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23 से गुल हो सकती है बिजली, हड़ताल पर जा रहे संविदाकर्मी
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:20 AM IST
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आजमगढ़। बिजली कर्मचारियों के होने वाली हड़ताल की वजह से पूरे जिले की बिजली 23 अगस्त से कट सकती है। 23 से विभाग के संविदा कर्मचारी मानदेय, पीएफ और बीमा आदि की मांग को लेकर बेमियादी कार्य बहिष्कार पर जा रहे है। आक्रोशित बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया।
बिजली विभाग में रेग्युलर कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही है। ठेकेदारी व्यवस्था के तहत संविदा कर्मियों की तैनाती कर काम कराया जा रहा है। आजमगढ़ जिले में लगभग छह सौ प्राइवेट कर्मचारी ठेकेदारी व्यवस्था के तहत वर्षो से कार्य कर रहे है। इन कर्मचारियों को ठेकेदारों द्वारा न तो समय से मानदेय दिया जा रहा है न ही अब तक कर्मचारियों का ईपीएफ एकाउंट ही खोला गया है। इतना ही नहीं किसी भी कर्मचारी का बीमा तक नहीं कराया गया है। कर्मचारियों की माने तो विभाग और ठेकेदार के बीच हुए अनुबंध में समय से मानदेय भुगतान, ईपीएफ खाता खुलवाने और कर्मचारियों का बीमा कराने की बात शामिल है। विभाग ठेकेदार का लगातार भुगतान कर रहा है, जबकि अनुबंध के अनुरूप ठेकेदार कर्मचारियों का ईपीएफ खाता और बीमा अब तक नहीं कराया है। इसके बाद भी ठेकेदार को भुगतान कर दिया जाना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। विद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष राजनरायन सिंह का कहना है कि विभागीय अधिकारी और ठेकेदारों के बीच जैसे गुप्त समझौता हुआ है। जिसके तहत ही अधिकारी ठेकेदार का भुगतान कर दे रहे है और ठेकेदार कर्मचारियों का नहीं कर रहे है। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते ही अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार पर जाने का निर्णय लिया गया है। विद्युत मजदूर पंचायत की बैठक सोमवार को हाइडिल परिसर स्थित शिव मंदिर पर हुई, जिसमें 23 से शुरू हो रहे कार्य बहिष्कार की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। इस अवसर पर रोहिताश कुमार मौर्य, चंद्रजीत यादव, लालचंद, राजेंद्र निषाद, सुरेंद्र प्रताप, राकेश पांडेय, सुनील राय, रघुनंदन, वीर बहादुर, महेंद्र यादव, वीरेंद्र, राम प्यारे राय, रामप्रताप, रामनरेेश आदि मौजूद रहे।
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बिजली विभाग में रेग्युलर कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही है। ठेकेदारी व्यवस्था के तहत संविदा कर्मियों की तैनाती कर काम कराया जा रहा है। आजमगढ़ जिले में लगभग छह सौ प्राइवेट कर्मचारी ठेकेदारी व्यवस्था के तहत वर्षो से कार्य कर रहे है। इन कर्मचारियों को ठेकेदारों द्वारा न तो समय से मानदेय दिया जा रहा है न ही अब तक कर्मचारियों का ईपीएफ एकाउंट ही खोला गया है। इतना ही नहीं किसी भी कर्मचारी का बीमा तक नहीं कराया गया है। कर्मचारियों की माने तो विभाग और ठेकेदार के बीच हुए अनुबंध में समय से मानदेय भुगतान, ईपीएफ खाता खुलवाने और कर्मचारियों का बीमा कराने की बात शामिल है। विभाग ठेकेदार का लगातार भुगतान कर रहा है, जबकि अनुबंध के अनुरूप ठेकेदार कर्मचारियों का ईपीएफ खाता और बीमा अब तक नहीं कराया है। इसके बाद भी ठेकेदार को भुगतान कर दिया जाना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। विद्युत मजदूर पंचायत के अध्यक्ष राजनरायन सिंह का कहना है कि विभागीय अधिकारी और ठेकेदारों के बीच जैसे गुप्त समझौता हुआ है। जिसके तहत ही अधिकारी ठेकेदार का भुगतान कर दे रहे है और ठेकेदार कर्मचारियों का नहीं कर रहे है। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते ही अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार पर जाने का निर्णय लिया गया है। विद्युत मजदूर पंचायत की बैठक सोमवार को हाइडिल परिसर स्थित शिव मंदिर पर हुई, जिसमें 23 से शुरू हो रहे कार्य बहिष्कार की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। इस अवसर पर रोहिताश कुमार मौर्य, चंद्रजीत यादव, लालचंद, राजेंद्र निषाद, सुरेंद्र प्रताप, राकेश पांडेय, सुनील राय, रघुनंदन, वीर बहादुर, महेंद्र यादव, वीरेंद्र, राम प्यारे राय, रामप्रताप, रामनरेेश आदि मौजूद रहे।
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