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शहर में मिलेंगे 6667 सीवरेज और 1425 पेजयल कनेक्शन
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:11 AM IST
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नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए यह फैसला लिया है।
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आजमगढ़। स्टेट एनुअल प्रोग्राम (सैप) के तहत मंजूरी मिलने के बाद शहर में सीवर और पेयजल कनेक्शन देने का कार्य शीघ्र शुरू होगा। कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से 6667 घरों में सीवर कनेक्शन और 1425 घरों में पेयजल कनेक्शन देने के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी।
मंजूरी मिलने के बाद इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। किसका कनेक्शन कराना है इसकी सूची पालिका की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि सीवरेज का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के तमसा में गिराया जाएगा या इसके ट्रीटमेंट के लिए स्थायी प्लांट की व्यवस्था की जाएगी इसको लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
शहर में 1972 में सीवरेज प्लान की शुरुआत की गई थी। लाइनें भी बिछाई गई, लेकिन शहरवासियों का इसका लाभ नहीं मिला। जल निगम की ओर से वर्ष 2012-13 में भी सीवर लाइन पर भी कुछ कार्य किया गया।
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अभी तक शहर के चौक, पुरानी कोतवाली, पुरानी सब्जी मंडी, जिला अस्पताल होते हुए बलरामपुर तक लगभग 15 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। अभी तक एक भी शहरवासी को आधिकारिक तौर पर सीवरेज कनेक्शन नहीं दिया जा सका है।
फिर भी जिला अस्पताल से बलरामपुर तक गंदा पानी अनाधिकृत रूप से इस लाइन से निकाला जाता है। बलरामपुर स्थित मिनी सीवरेज प्लांट से धर्मू नाले के माध्यम से गंदा पानी तमसा नदी में गिराया जाता है। इस प्लांट के भी बंद रहने की चर्चाएं हमेशा आम रहती है।
पालिका की ओर से अमृत योजना के तहत वाटर सप्लाई हाउस कनेक्शन के तहत पानी की कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 10.10 लाख और सीवर हाउस कनेक्शन के लिए 2.90 करोड़ की धनराशि पालिका की ओर से पहले ही कार्यदायी संस्था जलनिगम को स्थानांतरित की जा चुकी थी।
जल निगम की ओर से 6667 घरों में सीवर कनेक्शन और 1425 घरों में पेयजल कनेक्शन देने के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी, जिसे पिछले दिनों स्टेट एनुअल प्रोग्राम (सैप) के तहत मंजूरी मिल गई है। अब पालिका की ओर से मिलने वाली सूची का इंतजार किया जा रहा है।
इसी के आधार पर कनेक्शन जारी किए जाएंगे। बांड बनने और सूची मिलने का बाद जल निगम की ओर से कनेक्शन देने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
कनेक्शन देने की कार्ययोजना को मंजूरी मिल चुकी है। पालिका की ओर से सूची मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद जल निगम की ओर से पेयजल और सीवर का कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एसके सिंह यादव, एक्सईएन जल निगम
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव तैयार, जमीन का इंतजार
आजमगढ़। अभी तक तो सीवर लाइन के सहारे सिर्फ जिला अस्पताल से बलरामपुर तक गंदा पानी निकलता है। जिसे मिनी सीवरेज प्लांट में डायलूट कर नाले के माध्यम से तमशा में गिरा दिया जाता है। अब शहर को 6667 कनेक्शन दिए जाने हैं।
क्या शहर के गंदे पानी को भी सीधे तमशा में गिराया जाएगा, ये गंभीर समस्या है। जलनिगम की ओर से शहर में बिछाई गई सीवर लाइन को 35 किमी तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। साथ शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सात करोड़ का लैंड प्रस्ताव भी बनाया गया है।
लेकिन प्लांट के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता विभाग को है वो मिल नहीं पा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि गंदे पानी की बिना ट्रीटमेंट के तमसा में नहीं गिराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा चुका है। जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही भूमि मिल जाएगी।
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मंजूरी मिलने के बाद इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। किसका कनेक्शन कराना है इसकी सूची पालिका की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि सीवरेज का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के तमसा में गिराया जाएगा या इसके ट्रीटमेंट के लिए स्थायी प्लांट की व्यवस्था की जाएगी इसको लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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शहर में 1972 में सीवरेज प्लान की शुरुआत की गई थी। लाइनें भी बिछाई गई, लेकिन शहरवासियों का इसका लाभ नहीं मिला। जल निगम की ओर से वर्ष 2012-13 में भी सीवर लाइन पर भी कुछ कार्य किया गया।
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अभी तक शहर के चौक, पुरानी कोतवाली, पुरानी सब्जी मंडी, जिला अस्पताल होते हुए बलरामपुर तक लगभग 15 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। अभी तक एक भी शहरवासी को आधिकारिक तौर पर सीवरेज कनेक्शन नहीं दिया जा सका है।
फिर भी जिला अस्पताल से बलरामपुर तक गंदा पानी अनाधिकृत रूप से इस लाइन से निकाला जाता है। बलरामपुर स्थित मिनी सीवरेज प्लांट से धर्मू नाले के माध्यम से गंदा पानी तमसा नदी में गिराया जाता है। इस प्लांट के भी बंद रहने की चर्चाएं हमेशा आम रहती है।
पालिका की ओर से अमृत योजना के तहत वाटर सप्लाई हाउस कनेक्शन के तहत पानी की कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 10.10 लाख और सीवर हाउस कनेक्शन के लिए 2.90 करोड़ की धनराशि पालिका की ओर से पहले ही कार्यदायी संस्था जलनिगम को स्थानांतरित की जा चुकी थी।
जल निगम की ओर से 6667 घरों में सीवर कनेक्शन और 1425 घरों में पेयजल कनेक्शन देने के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी, जिसे पिछले दिनों स्टेट एनुअल प्रोग्राम (सैप) के तहत मंजूरी मिल गई है। अब पालिका की ओर से मिलने वाली सूची का इंतजार किया जा रहा है।
इसी के आधार पर कनेक्शन जारी किए जाएंगे। बांड बनने और सूची मिलने का बाद जल निगम की ओर से कनेक्शन देने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
कनेक्शन देने की कार्ययोजना को मंजूरी मिल चुकी है। पालिका की ओर से सूची मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद जल निगम की ओर से पेयजल और सीवर का कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एसके सिंह यादव, एक्सईएन जल निगम
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव तैयार, जमीन का इंतजार
आजमगढ़। अभी तक तो सीवर लाइन के सहारे सिर्फ जिला अस्पताल से बलरामपुर तक गंदा पानी निकलता है। जिसे मिनी सीवरेज प्लांट में डायलूट कर नाले के माध्यम से तमशा में गिरा दिया जाता है। अब शहर को 6667 कनेक्शन दिए जाने हैं।
क्या शहर के गंदे पानी को भी सीधे तमशा में गिराया जाएगा, ये गंभीर समस्या है। जलनिगम की ओर से शहर में बिछाई गई सीवर लाइन को 35 किमी तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। साथ शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सात करोड़ का लैंड प्रस्ताव भी बनाया गया है।
लेकिन प्लांट के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता विभाग को है वो मिल नहीं पा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि गंदे पानी की बिना ट्रीटमेंट के तमसा में नहीं गिराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा चुका है। जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही भूमि मिल जाएगी।