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भूमिगत केबल पर फूंके 74 करोड़ मगर तार-खंभों में उलझी बिजली व्यवस्था
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शहर के मातबरगंज क्षेत्र में विद्युत केविलों का मकड़जाल।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। शहरी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछाने की लगभग 74 करोड़ की परियोजना पूरी होने के कुछ ही माह बाद बदहाल हो चुकी है। उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली आपूर्ति के लिए केबल और बाक्स लगाने में मानक की ऐसी अनदेखी की गई कि योजना अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकी। नतीजतन कुछ ही दिनों में विद्युत आपूर्ति की यह व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। जगह-जगह सड़क किनारे फैले केबल जिला प्रशासन और बिजली विभाग को आइना दिखा रहे हैं। वहीं राहगीरों के लिए जान की दुश्मन बन गई है।
नगरीय लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में भूमिगत केबल बिछाने की परियोजना को मंजूरी मिली थी। शासन की ओर से 74 करोड़ रुपये भी जारी हुए, कार्य शुरू हुआ तो लोगों को निर्बाध बिजली मिलने की आस बंधी। कार्यदायी संस्था ने शहर में जगह-जगह सड़क किनारे बिजली के बाक्स लगाने शुरू किए। अंडरग्राउंड केबल भी बिछाए गए, लेकिन मानकों की अनदेखी से कुछ दिन बाद ही सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। सड़क पर जगह-जगह केबल काटकर छोड़ दिए गए। वहीं बाक्स बदहाल स्थिति में पड़े हुए हैं जो दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। वहीं कुछ जगहों पर इसी से बिजली का संचालन होता है। आज के दिन वह बाक्स लोगों के लिए जान की दुश्मन बनी हुई है। दो दिन पूर्व शहर के अनंतपुरा में अंडरग्राउंड केबल के लिए लगे जक्शन बाक्स में करंट उतरने से एक गाय की मौत हो गई। मोहल्ले के लोगों ने बिजली विभाग को फोन कर विद्युत आपूर्ति को ठप कराई और गाय को वहां से हटाया गया। इसी प्रकार विद्युत पोल पर भी उलझे बिजली के तार घटना का कारण बने हुए हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व आसिफगंज मोहल्ले में पोल से लटकते तारों में भीषण आग लग गई। स्थानीय लोगों व अग्निशमन के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। थोड़ी देर और होती तो भारी दुर्घटना हो सकती थी।
जमीं में दफन हो गए केबल
आजमगढ़। पीडब्ल्यूडी व नगर पालिका द्वारा शहर की कई सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। जिसमें विद्युत केबल दफन हो गए। इसके अलावा शहर की सड़के चौड़ी हुई लेकिन विद्युत विभाग ने पोल नहीं हटाए, जिससे वह सड़क के बीच आ गए हैं। अंधेरा होने के बाद सड़क पर चलते समय ध्यान नहीं दिया तो पोल से टकराकर दुर्घटना हो सकती है।
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जक्शन बाक्स में करंट उतरने से यदि गाय की मौत हुई है तो संबंधित एक्सईएन को निर्देश देकर ठीक कराया जाएगा। जहां तक रही बात सड़कों पर छूटे व टूटे जक्शन बाक्स की तो उसे हटाने का प्राविधान तो नहीं है लेकिन अब उसे मेंटेन करा दिया जाएगा।
आलोक वर्मा, चीफ इंजीनियर विद्युत विभाग आजमगढ़
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नगरीय लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में भूमिगत केबल बिछाने की परियोजना को मंजूरी मिली थी। शासन की ओर से 74 करोड़ रुपये भी जारी हुए, कार्य शुरू हुआ तो लोगों को निर्बाध बिजली मिलने की आस बंधी। कार्यदायी संस्था ने शहर में जगह-जगह सड़क किनारे बिजली के बाक्स लगाने शुरू किए। अंडरग्राउंड केबल भी बिछाए गए, लेकिन मानकों की अनदेखी से कुछ दिन बाद ही सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। सड़क पर जगह-जगह केबल काटकर छोड़ दिए गए। वहीं बाक्स बदहाल स्थिति में पड़े हुए हैं जो दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। वहीं कुछ जगहों पर इसी से बिजली का संचालन होता है। आज के दिन वह बाक्स लोगों के लिए जान की दुश्मन बनी हुई है। दो दिन पूर्व शहर के अनंतपुरा में अंडरग्राउंड केबल के लिए लगे जक्शन बाक्स में करंट उतरने से एक गाय की मौत हो गई। मोहल्ले के लोगों ने बिजली विभाग को फोन कर विद्युत आपूर्ति को ठप कराई और गाय को वहां से हटाया गया। इसी प्रकार विद्युत पोल पर भी उलझे बिजली के तार घटना का कारण बने हुए हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व आसिफगंज मोहल्ले में पोल से लटकते तारों में भीषण आग लग गई। स्थानीय लोगों व अग्निशमन के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। थोड़ी देर और होती तो भारी दुर्घटना हो सकती थी।
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जमीं में दफन हो गए केबल
आजमगढ़। पीडब्ल्यूडी व नगर पालिका द्वारा शहर की कई सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। जिसमें विद्युत केबल दफन हो गए। इसके अलावा शहर की सड़के चौड़ी हुई लेकिन विद्युत विभाग ने पोल नहीं हटाए, जिससे वह सड़क के बीच आ गए हैं। अंधेरा होने के बाद सड़क पर चलते समय ध्यान नहीं दिया तो पोल से टकराकर दुर्घटना हो सकती है।
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जक्शन बाक्स में करंट उतरने से यदि गाय की मौत हुई है तो संबंधित एक्सईएन को निर्देश देकर ठीक कराया जाएगा। जहां तक रही बात सड़कों पर छूटे व टूटे जक्शन बाक्स की तो उसे हटाने का प्राविधान तो नहीं है लेकिन अब उसे मेंटेन करा दिया जाएगा।
आलोक वर्मा, चीफ इंजीनियर विद्युत विभाग आजमगढ़