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चकबंदी और राजस्वकर्मियों के खिलाफ भड़के किसान, प्रदर्शन
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:51 PM IST
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लाटघाट। चकबंदी और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की ओर से किसानों की शिकायतों को अनदेखा करने पर शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने हरैया ब्लॉक के खरैलिया ढाला पर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार तहसील और समाधान दिवस पर जमीन संबंधित शिकायतों का निस्तारण करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया, लेकिन चकबंदी और राजस्व विभाग समस्या को अनसुना कर दिया। साथ ही बिना मौके पर गए मामलों का निस्तारण कर दिया गया। इसके कारण कई बार भूमि विवाद हो चुका है। किसान विरेंद्र राय ने कहा कि सड़क के किनारे हमारी जमीन है, जिस पर भूमाफिया अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं।
कई बार चकबंदी विभाग के अधिकारियों से पैमाइश को प्रार्थना-पत्र दियास लेकिन बिना नापी किए ही कुछ भू-माफियों के इशारे पर फर्जी तरीके से रिपोर्ट लगाकर जिला मुख्यालय भेज दी गई। रामबचन ने बताया कि कई बार जमीन नापी करने के लिए कहा, लेकिन राजस्वकर्मियों द्वारा नापी नहीं की जा रही है। किसानों ने कहा कि यदि हमारी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो हम लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
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प्रदर्शन करने वालों में शिवजोर, सुरेंद्र यादव, सहतू पासवान, वीरेंद्र राय, ज्योति राय, भगवान, धर्मेंद्र, नगीना कुमार, राम लाल यादव, नौबत आदि उपस्थित मौजूद रहे। उधर, तहसीलदार सगड़ी हीरालाल ने कहा कि तहसील दिवस पर किसानों ने जमीन की पैमाइश के लिए प्रार्थना-पत्र दिया था। प्रार्थना-पत्र को संज्ञान में लेते हुए चकबंदी विभाग के कर्मचारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया था कि देवरांचल के किसानों की जमीन का सही पैमाइश करें। अगर चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है तो जांच कराई जाएगी।
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किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार तहसील और समाधान दिवस पर जमीन संबंधित शिकायतों का निस्तारण करने के लिए प्रार्थना-पत्र दिया, लेकिन चकबंदी और राजस्व विभाग समस्या को अनसुना कर दिया। साथ ही बिना मौके पर गए मामलों का निस्तारण कर दिया गया। इसके कारण कई बार भूमि विवाद हो चुका है। किसान विरेंद्र राय ने कहा कि सड़क के किनारे हमारी जमीन है, जिस पर भूमाफिया अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं।
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कई बार चकबंदी विभाग के अधिकारियों से पैमाइश को प्रार्थना-पत्र दियास लेकिन बिना नापी किए ही कुछ भू-माफियों के इशारे पर फर्जी तरीके से रिपोर्ट लगाकर जिला मुख्यालय भेज दी गई। रामबचन ने बताया कि कई बार जमीन नापी करने के लिए कहा, लेकिन राजस्वकर्मियों द्वारा नापी नहीं की जा रही है। किसानों ने कहा कि यदि हमारी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो हम लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
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प्रदर्शन करने वालों में शिवजोर, सुरेंद्र यादव, सहतू पासवान, वीरेंद्र राय, ज्योति राय, भगवान, धर्मेंद्र, नगीना कुमार, राम लाल यादव, नौबत आदि उपस्थित मौजूद रहे। उधर, तहसीलदार सगड़ी हीरालाल ने कहा कि तहसील दिवस पर किसानों ने जमीन की पैमाइश के लिए प्रार्थना-पत्र दिया था। प्रार्थना-पत्र को संज्ञान में लेते हुए चकबंदी विभाग के कर्मचारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया था कि देवरांचल के किसानों की जमीन का सही पैमाइश करें। अगर चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है तो जांच कराई जाएगी।