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जिला योजना समिति में अब तक सिर्फ पांच विभागों को मिला धन

Wed, 30 Aug 2017 05:31 PM IST
Updated Wed, 30 Aug 2017 05:31 PM IST
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जिला योजना समिति में अब तक सिर्फ पांच विभागों को मिला धन
आजमगढ़। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद जिले की जिला योजना समिति का गठन हो चुका है। जिले के प्रभारी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य इस समिति के अध्यक्ष हैं। पांच जुलाई को हुई जिला योजना समिति की बैठक में 5819900 हजार रुपये के बजट को अनुमोदन मिला। जिसके सापेक्ष जिले को अब तक 65276.07 हजार रुपये अवमुक्त हो चुके हैं। जिसमें से विभागों द्वारा 20871.25 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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पांच जुलाई को केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक में 46 विभागों के लिए बजट का अनुमोदन किया गया। लेकिन अगर देखा जाए तो सात विभाग ऐसे थे जिन्होंने किसी बजट की मांग नहीं की। जिसमें से अब तक पशु पालन, दुग्ध विकास, वन विभाग, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम और भूमि विकास एवं जल संसाधन के लिए ही शासन से धन अवमुक्त हुआ है। इसमें से चार विभागों ने अवमुक्त हुए धन से कार्य कराना भी शुरू कर दिया है लेकिन भूमि विकास और जल संसाधन के लिए आए धन को अभी विभाग ने अभी हाथ भी नहीं लगाया है। अनुमोदित बजट को देखें तो सबसे ज्यादा 1588560 हजार रुपये का बजट प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं सबसे कम 50 हजार रुपये का बजट विज्ञान एवं प्राद्योगिकी विभाग के लिए आवंटित है।
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इनसेट:
इन विभागों ने नहीं मांगा बजट
आजमगढ़। जिला योजना की समिति में सभी 46 विभागों के लिए बजट का आवंटन होना था लेकिन उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता विभाग, रेशम उद्योग और बाल विकास पुष्टाहार पांच ऐसे विभाग रहे जिन्होंने किसी प्रकार के बजट की मांग नहीं की। ना ही इनके लिए किसी प्रकार के बजट का अनुमोदन हुआ।
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इनसेट:
इनको अब तक अवमुक्त हुआ धन
आजमगढ़। जिला योजना समिति की बैठक के बाद सिर्फ पांच विागों केे ही खाते ही धन अवमुक्त हुआ है। इनमें से पशुपालन के लिए 1567.60 हजार रुपये अवमुक्त हुए जिनमें से विभाग ने 501.40 हजार रुपये खर्च कर दिए। दुग्ध विकास के लिए अब तक 2086 हजार रुपये अवमुक्त हुए। जिसमें से 602 हजार रुपये विभाग व्यय कर चुका है। वन विभाग को 2384 हजार रुपये मिले जिसमें से विभाग ने 932 हजार रुपये खर्च कर दिए। ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम के तहत 44116.47 हजार रुपये अवमुक्त हो चुके हैं जिसमें से विभाग द्वारा 88835.85 हजार रुपये व्यय किए है। भूमि विकास एंव जल संसाधन के लिए 15122 हजार रुपये अवमुक्त हुए लेकिन अभी तक विभाग द्वारा एक पैसे का व्यय नहीं किया गया है। इस प्रकार जिला योजना समिति की बैठक में अनुमोदित 5819900 हजार रुपये के सापेक्ष अब तक पांच विभागों में कुल 65276.07 हजार रुपये अवमुक्त हो चुके हैं। इन पांचों विभागों द्वारा मिलकर अब तक कुल 20871.25 हजार रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

इनसेट:
पिछले वर्ष के जिला योजना समिति का बजट और व्यय
आजमगढ़। पिछले वर्ष की जिला योजना समिति का बजट इस वर्ष की तुलना में 47800 हजार रुपये अधिक था। पिछले वर्ष का कुल बजट 5867700 हजार रुपये का था। इसमें 2834522 हजार रुपये अवमुक्त हुए। विभागों ने सारे पैसे को खर्च कर दिया। प्रस्तावित परिव्यय के अनुसार आधा बजट जारी होने से कई योजनाओं पर कार्य ही शुरू नहीं हो सका। पर्यावरण, पर्यटन, प्रादेशिक विकास दल, खेलकूद और सेवायोजन विभाग की ओर से योजना बनाकर बजट की मांग भी की गई थी, लेकिन शासन की ओर से इन विभागों को धन ही आवंटित नहीं हुआ।
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