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अटल के जाने के गम में नहीं जला शिवरतन के घर चूल्हा

Sat, 18 Aug 2018 12:44 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:44 AM IST
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अटल के जाने के गम में नहीं जला शिवरतन के घर चूल्हा
आजमगढ़। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से हर शख्स गमजदा है। ऐसे ही उनके करीबी मातबरगंज मुहल्ला निवासी शिवरतन लाल गुप्ता के घर शुक्रवार को चूल्हा नहीं जला। उनके एक बार घर आगमन की खुशियों और अपनेपन का अहसास आज भी पूरा परिवार खुद में समाए है। आस्ट्रेलिया भेजे जाने वाले पेड़े की तारीफ सुन वर्ष 1971 में स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और राजमाता सिंधिया सत्यनारायण प्रसाद गुप्ता उर्फ झटकू पहलवान के घर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पूरे परिवार के साथ जमीन पर बैठ कर भोजन भी किया और राजमाता ने झटकू पहलवान के पौत्र मनोज गुप्ता को गोद में उठा लिया और उपहार दिए। परिवार के साथ फोटो भी खिंचवाई लेकिन वक्त की मार से फोटो बेकार हो चुकी है। हालांकि जिस समय अटल बिहारी वाजपेयी इस परिवार से मिलने पहुंचे थे उस समय वह जनसंघ के प्रचारक थे। दो दिनों पहले जैसे ही उनकी सेहत खराब होने की सूचना परिवार को मिली पूरा परिवार टीवी पर नजरें लगाए रहा और ऊपर वाले से उनके स्वस्थ होने की कामना में जुटा रहा। जैसे ही उनके निधन का समाचार मिला पूरा परिवार सकते में आ गया। गुरुवार की शाम और शुक्रवार को घर का चूल्हा नहीं जला। एक छोटी से मुलाकात से पूरे परिवार को अटल ने अपना बना लिया था। शिवरतन लाल गुप्ता की गमजदा आखें ही पूरा हाल और दिल का दर्द बयान करतीं रहीं।
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