आजमगढ़। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के नियमों का उल्लंधन कर खेतों में फसल अवशेष जलाने में अब तक 37 मामले पकड़े गए है। 37 किसानों पर 92500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें किसानों से 40 हजार रुपये जमा कराए गए हैं। खेतों में फसल अवशेष जलाने की निगरानी की जा रही है। जिले की बूढ़नपुर और मेंहनगर तहसील में सबसे अधिक फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए। दोनों तहसीलों में 12-12 घटनाएं हुई हैं। लालगंज और सगड़ी तहसील क्षेत्र में पांच- पांच घटनाएं, निजामाबाद, सदर व फूलपुर तहसील क्षेत्र में पराली जलने की एक- एक घटनाएं प्रकाश में आई हैं। वहीं तहसील मार्टीनगंज में इस तरह की कोई भी घटना चिह्नित नही हुई है। पराली, गन्ने की पत्ती व कूड़ा अपशिष्ट न जलाए जाने के लिए डीएम के निर्देश पर कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों को जागरूक भी कर रहे हैं।
37 किसानों में से तहसील बूढ़नपुर के कौडिया के किसान दुर्गेश, तहसील सगड़ी के छपरा सुल्तानपुर के किसान विपुल कुमार को पांच- पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इनके अलावा अन्य किसानों पर ढाई- ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इस संबंध में उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। 37 किसानों पर 92500 जुर्माना लगाया गया है। इसमेें 40 हजार जमा कराए गए हैं।