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कुकर्मी पर एनएसए की हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
Updated Thu, 26 Oct 2017 12:38 AM IST
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आजमगढ़। दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहन गांव में दो मासूमों के साथ कुर्कम करके उनकी लाश को जमीन में दफना देने वाले आरोपी रितेश सिंह के विरुद्ध जिला प्रशासन की तरफ से की गई एनएसए की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी। रितेश के अलावा जिला प्रशासन की तरफ से तीन अन्य घटनाओं के आरोपियों पर भी एनएसए की कार्रवाई करते हुए हाईकोर्ट को रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द ही इन मामलों में भी प्रशासन को सफलता मिलने की उम्मीद है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अब तक एनएसए के तहत पूर्व में की गई कार्रवाई का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। ऐसे में यह पहली कार्रवाई मानी जा रही है।
बता दें कि दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहन गांव निवासी अजय तिवारी का आठ वर्षीय बेटा आदित्य तिवारी गांव के एक प्राइवेट विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ता था। 13 मई 2017 को गांव के रामकिशोर के घर तिलकोत्सव का कार्यक्रम था। जिसमें आदित्य भी गया हुआ था। लेकिन यहीं से वह गायब हो गया। आदित्य की लाश दूसरे दिन 14 मई को गांव के उत्तर पोखरी के पास देखी गई। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान और कपड़े खुले हुए थे। लोगों के कहने पर पुलिस गांव के रितेश सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह आदित्य के साथ कुर्कम करने के बाद उसकी हत्या कर लाश को जमीन में गाड़ दिया था। पूछताछ के दौरान रितेश ने बताया था कि उसके परिवार से गांव के राघव सिंह से रंजिश चलती थी। जिसके चलके वह बदला लेने के लिए 23 अप्रैल 2017 को राघव के छह वर्षीय पुत्र आर्यन के साथ कुकर्म करके उसकी हत्या कर दिया और लाश पोखरे में फेंक दिया था। यह सब आदित्य वहां पहुंच गया था और उसने पूरा घटनाक्रम देख लिया था। सबूत नष्ट करने के लिए रितेश ने घटना के चश्मदीद आदित्य के साथ ऐसा किया। लोगों के आग्रह पर पुलिस ने उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू करते हुए डीएम के यहां रिपोर्ट भेजी। कोर्ट के निर्देश पर डीएम चंद्रभूषण सिंह और एसपी अजय कुमार साहनी कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे। जबकि आरोपी रितेश की तरफ से भी अपना पक्ष रखा गया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगा दी।
क्या है एनएसए की प्रक्रिया
आजमगढ़। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। जिनके कृत्य से समाज में भय फैलता है। व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे लोगों को डीएम अपने विवेक के आधार पर पुलिस से रिपोर्ट मंगाकर 12 दिन के लिए उसे जेल भेजवा सकते हैं। इस दौरान हाईकोर्ट के विशेष जज के समक्ष अपनी रिपोर्ट देते हैं। वहां आरोपी और अधिकारी दोनों मौजूद होकर अपना-अपना पक्ष रखते हैं। तथ्य और सबूत के आधार पर हाईकोर्ट के विशेष जज इसका फैसला करते हैं। इसके अलावा डीएम जिस किसी को भी 12 दिन के लिए जेल भेजवाते हैं। इस बीच उससे जवाब भी मांगते हैं। यदि आरोपी के जवाब से डीएम संतुष्ट होंगे तो स्वयं भी उसे छोड़वा सकते हैं।
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दीदारगंज के सुरहन गांव निवासी रितेश सिंह के विरुद्ध एनएसए के तहत की गई कार्रवाई को हाईकोर्ट के विशेष जज ने भी स्वीकार कर लिया है। एनएसए के तहत पूर्व में हुई कार्रवाई का अब तक कोई रिकार्ड नहीं मिलने से यह पहली कार्रवाई मानी जा रही है। तीन और मामलों में शामिल आरोपियों पर एनएसए लगाने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। जो लंबित है। - अजय कुमार साहनी, एसपी
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बता दें कि दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहन गांव निवासी अजय तिवारी का आठ वर्षीय बेटा आदित्य तिवारी गांव के एक प्राइवेट विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ता था। 13 मई 2017 को गांव के रामकिशोर के घर तिलकोत्सव का कार्यक्रम था। जिसमें आदित्य भी गया हुआ था। लेकिन यहीं से वह गायब हो गया। आदित्य की लाश दूसरे दिन 14 मई को गांव के उत्तर पोखरी के पास देखी गई। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान और कपड़े खुले हुए थे। लोगों के कहने पर पुलिस गांव के रितेश सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह आदित्य के साथ कुर्कम करने के बाद उसकी हत्या कर लाश को जमीन में गाड़ दिया था। पूछताछ के दौरान रितेश ने बताया था कि उसके परिवार से गांव के राघव सिंह से रंजिश चलती थी। जिसके चलके वह बदला लेने के लिए 23 अप्रैल 2017 को राघव के छह वर्षीय पुत्र आर्यन के साथ कुकर्म करके उसकी हत्या कर दिया और लाश पोखरे में फेंक दिया था। यह सब आदित्य वहां पहुंच गया था और उसने पूरा घटनाक्रम देख लिया था। सबूत नष्ट करने के लिए रितेश ने घटना के चश्मदीद आदित्य के साथ ऐसा किया। लोगों के आग्रह पर पुलिस ने उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू करते हुए डीएम के यहां रिपोर्ट भेजी। कोर्ट के निर्देश पर डीएम चंद्रभूषण सिंह और एसपी अजय कुमार साहनी कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे। जबकि आरोपी रितेश की तरफ से भी अपना पक्ष रखा गया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगा दी।
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क्या है एनएसए की प्रक्रिया
आजमगढ़। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। जिनके कृत्य से समाज में भय फैलता है। व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे लोगों को डीएम अपने विवेक के आधार पर पुलिस से रिपोर्ट मंगाकर 12 दिन के लिए उसे जेल भेजवा सकते हैं। इस दौरान हाईकोर्ट के विशेष जज के समक्ष अपनी रिपोर्ट देते हैं। वहां आरोपी और अधिकारी दोनों मौजूद होकर अपना-अपना पक्ष रखते हैं। तथ्य और सबूत के आधार पर हाईकोर्ट के विशेष जज इसका फैसला करते हैं। इसके अलावा डीएम जिस किसी को भी 12 दिन के लिए जेल भेजवाते हैं। इस बीच उससे जवाब भी मांगते हैं। यदि आरोपी के जवाब से डीएम संतुष्ट होंगे तो स्वयं भी उसे छोड़वा सकते हैं।
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दीदारगंज के सुरहन गांव निवासी रितेश सिंह के विरुद्ध एनएसए के तहत की गई कार्रवाई को हाईकोर्ट के विशेष जज ने भी स्वीकार कर लिया है। एनएसए के तहत पूर्व में हुई कार्रवाई का अब तक कोई रिकार्ड नहीं मिलने से यह पहली कार्रवाई मानी जा रही है। तीन और मामलों में शामिल आरोपियों पर एनएसए लगाने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। जो लंबित है। - अजय कुमार साहनी, एसपी