{"_id":"5aca61bc4f1c1bdd618b62d6","slug":"91523212732-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासनादेश के बावजूद निर्गत नहीं हो रहे प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासनादेश के बावजूद निर्गत नहीं हो रहे प्रमाण पत्र
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय गोंड समाज की बैठक रविवार को कुंवर सिंह उद्यान में जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल गोंड की अध्यक्षता में हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष सुआल प्रसाद गोंड ने कहा कि प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने 13 जनपदों में अनुसूचित जाति, जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 24 मार्च 2018 को शासनादेश सभी मंडलायुक्त को जारी किया था। इसके बावजूद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने आदेश में भारत का राजपत्र अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति आदेश (शासनादेश) अधिनियम 1976 और अधिनियम 2002 के आलोक में प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया है। अधिवक्ता शिवशंकर गोंड ने कहा कि गोंड जाति अधिनियम 1976 की सूची में क्रमांक-36 पर और 2002 की सूची में क्रमांक 10 पर अंकित है। फिर भी जिला प्रशासन प्रमाण पत्र जारी करने में आनाकानी कर रहा है। बैठक में रामसकल धुरिया, दीपू खरवार, सूर्यमुखी गोंड, अमरजीत खरवार, जमुना गोंड अशोक गोंड, शिव प्रसाद खरवार, विजय कुमार गोंड आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष सुआल प्रसाद गोंड ने कहा कि प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने 13 जनपदों में अनुसूचित जाति, जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 24 मार्च 2018 को शासनादेश सभी मंडलायुक्त को जारी किया था। इसके बावजूद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने आदेश में भारत का राजपत्र अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति आदेश (शासनादेश) अधिनियम 1976 और अधिनियम 2002 के आलोक में प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया है। अधिवक्ता शिवशंकर गोंड ने कहा कि गोंड जाति अधिनियम 1976 की सूची में क्रमांक-36 पर और 2002 की सूची में क्रमांक 10 पर अंकित है। फिर भी जिला प्रशासन प्रमाण पत्र जारी करने में आनाकानी कर रहा है। बैठक में रामसकल धुरिया, दीपू खरवार, सूर्यमुखी गोंड, अमरजीत खरवार, जमुना गोंड अशोक गोंड, शिव प्रसाद खरवार, विजय कुमार गोंड आदि उपस्थित रहे।