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बिना मान्यता के चल रहे 44
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आजमगढ़। जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों को चिन्हित करने की कवायद पूरी हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने कुल 448 विद्यालयों को चिन्हित किया है। बीएसए ने बुधवार की शाम इसकी सूची जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह को सौंप दिया है।
बिना मान्यता व मानक के इतर संचालित हो रहे विद्यालयों को बंद कराने का निर्देश शासन से नया सत्र शुरू होने के पूर्व ही दिया था। जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह पदभार संभालने के बाद ही बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को चिन्हित कर बंद कराने का फरमान जारी किया और इसकी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षाधिकारी को दी। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से बुधवार को ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करने की कवायद पूर्ण कर ली गई। जिले में कुल 448 बिना मान्यता के विद्यालय संचालित होते पाये गये। जिसमें से 114 को चिन्हिकरण की कवायद के दौरान ही बंद करा दिया गया। वहीं शेष 334 विद्यालयों पर नोटिस चस्पा कर तत्काल विद्यालय बंद करने का निर्देश प्रबंधक व प्रधानाचार्य को दिया गया है। बुधवार की शाम बीएसए ने चिन्हित विद्यालयों की सूची जिलाधिकारी को सौंप दिया और अब तक हुई कृत कारवाई से भी उन्हें अवगत करा दिया है। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिन विद्यालयों को नोटिस जारी की गई है, उनकी पुन: जांच करायी जायेगी। यदि विद्यालय संचालित होते पाये जाएंगे तो उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। इसके बाद भी यदि विद्यालय खुले मिलते है तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूल किया जायेगा।
बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का क्रम लगातार जारी है। गुरुवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में बिना मान्यता वाले स्कूलों को बंद कराने की कवायद की गई।
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लाटघाट/सगड़ी संवाददाता के अनुसार हरैया व अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र में लगभग तीन दर्जन बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हो रहे है। खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण कर ऐसे विद्यालयों को बंद कराया जा रहा है और इसमें पढ़ने वाले बच्चों को घर भेज कर परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कराने को कहा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे विद्यालय संचालित होते पाये गये जो टीनशेड व जर्जर भवनों में चलाये जा रहे थे वहीं इनके पास मान्यता तक नहीं थी। फूलपुर संवाददाता के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्र में संचालित हो रहे बिना मान्यता वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई का क्रम जोरशोर से चल रहा है। गुरुवार को भी खंड शिक्षाधिकारी ने कई विद्यालयों पर नोटिस चस्पा किया और प्रबंधक व प्रधानाचार्य को तत्काल विद्यालय बंद करने का निर्देश दिया।
कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हुए प्रबंधक
अहरौला। बिना मान्यता चल रहे स्कूलों के खिलाफ जोरशोर से शुरू हुई कार्रवाई से प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है। वहीं ऐसे विद्यालयों के प्रबंधक प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हो गये है। राष्ट्रीय वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक समिति की बैठक गुरुवार को मदरसा इस्लामियां दीन पकड़ी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिजेश यादव की अध्यक्षता में हुई। जिसमें कार्रवाई पर आक्रोश जताया गया और मानक पूरा करने के लिए प्रशासन से छह माह के समय की मांग की गई। प्रबंधकों ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्रवाई के नाम पर शिक्षाधिकारी प्रबंधकों का उत्पीड़न कर रहे है। बैठक में चंद्रशेखर प्रजापति, वीके अस्थाना, लल्लन गिरी, धीरेंद्र शर्मा, अनुराग शर्मा, बालचंद प्रजापति, त्रिशुलधारी, अखिलेश आदि मौजूद रहे।
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बिना मान्यता व मानक के इतर संचालित हो रहे विद्यालयों को बंद कराने का निर्देश शासन से नया सत्र शुरू होने के पूर्व ही दिया था। जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह पदभार संभालने के बाद ही बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को चिन्हित कर बंद कराने का फरमान जारी किया और इसकी जिम्मेदारी बेसिक शिक्षाधिकारी को दी। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से बुधवार को ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करने की कवायद पूर्ण कर ली गई। जिले में कुल 448 बिना मान्यता के विद्यालय संचालित होते पाये गये। जिसमें से 114 को चिन्हिकरण की कवायद के दौरान ही बंद करा दिया गया। वहीं शेष 334 विद्यालयों पर नोटिस चस्पा कर तत्काल विद्यालय बंद करने का निर्देश प्रबंधक व प्रधानाचार्य को दिया गया है। बुधवार की शाम बीएसए ने चिन्हित विद्यालयों की सूची जिलाधिकारी को सौंप दिया और अब तक हुई कृत कारवाई से भी उन्हें अवगत करा दिया है। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिन विद्यालयों को नोटिस जारी की गई है, उनकी पुन: जांच करायी जायेगी। यदि विद्यालय संचालित होते पाये जाएंगे तो उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। इसके बाद भी यदि विद्यालय खुले मिलते है तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूल किया जायेगा।
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बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का क्रम लगातार जारी है। गुरुवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में बिना मान्यता वाले स्कूलों को बंद कराने की कवायद की गई।
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लाटघाट/सगड़ी संवाददाता के अनुसार हरैया व अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र में लगभग तीन दर्जन बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हो रहे है। खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण कर ऐसे विद्यालयों को बंद कराया जा रहा है और इसमें पढ़ने वाले बच्चों को घर भेज कर परिषदीय विद्यालयों में नामांकन कराने को कहा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे विद्यालय संचालित होते पाये गये जो टीनशेड व जर्जर भवनों में चलाये जा रहे थे वहीं इनके पास मान्यता तक नहीं थी। फूलपुर संवाददाता के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्र में संचालित हो रहे बिना मान्यता वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई का क्रम जोरशोर से चल रहा है। गुरुवार को भी खंड शिक्षाधिकारी ने कई विद्यालयों पर नोटिस चस्पा किया और प्रबंधक व प्रधानाचार्य को तत्काल विद्यालय बंद करने का निर्देश दिया।
कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हुए प्रबंधक
अहरौला। बिना मान्यता चल रहे स्कूलों के खिलाफ जोरशोर से शुरू हुई कार्रवाई से प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है। वहीं ऐसे विद्यालयों के प्रबंधक प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हो गये है। राष्ट्रीय वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक समिति की बैठक गुरुवार को मदरसा इस्लामियां दीन पकड़ी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिजेश यादव की अध्यक्षता में हुई। जिसमें कार्रवाई पर आक्रोश जताया गया और मानक पूरा करने के लिए प्रशासन से छह माह के समय की मांग की गई। प्रबंधकों ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्रवाई के नाम पर शिक्षाधिकारी प्रबंधकों का उत्पीड़न कर रहे है। बैठक में चंद्रशेखर प्रजापति, वीके अस्थाना, लल्लन गिरी, धीरेंद्र शर्मा, अनुराग शर्मा, बालचंद प्रजापति, त्रिशुलधारी, अखिलेश आदि मौजूद रहे।