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धरी रह गई तैयारियां, नहीं पहुंचे सर्किट हाउस
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:55 PM IST
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आजमगढ़। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्हें करीब पैंतीस मिनट तक सर्किट हाउस में बिताना था। लेकिन उनके सर्किट हाउस न जाने से ना केवल प्रशासन की सारी तैयारी धरी-की धरी रह गईं बल्कि रूट डायवर्जन करने से आमजन को भी काफी परेशानी के दौर से गुजरना पड़ा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्हें दोपहर 12.30 बजे से 1.5 बजे तक सर्किट हाउस में रहना था। डिप्टी सीएम के पिछले कार्यक्रम के दौरान सर्किट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान रोजगार सेवकों की ओर से उनके काफिले को रोकने आदि बातों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। सर्किट हाउस गेट पर सीओ सदर सच्चिदानंद के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर परमानंद मिश्रा, रानी की सराय गिरीश चंद्र सेठ, एसओ बरदह सुरेश चंद्र के साथ-साथ भारी मात्रा में महिला और पुरुष कांस्टेबल लगाए गए थे। इसके अलावा एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह स्वयं मौजूद होकर जायजा ले रहे थे। सर्किट हाउस में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस वालों ने गेट बंद कर दिया था। कैंपस के भीतर काम करने वाले और कॉलोनी में रहने वालों की भी सघन तलाशी के बाद प्रवेश दिया जा रहा था। कई अपरिचितों को लौटा दिया गया। सर्किट हाउस पर कई भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे हुए थे। भाजपा नेताओं की मानें तो डिप्टी सीएम का सर्किट हाउस पर आने का कार्यक्रम नहीं था। लेकिन दो दिन पूर्व सोमवार को केंद्रीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगमंत्री कलराज मिश्रा सर्किट हाउस पहुंचे। शहर में जाम की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को वहां पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में कलराज सर्किट हाउस में करीब सवा घंटे बैठे रहे। इस दौरान सर्किट हाउस के कर्मचारियों की ओर से चाय-पानी की व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे नाराज होकर कलराज मिश्र ने केशव मौर्य को सर्किट हाउस जाने की बात कही थी। क्योंकि सर्किट हाउस की देखरेख लोक निर्माण विभाग करता है और इस विभाग के मंत्री भी केशव प्रसाद ही हैं।
सर्किट हाउस की मरम्मत और देखरेख की सारी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होती है। जिला प्रशासन अपने हिसाब से उसे अधिकारी, मंत्री या विशिष्टजनों के लिए बुक करता है। - चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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हमारा विभाग देखरेख करता है। मंत्री, अधिकारी या विशिष्टजनों के आने पर चाय, नाश्ते आदि की व्यवस्था संबंधित लोग करते हैं। - अभिनेष कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड पांच
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्हें दोपहर 12.30 बजे से 1.5 बजे तक सर्किट हाउस में रहना था। डिप्टी सीएम के पिछले कार्यक्रम के दौरान सर्किट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं में हुई मारपीट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान रोजगार सेवकों की ओर से उनके काफिले को रोकने आदि बातों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे। सर्किट हाउस गेट पर सीओ सदर सच्चिदानंद के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर परमानंद मिश्रा, रानी की सराय गिरीश चंद्र सेठ, एसओ बरदह सुरेश चंद्र के साथ-साथ भारी मात्रा में महिला और पुरुष कांस्टेबल लगाए गए थे। इसके अलावा एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह स्वयं मौजूद होकर जायजा ले रहे थे। सर्किट हाउस में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस वालों ने गेट बंद कर दिया था। कैंपस के भीतर काम करने वाले और कॉलोनी में रहने वालों की भी सघन तलाशी के बाद प्रवेश दिया जा रहा था। कई अपरिचितों को लौटा दिया गया। सर्किट हाउस पर कई भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे हुए थे। भाजपा नेताओं की मानें तो डिप्टी सीएम का सर्किट हाउस पर आने का कार्यक्रम नहीं था। लेकिन दो दिन पूर्व सोमवार को केंद्रीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योगमंत्री कलराज मिश्रा सर्किट हाउस पहुंचे। शहर में जाम की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को वहां पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में कलराज सर्किट हाउस में करीब सवा घंटे बैठे रहे। इस दौरान सर्किट हाउस के कर्मचारियों की ओर से चाय-पानी की व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे नाराज होकर कलराज मिश्र ने केशव मौर्य को सर्किट हाउस जाने की बात कही थी। क्योंकि सर्किट हाउस की देखरेख लोक निर्माण विभाग करता है और इस विभाग के मंत्री भी केशव प्रसाद ही हैं।
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सर्किट हाउस की मरम्मत और देखरेख की सारी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होती है। जिला प्रशासन अपने हिसाब से उसे अधिकारी, मंत्री या विशिष्टजनों के लिए बुक करता है। - चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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हमारा विभाग देखरेख करता है। मंत्री, अधिकारी या विशिष्टजनों के आने पर चाय, नाश्ते आदि की व्यवस्था संबंधित लोग करते हैं। - अभिनेष कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड पांच