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तिरंगे के साथ निकाली सेवानिवृत कर्नल की शवयात्रा
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:08 AM IST
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ठेकमा। बरदह कस्बा निवासी रिटायर्ड कर्नल रामकृष्ण राय का शव मंगलवार सुबह घर पहुंचा। इस दौरान गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने देश के लिए कई लड़ाइयों में योगदान दिया था। प्रदर्शन पर मेडल भी मिला था। शव को तिरंगे में लपेटकर गार्ड आफ आनर दिया गया। जौनपुर के रामघाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
रामकृष्ण राय काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज एक महीने से वाराणसी के प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा था। सोमवार की रात मौत होने पर मंगलवार सुबह शव पैतृक गांव पहुंचा। संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। रिटायर्ड कर्नल रामकृष्ण राय (83) का जन्म 1937 में हुआ था। वो 1989 में सेवानिवृत्त हुए थे। पाकिस्तान और चीन की लड़ाई में भी ये शामिल हुए थे। रिटायर होकर बरदह में ही कॉलेज खोलकर शिक्षा देने का कार्य कर रहे थे। थाना प्रभारी ज्ञानचन्द्र शुक्ला मय फोर्स के साथ पहुंचे। शव को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ आनर दिया गया। पुत्र राजेश राय ने जौनपुर के रामघाट पर पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
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रामकृष्ण राय काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज एक महीने से वाराणसी के प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा था। सोमवार की रात मौत होने पर मंगलवार सुबह शव पैतृक गांव पहुंचा। संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। रिटायर्ड कर्नल रामकृष्ण राय (83) का जन्म 1937 में हुआ था। वो 1989 में सेवानिवृत्त हुए थे। पाकिस्तान और चीन की लड़ाई में भी ये शामिल हुए थे। रिटायर होकर बरदह में ही कॉलेज खोलकर शिक्षा देने का कार्य कर रहे थे। थाना प्रभारी ज्ञानचन्द्र शुक्ला मय फोर्स के साथ पहुंचे। शव को तिरंगे में लपेटकर गार्ड ऑफ आनर दिया गया। पुत्र राजेश राय ने जौनपुर के रामघाट पर पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
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