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सावन की बूंदों ने किसानों को पहुंचाई राहत
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़। बारिश न होने से चिंतित किसानों और आम जनमानस को अब जाकर राहत मिली है। सावन के दूसरे दिन रविवार को झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। खेतों में पानी भरने के बाद किसान धान की रोपाई करने में जुट गए। इस बारिश ने सबसे ज्यादा खुशी किसानों को पहुंचाई है। हालांकि इस बारिश से नगर में जगह जगह जलजमाव होने की वजह से लोग परेशान हैं।
बरसात के एक महीना बीतने के बाद भी बारिश न होने से सभी लोग चिंतित थे। सबसे ज्यादा परेशान किसान थे, क्योंकि खेतों में धान की नर्सरी सूख रही थी। किसान रोपाई की आशा छोड़ चुके थे। लेकिन जुलाई महीने के आखिरी समय में शुरू हुई मानसूनी बारिश ने अब सभी को तृप्त कर दिया है। रविवार को सावन के दूसरे दिन भगवान भोलेनाथ की कृपा अपने भक्तों पर हुई और झमाझम बारिश हुई। इस बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो गया और किसान धान की रोपाई करने में जुट गए। जिन किसानों के पास हल और बैल थे वह उन्हें लेकर खेत में उतर गए। लेकिन जिसके पास स्वयं का संसाधन नहीं था उसने किराए पर ट्रैक्टर को बुलाकर खेत की जुताई कराकर उसे रोपाई के योग्य तैयार करने में जुट गए। वहीं नगर क्षेत्र में इस बारिश ने नगरपालिका के साफ-सफाई के दावों की पोल खोल दी। जगह-जगह जल-जमाव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सगड़ी प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान धान की रोपाई के लिए खेत की तैयारी करके धान की रोपाई में जुट गए हैं। बारिश की इंतजार में धान की नर्सरी खराब हो रही थी, वही लगभग 15 से 20 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई थी बारिश होने से किसान जीजान से धान की रोपाई करने में जुट गए हैं। साथ ही बच्चे बारिश का आनंद उठाते हुए देखे गए। तहसील क्षेत्र के मालटारी, बोझिया, महुलिया, कठैचा, अंडाखोर, कोठिया, कुदारन तिवारी, रामगढ़, बरकोठा, मिर्जापुर, पकवाइनार, जीयनपुर, मनिकाडीह, भीमबर, अजमतगढ़, अंजानशहीद, सगड़ी, बिलरियागंज, बागखालिस, रजादेपुर, आखीपुर, देऊपुर सहित पूरे क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई।
बरसात के एक महीना बीतने के बाद भी बारिश न होने से सभी लोग चिंतित थे। सबसे ज्यादा परेशान किसान थे, क्योंकि खेतों में धान की नर्सरी सूख रही थी। किसान रोपाई की आशा छोड़ चुके थे। लेकिन जुलाई महीने के आखिरी समय में शुरू हुई मानसूनी बारिश ने अब सभी को तृप्त कर दिया है। रविवार को सावन के दूसरे दिन भगवान भोलेनाथ की कृपा अपने भक्तों पर हुई और झमाझम बारिश हुई। इस बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो गया और किसान धान की रोपाई करने में जुट गए। जिन किसानों के पास हल और बैल थे वह उन्हें लेकर खेत में उतर गए। लेकिन जिसके पास स्वयं का संसाधन नहीं था उसने किराए पर ट्रैक्टर को बुलाकर खेत की जुताई कराकर उसे रोपाई के योग्य तैयार करने में जुट गए। वहीं नगर क्षेत्र में इस बारिश ने नगरपालिका के साफ-सफाई के दावों की पोल खोल दी। जगह-जगह जल-जमाव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सगड़ी प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान धान की रोपाई के लिए खेत की तैयारी करके धान की रोपाई में जुट गए हैं। बारिश की इंतजार में धान की नर्सरी खराब हो रही थी, वही लगभग 15 से 20 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई थी बारिश होने से किसान जीजान से धान की रोपाई करने में जुट गए हैं। साथ ही बच्चे बारिश का आनंद उठाते हुए देखे गए। तहसील क्षेत्र के मालटारी, बोझिया, महुलिया, कठैचा, अंडाखोर, कोठिया, कुदारन तिवारी, रामगढ़, बरकोठा, मिर्जापुर, पकवाइनार, जीयनपुर, मनिकाडीह, भीमबर, अजमतगढ़, अंजानशहीद, सगड़ी, बिलरियागंज, बागखालिस, रजादेपुर, आखीपुर, देऊपुर सहित पूरे क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई।
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