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जिले के 4867 गन्ना किसानों ने नहीं भरा ऑनलाइन घोषणा पत्र

Sat, 01 Jan 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jan 2022 11:48 PM IST
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4867 sugarcane farmers of the district did not fill the online declaration form
आजमगढ़। पेराई सत्र 2021-22 में चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने से पहले किसानों को ऑनलाइन घोषणापत्र भरने की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। 31 दिसंबर आखिरी तारीख थी। जनपद में 12022 किसानों ने ऑनलाइन घोषणा पत्र भर दिया है, जबकि 4867 किसानों ने घोषणा पत्र नहीं भरा है।
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इस संबंध में गन्ना विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। जिले में करीब 16889 गन्ना किसान हैं। यह किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। गन्ना विभाग किसानों से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरवाता है। इसके अनुसार ही किसानों को पर्ची जारी होती है। इसके अलावा किसानों का सट्टा भी बढ़ता है। जिले के करीब 4867 किसान अभी ऐसे हैं जिन्होंने अपना घोषणा पत्र नहीं भरा है। जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि आयुक्त गन्ना एवं चीनी संजय आर भूसरेड्डी ने किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने की तिथि 25 से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी थी। विभाग की माने तो 31 दिसंबर तक चार हजार से अधिक किसानों ने घोषणा पत्र नहीं भरा। घोषणापत्र न भरने पर एसएमएस गन्ना पर्ची जारी नहीं होगी। इसके अलावा सामान्य बढ़ोत्तरी, उपज बढ़ोत्तरी, सट्टा बढ़ोत्तरी आदि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि घोषणा पत्र भरने के लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2021 निर्धारित थे जो समाप्त हो चुकी है। अभी तक शासन से कोई आदेश नहीं आया है। आदेश के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
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अब बकाया गन्ना मूल्य के बदले चीनी ले सकेंगे किसान : आजमगढ़। गन्ना किसानों को बकाया चुकाने के लिए विभाग की ओर से चीनी देने की बात की जा रही। चीनी मिल सठियांव से गन्ना के मूल्य के बदले चीनी देने की योजना है। इसमें जिन किसानों को तुरंत पैसे की जरूरत है वह मिल से चीनी का उठान कर सकते हैं। अन्यथा भुगतान बजट मिलने पर पूर्व की भांति ही किया जाएगा। प्रत्येक किसान को एक क्विंटल चीनी हर महीने उस दिन की चीनी की न्यूनतम बिक्री मूल्य एवं जीएसटी के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि इच्छुक गन्ना किसान अपने साधनों द्वारा मिल गोदाम से चीनी उठान करेंगे। इसके लिए उन्हें यातायात व्यय की कोई प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी। चीनी का वितरण केंद्र सरकार द्वारा संबंधित मिल के निर्धारित मासिक कोटे के तहत ही होगा तथा जीएसटी को नियमानुसार राजकोष में जमा करने की जिम्मेदारी चीनी मिल की ही होगी। यदि जीएसटी जमा करने अथवा न्यूनतम मूल्य से अधिक मूल्य पर किसानों को चीनी दिए जाने का मामला संज्ञान में आएगा तो संबंधित मिल इसके लिए हम्मेदार होगी। यदि मिल द्वारा उस दिन कोई चीनी मिल बिक्री नहीं की गई है तो उसके पूर्व दिवस में चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तथा जीएसटी के आधार पर किसानों को चीनी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि एक बोरी चीनी किसानों को 3035 रुपये प्रति बोरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी किसान का भुगतान बकाया है तो वह चीनी मिल से चीनी प्राप्त कर सकता है।
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