने कहा कि विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के आदेश से उनका स्थानांतरण एडी आफिस में जेडी के पद पर हुआ था। डा. ऊषा के छुट्टी पर जाने के बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर उन्होंने अपर निदेशक का पद भार ग्रहण किया है।
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