{"_id":"5a21a4e34f1c1bc5758b66fe","slug":"81512154339-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगरपालिका आजमगढ़ में फहराया शीला का परचम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगरपालिका आजमगढ़ में फहराया शीला का परचम
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। नगर पालिका चुनाव को लगाए जा रहे कयासों पर शुक्रवार को विराम लग गया। जिस तरह से लोगों की जुबान पर शीला का नाम चढ़ा था उसका खुमार मतगणना में भी देखने को मिला। शीला ने सारे कयासों पर विराम लगाते हुए 2452 मतों से जीत हासिल कर दूसरी बार नगरपालिका अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने भारत रक्षा दल के निर्दल प्रत्याशी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव को मात दी।
नगर पालिका आजमगढ़ के चुनाव में शुरू से ही लोगों की जुबान पर पार्टी प्रत्याशियों के स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम की चर्चा थी। इसका असर मतगणना के दौरान भी देखने को मिला। शुरु में निर्दल प्रत्याशी शीला श्रीवास्तव और बसपा प्रत्याशी सुधीर सिंह पप्लू के बीच कांटे का संघर्ष होता रहा। निर्दल प्रत्याशी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव भी काफी पीछे नहीं थे। लेकिन सबसे ज्यादा चौकाने वाली यह रही कि अंत तक आते-आते निर्दल प्रत्याशी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव सुधीर को पछाड़ते हुए दूसरे नंबर पर पहुंच गए। एक बार जब उन्होंने बसपा प्रत्याशी के ऊपर बढ़त बनाई तो फिर पीछे नहीं हुए। हरिकेश बसपा प्रत्याशी से तो जीत गए लेकिन निर्दल प्रत्याशी शीला श्रीवास्तव को पछाड़ने में नाकाम रहे। शीला श्रीवास्तव को 10189 और उनके निकटतम प्रतितद्वंदी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव को 7737 मत प्राप्त हुए। बताते चलें कि शीला श्रीवास्तव ने दूसरी बार नगरपालिका अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया। इसके पूर्व उनके पति स्व. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव भी यहां से तीन बार चेयरमैन रह चुके हैं।
विज्ञापन
नगर पालिका आजमगढ़ के चुनाव में शुरू से ही लोगों की जुबान पर पार्टी प्रत्याशियों के स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम की चर्चा थी। इसका असर मतगणना के दौरान भी देखने को मिला। शुरु में निर्दल प्रत्याशी शीला श्रीवास्तव और बसपा प्रत्याशी सुधीर सिंह पप्लू के बीच कांटे का संघर्ष होता रहा। निर्दल प्रत्याशी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव भी काफी पीछे नहीं थे। लेकिन सबसे ज्यादा चौकाने वाली यह रही कि अंत तक आते-आते निर्दल प्रत्याशी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव सुधीर को पछाड़ते हुए दूसरे नंबर पर पहुंच गए। एक बार जब उन्होंने बसपा प्रत्याशी के ऊपर बढ़त बनाई तो फिर पीछे नहीं हुए। हरिकेश बसपा प्रत्याशी से तो जीत गए लेकिन निर्दल प्रत्याशी शीला श्रीवास्तव को पछाड़ने में नाकाम रहे। शीला श्रीवास्तव को 10189 और उनके निकटतम प्रतितद्वंदी हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव को 7737 मत प्राप्त हुए। बताते चलें कि शीला श्रीवास्तव ने दूसरी बार नगरपालिका अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया। इसके पूर्व उनके पति स्व. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव भी यहां से तीन बार चेयरमैन रह चुके हैं।
विज्ञापन