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राष्ट्रीय लोक अदालत में 5,127 मुकदमों का हुआ निस्तारण
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। जिले में आठ दिसंबर 2018 का दिन न्यायिक इतिहास में खास रहा है। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को दिन भर चली राष्ट्रीय लोग अदालत में न्यायिक अधिकारियों ने सुलह-समझौते के आधार पर 5,128 मुकदमों का निस्तारण कर दिया। इससे लंबे समय तक मुकदमों का तनाव झेल रहे वादकारियों में खुशी देखी गई। लोगों का कहना था कि मुकदमा का निस्तारण हो जाने से समय और धन की बचत हुई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय के तत्वावधान में आयोजित की गई लोक अदालत का उद्घाटन न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में जनपद न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने किया। जिसमें न्यायालय के पीठासीन अधिकारी लक्ष्य के सापेक्ष न्यायिक अधिकारी मुकदमों के निस्तारण में जुट गए। निपटाए गए मुकदमों के संबंध में जिला विधिक सेवा के सचिव रामेंद्र कुमार ने बताया कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के विभिन्न अदालतों द्वारा कुल 17 वादों के निस्तारण में प्राप्त 14 लाख 90 हजार 000 रुपया मृतकों के आश्रितों और पीड़ितों को दिलाए जाने का आदेश दिया गया। पारिवारिक न्यायाधीश द्वारा कुल 34 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 11 वादों में पति और पत्नी को न्यायालय से इंसाफ मिला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत से फौजदारी के 1235 वाद, समेत विभिन्न फौजदारी की अदालतों से कुल 3515 वाद, सिविल वाद 228, कलेक्ट्रेट वाद 942, बैंक से संबंधित 443 वादों के निस्तारण में 3 करोड़ 62 लाख 40 हजार 493 रुपयों की रिकवरी हुई। इस दौरान जनपद न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, अपर जिला सर्वेश चंद्र पांडेय, वरिष्ठ सिविल जज अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट एसीजेएम समेत अनेक अदालते कार्यरत रही।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीवानी न्यायालय के तत्वावधान में आयोजित की गई लोक अदालत का उद्घाटन न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में जनपद न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने किया। जिसमें न्यायालय के पीठासीन अधिकारी लक्ष्य के सापेक्ष न्यायिक अधिकारी मुकदमों के निस्तारण में जुट गए। निपटाए गए मुकदमों के संबंध में जिला विधिक सेवा के सचिव रामेंद्र कुमार ने बताया कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के विभिन्न अदालतों द्वारा कुल 17 वादों के निस्तारण में प्राप्त 14 लाख 90 हजार 000 रुपया मृतकों के आश्रितों और पीड़ितों को दिलाए जाने का आदेश दिया गया। पारिवारिक न्यायाधीश द्वारा कुल 34 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें 11 वादों में पति और पत्नी को न्यायालय से इंसाफ मिला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत से फौजदारी के 1235 वाद, समेत विभिन्न फौजदारी की अदालतों से कुल 3515 वाद, सिविल वाद 228, कलेक्ट्रेट वाद 942, बैंक से संबंधित 443 वादों के निस्तारण में 3 करोड़ 62 लाख 40 हजार 493 रुपयों की रिकवरी हुई। इस दौरान जनपद न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, अपर जिला सर्वेश चंद्र पांडेय, वरिष्ठ सिविल जज अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट एसीजेएम समेत अनेक अदालते कार्यरत रही।
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