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कागजों में चल रही सफाई, सड़कों पर फैला है कूड़ा
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:09 AM IST
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आजमगढ़। नगर पालिका प्रशासन स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक पाने का दावा कर रहा है, लेकिन वास्तविकता तो इससे कहीं इतर ही शहर में नजर आ रही है। बेहतर अंक पाने के लिए नपा प्रशासन कुछ एक स्थानों पर हरे-नीले डस्टबिन जरूर लगवा दिए है, लेकिन सड़कों पर अब भी पूर्व की भांति कूड़े का ढेर जगह-जगह पड़ा हुआ है। नपा की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से कागजों पर चल रही है और इस कागजी व्यवस्था के बल पर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतरी का दवा पूरी तरह से खोखला नजर आ रहा है।
नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। शहर का शायद ही कोई मुहल्ला हो जहां कूड़े का ढेर न नजर आए। चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरूआत हो चुकी है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन का काम अभी कागजों पर ही चल रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर भले ही दोनो वक्त सड़कों पर झाडू लग रहे है, लेकिन कूड़े का ढेर उठवाने की प्रक्रिया काफी खराब है। कई स्थानों पर तो रात के वक्त झाडू लगाने वाले सफाई कर्मचारी कूड़ा नालियों में डाल कर दे रहे है। वहीं बदरका तिराहे की बात की जाए तो यहां नपा अस्थाई कूड़ा संग्रह केंद्र बना दिया है, जिससे दिन पर यहां कूड़े का अंबार लगा रहता है। ऐसा ही कुछ हाल शिब्ली पीजी कालेज के पास भी है। सफाई व्यवस्था की बात की जाए तो पूरा शहर ही कूड़े के ढेर में तब्दील है। एक तो जहां प्रतिदिन कूड़ा उठता नहीं है और उठता भी है तो उसका कोई समय नियत नहीं है। शहर के मऊ रोड सिधारी पर सड़क पर लगे ट्राली ट्रांसफार्मर के पास, फराश टोला मुहल्ला, पुरानी कोतवाली-दलालघाट मार्ग, जालंधरी, कोट व तकिया क्षेत्र की बात की जाए तो यहां दिन भर कूड़े का अंबार लगा रहता है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में जिला लगभग साढ़े तीन सौ वें स्थान पर था और इस बार नपा का स्थान सर्वेक्षण में बेहतर होगा। वर्तमान में शहर की सफाई व्यवस्था का जो हाल है उसे देख कर तो ऐसा कहीं से नहीं लग रहा है कि नपा प्रशासन स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ बेहतर करने वाला है।
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नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। शहर का शायद ही कोई मुहल्ला हो जहां कूड़े का ढेर न नजर आए। चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरूआत हो चुकी है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन का काम अभी कागजों पर ही चल रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर भले ही दोनो वक्त सड़कों पर झाडू लग रहे है, लेकिन कूड़े का ढेर उठवाने की प्रक्रिया काफी खराब है। कई स्थानों पर तो रात के वक्त झाडू लगाने वाले सफाई कर्मचारी कूड़ा नालियों में डाल कर दे रहे है। वहीं बदरका तिराहे की बात की जाए तो यहां नपा अस्थाई कूड़ा संग्रह केंद्र बना दिया है, जिससे दिन पर यहां कूड़े का अंबार लगा रहता है। ऐसा ही कुछ हाल शिब्ली पीजी कालेज के पास भी है। सफाई व्यवस्था की बात की जाए तो पूरा शहर ही कूड़े के ढेर में तब्दील है। एक तो जहां प्रतिदिन कूड़ा उठता नहीं है और उठता भी है तो उसका कोई समय नियत नहीं है। शहर के मऊ रोड सिधारी पर सड़क पर लगे ट्राली ट्रांसफार्मर के पास, फराश टोला मुहल्ला, पुरानी कोतवाली-दलालघाट मार्ग, जालंधरी, कोट व तकिया क्षेत्र की बात की जाए तो यहां दिन भर कूड़े का अंबार लगा रहता है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में जिला लगभग साढ़े तीन सौ वें स्थान पर था और इस बार नपा का स्थान सर्वेक्षण में बेहतर होगा। वर्तमान में शहर की सफाई व्यवस्था का जो हाल है उसे देख कर तो ऐसा कहीं से नहीं लग रहा है कि नपा प्रशासन स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ बेहतर करने वाला है।
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