{"_id":"599f192e4f1c1b193c8b4816","slug":"81503598894-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सरकार कर रही अवहेलना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सरकार कर रही अवहेलना
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय स्ववित्तपोषित अनुमोदित शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. शैलेश पाठक और जिला उपाध्यक्ष डा. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को एक ही संस्था में समान कार्य-समान वेतन लागू करने का आदेश दिया है। जिसका सरकार ने अनुपालन न करके कोर्ट की अवहेलना की है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण 33 अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत अनुमोदित अध्यापकों का विनियमितीकरण नहीं हुआ। वेतन विसंगति के विरोध में अखिल भारतीय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने 22 अगस्त को धरना दिया था। जिसका समर्थन अन्य संगठनों ने भी किया। उन्होंने मानव संसाधन मंत्री से दोयम दर्जे की शिक्षा व्यवस्था समाप्त करने की मांग की। शिक्षक नेताद्वय ने कहा कि राज्य और केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है। वहीं राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय/महाविद्यालयों के शिक्षकों को इससे वंचित रखा है। एक ही महाविद्यालय में नियमित शिक्षक एवं स्ववित्तपोषित शिक्षक को दो तरह के वेतन दिया जा रहा है। इस मौके पर डा.पूनम, डा.जयप्रकाश, डा.विरेंद्र यादव, डा.दुष्यंत त्रिपाठी, डा.अखिलेश यादव सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण 33 अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत अनुमोदित अध्यापकों का विनियमितीकरण नहीं हुआ। वेतन विसंगति के विरोध में अखिल भारतीय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने 22 अगस्त को धरना दिया था। जिसका समर्थन अन्य संगठनों ने भी किया। उन्होंने मानव संसाधन मंत्री से दोयम दर्जे की शिक्षा व्यवस्था समाप्त करने की मांग की। शिक्षक नेताद्वय ने कहा कि राज्य और केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है। वहीं राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय/महाविद्यालयों के शिक्षकों को इससे वंचित रखा है। एक ही महाविद्यालय में नियमित शिक्षक एवं स्ववित्तपोषित शिक्षक को दो तरह के वेतन दिया जा रहा है। इस मौके पर डा.पूनम, डा.जयप्रकाश, डा.विरेंद्र यादव, डा.दुष्यंत त्रिपाठी, डा.अखिलेश यादव सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
विज्ञापन