फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   78 lakh dues of wheat farmers on purchasing agencies

गेहूं किसानों का क्रय एजेंसियों पर 78 लाख बकाया

Fri, 03 Jun 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
78 lakh dues of wheat farmers on purchasing agencies
आजमगढ़। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। काफी प्रयास के बाद क्रय के लिए लगाई गईं तीनों एजेंसियों ने दो माह में मात्र 18 फीसद ही गेहूं खरीद पाईं हैं। यही नहीं एजेंसियों ने किसानों से तो गेहूं खरीद लिया है लेकिन किसानों का लाखों रूपए का अभीतक भुगतान नहीं हो पाया है। किसान रूपए के लिए बैक और एजेंसियों का चक्कर लगा रहे है।
विज्ञापन

जिले को इस बार 71 हजार मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जनपद में खाद्य विभाग, भारतीय खाद्य निगम व पीसीएफ के कुल 73 क्रय केंद्र खोले गए हैं। पिछले एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी भी हो रही है। हाल यह है कि गेहूं खरीद के दो माह बीत गए लेकिन क्रय एजेंसियां लक्ष्य के सापेक्ष एक चौथाई भाग भी गेहूं की खरीदारी नहीं कर सकी हैं। 15 जून तक गेहूं की खरीदारी होनी है। क्रय केंदों पर किसान अपना गेहूं बेचने के लिए दिखाई नहीं दे रहे हैं। गेहूं की खरीदारी के लिए कर्मचारियों को गांवों में किसानों को खोजना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कर्मचारियों को किसानों को गेहूं बेचने के लिए सिफरिश करना पड़ रहा है और उनको फोन कर क्रय केंद्रों पर बुलाया जा रहा है। गेहूं क्रय के बाद भुगतान पर गौर किया जाय तो 1 जून तक एजेंसियों ने 3878 किसानों से 12905.72 क्विंटल गेहूं 26 करोड़ 50 हजार में खरीदा और 25 करोड़ 21 लाख 67 हजार का भुगतान भी किया। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अभी क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं खरीद का 78 लाख 82 हजार का भुगतान बाकी है। गेहूं खरीद में आजमगढ़ जनपद प्रदेश में पांचवें व मंडल में दूसरे स्थान पर है।
विज्ञापन

गेहूं बेचने के लिए दर-दर भटक रही सावित्री
सगड़ी। हरैया ब्लाक के इसरापार गांव निवासिनी सावित्री देवी पत्नी नरेंद्र बहादुर सिंह ने बीते 30 मार्च को गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने को सत्यापन के लिए 6 मई 2022 को रिपोर्ट तहसील द्वारा एडीएम को भेजी गई लेकिन उसके गेहूं की खरीदारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सरकार द्वारा किसानों के गेहूं खरीद की योजना का पलीता लग रहा है। सावित्री ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए 30 मार्च 2022 को पंजीकरण कराया था। जिसका पंजीकरण नंबर 910 0015837 है। जब गेहूं नहीं क्रय नहीं हुआ तो, बीते 30 अप्रैल को पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई बावजूद गेहूं की खरीदारी नहीं हो पाई। इसके बाबत उसने सगड़ी तहसील पर पहुंचकर जानकारी ली तो संबंधित बाबू ने बताया कि 6 मई को एडीएम के पास रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है। गेहूं बेचने के लिए सावित्री ब्लॉक से लेकर तहसील व जिला मुख्यालय तक चक्कर लगा रही है। वहीं दूसरी तरफ देखा जाय तो एजेंसियों को गेहूं बेचने के लिए किसान नहीं मिल रहे हैं। सावित्री ने कहा अगर गेहूं नहीं खरीदा गया तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करुंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि जो किसान अपना गेहूं नहीं बेच पाए हैं वह अपने नजदीक के क्रय केंद्र से संपर्क कर गेहूं बेच सकतें हैं। क्रय केंद्र के प्रभारी भी किसानों से संपर्क कर रहे हैं। जिन किसानों का भुगतान बकाया रह गया है। उनके खातों में एक-एक कर रूपए भेजे जा रहे हैं। जल्द ही सबका भुगतान हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed