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ग्राम प्रधान को भी कारण बताओ नोटिस जारी
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आजमगढ़। हरैया विकास खंड के आराजी देवारा नैनीजोर गांव के सीडीओ डीएस उपाध्याय द्वारा निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान शौचालय निर्माण की प्रगति धीमी, समूह का गठन, बैंक लीकेज की प्रगति शून्य और गांव में गंदगी मिली थी। उपायुक्त श्रम रोजगार द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट में ग्राम प्रधान को दोषी मानते हुए डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने ग्राम प्रधान नैनीजोर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सीडीओ डीएस उपाध्याय द्वारा 13 जनवरी को हरैया विकास खंड के आराजी देवारा नैनीजोर गांव का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में गांव में निर्मित होने वाले शौचालयों की प्रगति लक्ष्य के अनुरूप कम थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लक्ष्य के अनुरूप समूह का गठन नहीं होना पाया गया। बैंक लीकेज की प्रगति गांव में शून्य मिली। ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मी से ससमय साफ-सफाई न कराना और अनियमित रूप से उनके पे रोल पर वेतन भुगतान के लिए हस्ताक्षर किया गया था। निरीक्षण के समय मौजूद उपायुक्त श्रम रोजगार और संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीएम को उपलब्ध कराई गई। डीएम ने ग्राम प्रधान को इसके लिए दोषी पाते हुए गुरुवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ पंचायत राज ऐक्ट की धारा 95(1)छह के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी।
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सीडीओ डीएस उपाध्याय द्वारा 13 जनवरी को हरैया विकास खंड के आराजी देवारा नैनीजोर गांव का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में गांव में निर्मित होने वाले शौचालयों की प्रगति लक्ष्य के अनुरूप कम थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लक्ष्य के अनुरूप समूह का गठन नहीं होना पाया गया। बैंक लीकेज की प्रगति गांव में शून्य मिली। ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मी से ससमय साफ-सफाई न कराना और अनियमित रूप से उनके पे रोल पर वेतन भुगतान के लिए हस्ताक्षर किया गया था। निरीक्षण के समय मौजूद उपायुक्त श्रम रोजगार और संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीएम को उपलब्ध कराई गई। डीएम ने ग्राम प्रधान को इसके लिए दोषी पाते हुए गुरुवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ पंचायत राज ऐक्ट की धारा 95(1)छह के तहत कार्रवाई कर दी जाएगी।
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