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40 फीसदी तक गिरा चाइनीज वस्तुओं का कारोबार
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:31 PM IST
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आजमगढ़। पिछले साल आम लोगों ने दीपावली पर बड़े स्तर पर चाइनीज सामानों, पटाखों, लाइट आदि का बहिष्कार किया था। दोकलाम विवाद के बार लोगों में स्वदेशी उत्पादों को लेकर प्रेम निकल कर सामने आया है। बाजार में पहुंचने वाले 10 में चार से पांच लोग स्वदेशी उत्पादों की मांग कर रहे हैं। लोगों की इच्छा को देखते हुए दूकानदारों ने भी दूकानों में स्वदेशी उत्पादों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दी है।
गत वर्ष भी चाइनीज सामानों को बेचने वाले कारोबारियों को बहिष्कार के कारण बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा था। काफी संख्या में उनके पास माल बच गया था। पिछले दिनों चीन से करीब एक माह तक चली भारत की तनातनी के बाद चाइनीज सामानों के प्रति लोगों में विरोध और बढ़ा है। दूकानदारों का मानें तो दूकान पर पहुंचने वाले 10 में चार ग्राहक पहले ही स्वदेशी उत्पाद की मांग करते हैं। चाहे वो खिलाने हों, सजावट के सामान हों या कुछ और। स्वदेशी उत्पाद थोड़े महंगे पड़ रहे हैं, लेकिन लोग उसे खरीदने को वरीयता दे रहे हैं। व्यापारियों की माने तो चाइनीज सामान लेने वाले छह में अधिकतर ऐसे हैं, जिन्हें चाइना और उसके उत्पाद के बारे में जानकारी नहीं है। पिछली बार बहिष्कार के कारण दूकानदारों के पास काफी मात्रा में चाइनीज माल बच गया था। वो उसे ही किसी तरह निकालने में जुटे हैं। बाजार के बदले ट्रेंड के मुताबिक कोई भी चाइनीज माल में अपनी पूंजी फंसाने को तैयार नहीं है।
बाजार में पहुंचने वाले अधिकरत लोग अब पहले सामान के बारे में पूछते हैं। स्वदेशी होने पर ही लेने के तैयार होते हैं। लोगों की मांग पर हमने इंडियन खिलौने और सजावट के सामान दूकानों में बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। पिछली बार लगभग 40 से 50 हजार का चाइनीज सामान दूकान में डंप पड़ा है। किसी तरह उसे ही निकाला जाएगा।
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प्रदीप गुप्ता, व्यापारी
दूकान पर आने वाले 10 में से चार लोग इंडियन सामान मांग रहे हैं। इसे देखते हुए स्वदेशी उत्पादों को दुकान में बढ़ाया जा रहा है। लोगों का रुझान चाउनीज सामानों की ओर कम हुआ है। बाजार के ट्रेंड को देखते हुए इस बार चाइनीज सामानों में पूंजी न फंसाने की सोची है।
राजीव कुमार, दूकानदार
बाजारों में चीन निर्मित सामानों की मांग में गिरावट आई है। इस बार दीपावली में लोग स्वदेशी झालर और अन्य लाइट अपने-अपने घरों में लगाने की सोच रहे हैं। लोगों की मांग को देखते हुए वैसा माल ही दूकान पर मंगाया जा रहा है। सरकार को चीन से आयात होने वाले माल पर ही रोक लगा देनी चाहिए।
विजय, व्यापारी
पहले दीपावली के समय लाखों की लाइट की बिक्री होती है। ये सभी लाइट व अन्य वस्तुएं चीन निर्मित होती हैं। वर्षों से लोग चीनी लाइट, झालर आदि खरीद रहे हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ और है। लोग चीन के बजाय स्वदेशी लाइट व झालर की मांग कर रहे हैं। इस बार चीनी लाइट की मांग काफी कम हो रही है।
लक्ष्मीकांत, दुकानदार
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गत वर्ष भी चाइनीज सामानों को बेचने वाले कारोबारियों को बहिष्कार के कारण बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा था। काफी संख्या में उनके पास माल बच गया था। पिछले दिनों चीन से करीब एक माह तक चली भारत की तनातनी के बाद चाइनीज सामानों के प्रति लोगों में विरोध और बढ़ा है। दूकानदारों का मानें तो दूकान पर पहुंचने वाले 10 में चार ग्राहक पहले ही स्वदेशी उत्पाद की मांग करते हैं। चाहे वो खिलाने हों, सजावट के सामान हों या कुछ और। स्वदेशी उत्पाद थोड़े महंगे पड़ रहे हैं, लेकिन लोग उसे खरीदने को वरीयता दे रहे हैं। व्यापारियों की माने तो चाइनीज सामान लेने वाले छह में अधिकतर ऐसे हैं, जिन्हें चाइना और उसके उत्पाद के बारे में जानकारी नहीं है। पिछली बार बहिष्कार के कारण दूकानदारों के पास काफी मात्रा में चाइनीज माल बच गया था। वो उसे ही किसी तरह निकालने में जुटे हैं। बाजार के बदले ट्रेंड के मुताबिक कोई भी चाइनीज माल में अपनी पूंजी फंसाने को तैयार नहीं है।
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बाजार में पहुंचने वाले अधिकरत लोग अब पहले सामान के बारे में पूछते हैं। स्वदेशी होने पर ही लेने के तैयार होते हैं। लोगों की मांग पर हमने इंडियन खिलौने और सजावट के सामान दूकानों में बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। पिछली बार लगभग 40 से 50 हजार का चाइनीज सामान दूकान में डंप पड़ा है। किसी तरह उसे ही निकाला जाएगा।
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प्रदीप गुप्ता, व्यापारी
दूकान पर आने वाले 10 में से चार लोग इंडियन सामान मांग रहे हैं। इसे देखते हुए स्वदेशी उत्पादों को दुकान में बढ़ाया जा रहा है। लोगों का रुझान चाउनीज सामानों की ओर कम हुआ है। बाजार के ट्रेंड को देखते हुए इस बार चाइनीज सामानों में पूंजी न फंसाने की सोची है।
राजीव कुमार, दूकानदार
बाजारों में चीन निर्मित सामानों की मांग में गिरावट आई है। इस बार दीपावली में लोग स्वदेशी झालर और अन्य लाइट अपने-अपने घरों में लगाने की सोच रहे हैं। लोगों की मांग को देखते हुए वैसा माल ही दूकान पर मंगाया जा रहा है। सरकार को चीन से आयात होने वाले माल पर ही रोक लगा देनी चाहिए।
विजय, व्यापारी
पहले दीपावली के समय लाखों की लाइट की बिक्री होती है। ये सभी लाइट व अन्य वस्तुएं चीन निर्मित होती हैं। वर्षों से लोग चीनी लाइट, झालर आदि खरीद रहे हैं, लेकिन इस बार स्थिति कुछ और है। लोग चीन के बजाय स्वदेशी लाइट व झालर की मांग कर रहे हैं। इस बार चीनी लाइट की मांग काफी कम हो रही है।
लक्ष्मीकांत, दुकानदार