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प्रशासन की सेवा प्रदाता कंपनी स्वान का कांटैक्ट हुआ खत्म
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:54 PM IST
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आजमगढ़। प्रशासन को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनी स्वान का अनुबंध समाप्त होने के बाद बढ़ाया नहीं गया है जिससे कंपनी के जरिए काम करने ऑपरेटरों पर बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। वहीं जिला प्रशासन आपरेटर न होने से कार्य को लेकर परेशान है।
जिले से लेकर तहसील, ब्लॉक और गांवों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2008 में विप्रो कंपनी से अनुबंध किया था। स्वान के माध्यम से कंपनी ने एक केंद्र जिला मुख्यालय, सात केंद्र तहसील मुख्यालय और 17 केंद्र ब्लाक मुख्यालयों पर स्थापित किए। सभी केंद्रों पर कंपनी द्वारा 15 हजार रुपये मानदेय पर कंप्यूटर आपरेटर की नियुक्ति की गई। लेकिन अब अनुबंध समाप्त होने के बाद इन ऑपरेटरों के सामने बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। सरकार के निर्देशानुसार सभी केंद्रों के ऑपरेटर राउटर आदि सामानों को एनआईसी में जमा करा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर इनके हटने से प्रशासन के सामने भी आपरेटरों की समस्या उत्पन्न हो गई है। उनके ना रहने पर डाटा फीडिंग, शिकायत पोर्टल आदि पर सूचनाएं कौन अंकित करेगा। प्रशासन इसी उधेड़बुन में लगा हुआ है। साथ ही इंटरनेट की सुविधा अब कैसे मुहैया होगी इसकी कोई भी जानकारी शासन द्वारा दिए गए पत्र में नहीं है।
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प्रशासन द्वारा इनका अनुबंध खत्म कर दिया गया लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इंटरनेट की सुविधा हमें कैसे मिलेगी। दूसरे कंपनी द्वारा जो ऑपरेटर रखे गए थे वह सारे कार्यों को समझ चुके थे। उनके स्थान पर जो नए आएंगे उन्हें समझने में समय लगेगा जिससे कार्य प्रभावित होगा। ऐसे में शासन से बात कर इन आपरेटरों को लोकवाणी आदि से जोड़कर कार्य कराने पर विचार किया जा रहा है।
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वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
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जिले से लेकर तहसील, ब्लॉक और गांवों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2008 में विप्रो कंपनी से अनुबंध किया था। स्वान के माध्यम से कंपनी ने एक केंद्र जिला मुख्यालय, सात केंद्र तहसील मुख्यालय और 17 केंद्र ब्लाक मुख्यालयों पर स्थापित किए। सभी केंद्रों पर कंपनी द्वारा 15 हजार रुपये मानदेय पर कंप्यूटर आपरेटर की नियुक्ति की गई। लेकिन अब अनुबंध समाप्त होने के बाद इन ऑपरेटरों के सामने बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। सरकार के निर्देशानुसार सभी केंद्रों के ऑपरेटर राउटर आदि सामानों को एनआईसी में जमा करा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर इनके हटने से प्रशासन के सामने भी आपरेटरों की समस्या उत्पन्न हो गई है। उनके ना रहने पर डाटा फीडिंग, शिकायत पोर्टल आदि पर सूचनाएं कौन अंकित करेगा। प्रशासन इसी उधेड़बुन में लगा हुआ है। साथ ही इंटरनेट की सुविधा अब कैसे मुहैया होगी इसकी कोई भी जानकारी शासन द्वारा दिए गए पत्र में नहीं है।
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प्रशासन द्वारा इनका अनुबंध खत्म कर दिया गया लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इंटरनेट की सुविधा हमें कैसे मिलेगी। दूसरे कंपनी द्वारा जो ऑपरेटर रखे गए थे वह सारे कार्यों को समझ चुके थे। उनके स्थान पर जो नए आएंगे उन्हें समझने में समय लगेगा जिससे कार्य प्रभावित होगा। ऐसे में शासन से बात कर इन आपरेटरों को लोकवाणी आदि से जोड़कर कार्य कराने पर विचार किया जा रहा है।
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वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व।