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डायरिया प्रभावित गांव में पहुंचे सीएमओ, लिया गांव का हाल
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:08 AM IST
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मेंहनगर। तहसील क्षेत्र के गंजोर गांव में फैले डायरिया के प्रकोप के पांचवें दिन सीएमओ ने भी गांव में पहुंच कर पीड़ितों का हाल लिया। इस दौरान डायरिया से मृत हुए लोगों के परिजनों ने सीएमओ को खरी-खरी सुनाई और सीएचसी व राजकीय मेडिकल कालेज पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद भी सीएमओ ने सीएचसी की टीम को क्लीनचिट देते हुए उनके कार्यो की सराहना किया।
गंजोर गांव के मुसहर व दलित बस्ती में शुक्रवार की शाम से ही डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। पांच दिन के बाद भी अब तक गांव को पूरी तरह से डायरिया मुक्त नहीं किया जा सका है। पांचवें दिन कोई नया मरीज तो सामने नहीं आया लेकिन पहले के बीमार लोगों को अभी भी उल्टी-दस्त की समस्या बनी हुई है। डायरिया प्रभावित गांव का हाल लेने के लिए स्वास्थ्य महकमे के मुखिया सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार स्वयं डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईके राय के साथ गांव में पहुंचे। मुसहर बस्ती जाने के रास्ते पर जल जमाव के चलते वे बस्ती के बाहर ही रूक गए और पीड़ितों को बुला कर हाल लिया। इस दौरान डायरिया से मृत हुई मनीषा और नंदनी के परिजनों ने सीएमओ को कफी खरी-खरी सुनाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और राजकीय मेडिकल कालेज की लापरवाही के चलते ही दोनों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सीएचसी से मरीज नहीं संभल रहे थे तो राजकीय मेडिकल कालेज के बजाए जिला अस्पताल भेजना चाहिए था। ग्रामीणों के आरोप के बाद भी सीएमओ ने सीएचसी की टीम को क्लीनचिट देते हुए सराहना किया। उन्होंने कहा कि सीएचसी की पूरी टीम काफी मेहनत कर रही है। पहले दिन जहां 50-60 की संख्या में मरीज थे वो अब घट कर 15-20 की संख्या में सिमट गए है। गांव में दवा वितरण के साथ ही फागिंग कराई जा रही है।
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दो डॉक्टरों का रोका एक दिन का वेतन, मांगा स्पष्टीकरण
आजमगढ़। गंजोर गांव का निरीक्षण कर लौटते समय सीएमओ ने पीएचसी खरिहानी और चक्रपानपुर का भी औचक निरीक्षण किया। इन दोनों अस्पतालों पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अफित सिंह व डॉ. पीयूष श्रीवास्तव अनुपस्थित पाए गए। जिस पर सीएमओ ने दोनों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। पीएचसी चंक्रपानपुर पर अच्छी संख्या डिलेवरी कराये जाने पर स्टाफ की सराहना की और प्रसव कक्ष के साज-सज्जा को और बेहतर करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यसंस्कृति में बदलाव लाते हुए बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया।
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गंजोर गांव के मुसहर व दलित बस्ती में शुक्रवार की शाम से ही डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। पांच दिन के बाद भी अब तक गांव को पूरी तरह से डायरिया मुक्त नहीं किया जा सका है। पांचवें दिन कोई नया मरीज तो सामने नहीं आया लेकिन पहले के बीमार लोगों को अभी भी उल्टी-दस्त की समस्या बनी हुई है। डायरिया प्रभावित गांव का हाल लेने के लिए स्वास्थ्य महकमे के मुखिया सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार स्वयं डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईके राय के साथ गांव में पहुंचे। मुसहर बस्ती जाने के रास्ते पर जल जमाव के चलते वे बस्ती के बाहर ही रूक गए और पीड़ितों को बुला कर हाल लिया। इस दौरान डायरिया से मृत हुई मनीषा और नंदनी के परिजनों ने सीएमओ को कफी खरी-खरी सुनाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और राजकीय मेडिकल कालेज की लापरवाही के चलते ही दोनों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सीएचसी से मरीज नहीं संभल रहे थे तो राजकीय मेडिकल कालेज के बजाए जिला अस्पताल भेजना चाहिए था। ग्रामीणों के आरोप के बाद भी सीएमओ ने सीएचसी की टीम को क्लीनचिट देते हुए सराहना किया। उन्होंने कहा कि सीएचसी की पूरी टीम काफी मेहनत कर रही है। पहले दिन जहां 50-60 की संख्या में मरीज थे वो अब घट कर 15-20 की संख्या में सिमट गए है। गांव में दवा वितरण के साथ ही फागिंग कराई जा रही है।
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दो डॉक्टरों का रोका एक दिन का वेतन, मांगा स्पष्टीकरण
आजमगढ़। गंजोर गांव का निरीक्षण कर लौटते समय सीएमओ ने पीएचसी खरिहानी और चक्रपानपुर का भी औचक निरीक्षण किया। इन दोनों अस्पतालों पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अफित सिंह व डॉ. पीयूष श्रीवास्तव अनुपस्थित पाए गए। जिस पर सीएमओ ने दोनों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। पीएचसी चंक्रपानपुर पर अच्छी संख्या डिलेवरी कराये जाने पर स्टाफ की सराहना की और प्रसव कक्ष के साज-सज्जा को और बेहतर करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यसंस्कृति में बदलाव लाते हुए बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया।
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