फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   जिले में अवैध रूप से हो रहा 450 ईंट भट्ठों का संचालन

जिले में अवैध रूप से हो रहा 450 ईंट भट्ठों का संचालन

Sun, 20 May 2018 12:25 AM IST
Updated Sun, 20 May 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
जिले में अवैध रूप से हो रहा 450 ईंट भट्ठों का संचालन
आजमगढ़। प्रदेश में बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के अवैध रूप से संचालित हो रहे भट्ठों पर शासन की निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। शासन ने प्रदेश के सभी जनपदों के खान निरीक्षकों को पत्र भेजकर बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के संचालित ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जनपद में लगभग छह सौ ईंट भट्ठों का संचालन किया जाता है। पूर्व में जिस समय भट्ठों का संचालन शुरू होने का समय आया तब शासन का फरमान आया कि बिना रॉयल्टी जमा किए और अनापत्ति प्रमाण पत्र के ईंट भट्ठों का संचालन नहीं होगा। शासन के निर्देश को देखते हुए जिन ईंट भट्ठा संचालकों ने इसकी गंभीरता को समझा उनमें से लगभग 78 भट्ठा संचालकों ने खनन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया। वहीं लगभग 65 भट्ठा संचालकों ने अपनी फाइल को अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए खनन कार्यालय में जमा कर रखी है। लेकिन शेष लगभग 450 लोग ऐसे हैं जिन्होंने इस गंभीरता से नहीं लिया और अवैध से संचालन करते रहे। अब शासन की ओर से जिलाधिकारी को यह पत्र आया कि बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के संचालित ईंट भट्ठों को हर हाल में बंद कराया जाए। शासन के निर्देश पर खान निरीक्षक ऐसे भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में हैं। शिवाकान्त द्विवेदी, जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त खान निरीक्षक और क्षेत्रीय अधिकारी जनपद में संचालित ऐसे ईंट-भट्ठे जो पर्यावरणीय अनापत्ति के बगैर चल रहे हैं और जिन ईंट-भट्ठों की रायल्टी जमा नहीं है, उनको तत्काल बन्द करवाकर आख्या प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड को प्रस्तुत करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed