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शिक्षकों ने संघर्ष का किया आह्वान
Azamgarh
Updated Sat, 03 Aug 2013 05:34 AM IST
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मऊ। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जनशक्ति निर्धारण की विभागीय कार्यवाही को एकपक्षीय बताया गया।
प्रदेशीय मंत्री कृष्णानंद सिंह ने कहा कि वित्तीय सर्वेक्षण या जनशक्ति निर्धारण की विभागीय कार्यवाही पूर्णतया एक पक्षीय और वास्तविक स्थिति से परे है। जनशक्ति के नाम पर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान माह जून 2013 से रोककर हमें अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। आज आवश्यकता है कि हम चुनौतियों को स्वीकार करें। अतीत का स्मरण कर भविष्य के प्रति जागरुकता का परिचय दें।
जिलाध्यक्ष जयनारायण द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान सरकार दलगत संकीर्णताओं में उलझ कर जनहित का दृष्टिकोण भुला चुकी है। जिससे संगठनों और सरकार के बीच संवादहीनता की खाई बढ़ती जा रही है। सरकार हमारी मांगों को अनसुनी कर ठंडे बस्ते में डालने का कुचक्र रच रही है। जिसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला मंत्री रामलखन यादव ने कहा कि सपा सरकार से जनहितकारी और शिक्षक हित की जिस प्रकार की अपेक्षाएं प्रस्फुटित हुई थीं वह धूमिल हो चुकी हैं। अब मांगों के समर्थन में आर पार का संघर्ष निर्णायक होगा। धरने को तालीमुद्दीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य न्याज अहमद, रणधीर सिंह, महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, देवभाष्कर तिवारी, हरिनाथ सिंह, रविंद्र नाथ सिंह, सत्यप्रकाश राय, राकेश प्रताप सिंह आदि ने संबोधित किया। मनोज सिंह, योगेंद्र सिंह, देवेंद्र बहादुर सिंह, राजेश यादव, अरिमर्दन सिंह, शोएब अहमद, शिवम प्रसाद, मृत्युंजय तिवारी, हरिशंकर शाही, प्रताप यादव, डा. देवेंद्र नाथ पांडेय आदि शामिल थे। संचालन रामलखन यादव ने किया।
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प्रदेशीय मंत्री कृष्णानंद सिंह ने कहा कि वित्तीय सर्वेक्षण या जनशक्ति निर्धारण की विभागीय कार्यवाही पूर्णतया एक पक्षीय और वास्तविक स्थिति से परे है। जनशक्ति के नाम पर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान माह जून 2013 से रोककर हमें अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। आज आवश्यकता है कि हम चुनौतियों को स्वीकार करें। अतीत का स्मरण कर भविष्य के प्रति जागरुकता का परिचय दें।
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जिलाध्यक्ष जयनारायण द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान सरकार दलगत संकीर्णताओं में उलझ कर जनहित का दृष्टिकोण भुला चुकी है। जिससे संगठनों और सरकार के बीच संवादहीनता की खाई बढ़ती जा रही है। सरकार हमारी मांगों को अनसुनी कर ठंडे बस्ते में डालने का कुचक्र रच रही है। जिसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला मंत्री रामलखन यादव ने कहा कि सपा सरकार से जनहितकारी और शिक्षक हित की जिस प्रकार की अपेक्षाएं प्रस्फुटित हुई थीं वह धूमिल हो चुकी हैं। अब मांगों के समर्थन में आर पार का संघर्ष निर्णायक होगा। धरने को तालीमुद्दीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य न्याज अहमद, रणधीर सिंह, महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, देवभाष्कर तिवारी, हरिनाथ सिंह, रविंद्र नाथ सिंह, सत्यप्रकाश राय, राकेश प्रताप सिंह आदि ने संबोधित किया। मनोज सिंह, योगेंद्र सिंह, देवेंद्र बहादुर सिंह, राजेश यादव, अरिमर्दन सिंह, शोएब अहमद, शिवम प्रसाद, मृत्युंजय तिवारी, हरिशंकर शाही, प्रताप यादव, डा. देवेंद्र नाथ पांडेय आदि शामिल थे। संचालन रामलखन यादव ने किया।
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