{"_id":"59b0416f4f1c1bf07f8b46c2","slug":"31504723311-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटनायक कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटनायक कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की मांग
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर बुधवार को 18 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। परिषद द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा गया।
धरने को संबोधित करते हुये गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि यह सरकार बिल्कुल संवेदनहीन है। पटनायक कमेटी की सिफारिशों को लागू न करके सरकार कर्मचारियों के साथ छल कर रही है। वन विभाग के प्रान्तीय अध्यक्ष रामजतन यादव ने कहा कि आउटसोर्सिंग के कारण कर्मचारी हितों पर कुठाराघात एवं धन का अपव्यय हो रहा है। होमियो फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष रामचन्द्र यादव ने कहा कि यह सरकार 50 वर्ष अधिवर्षता आयु पर स्क्रीनिंग के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीडन कर रही है। अधिकारी किसी से भी नाराज होकर एक वर्ष की एसीआर खराब कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे रहे। रोडवेज के क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र यादव ने कहा कि रोडवेज में संविदा कर्मियों को नियमित करके नियमित भर्तियां की जाय। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद आजमगढ़ के संप्रेक्षक मातवर मिश्र ने कहा कि एक समान शैक्षिक और तकनीकि योग्यता वाले संवर्गो को एक समान वेतन और भत्ते अनुमन्य किये जाय। परिषद के उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार सिर्फ वादा करती है। विसंगतियों को अभी तक किसी को दूर नहीं किया गया। परिषद के मंत्री श्री सुबाष पाण्डेय ने कहा कि सरकार की कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीनता चरम पर है। मुख्यमंत्री के पास वेतन कमेटी के अध्यक्ष श्री पटनायक जी से मिलने तक का भी समय नहीं है। यह सरकार आसानी से कर्मचारियों की मांगों को मानने वाली नहीं है। प्रान्तीय हाईकमान के निर्णय के अनुसार भविष्य में परिणाम आने तक निर्णायक लड़ाई लड़ी जायेगी। परिषद के जिलाध्यक्ष पीएन सिंह ने कहा कि सरकार दिन प्रतिदिन कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात कर रही है, इसलिए एकजुट होकर संघर्ष करना आवश्यक हो गया है। धरने का संचालन गिरीश पाण्डेय ने किया।
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुये गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि यह सरकार बिल्कुल संवेदनहीन है। पटनायक कमेटी की सिफारिशों को लागू न करके सरकार कर्मचारियों के साथ छल कर रही है। वन विभाग के प्रान्तीय अध्यक्ष रामजतन यादव ने कहा कि आउटसोर्सिंग के कारण कर्मचारी हितों पर कुठाराघात एवं धन का अपव्यय हो रहा है। होमियो फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष रामचन्द्र यादव ने कहा कि यह सरकार 50 वर्ष अधिवर्षता आयु पर स्क्रीनिंग के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीडन कर रही है। अधिकारी किसी से भी नाराज होकर एक वर्ष की एसीआर खराब कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे रहे। रोडवेज के क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र यादव ने कहा कि रोडवेज में संविदा कर्मियों को नियमित करके नियमित भर्तियां की जाय। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद आजमगढ़ के संप्रेक्षक मातवर मिश्र ने कहा कि एक समान शैक्षिक और तकनीकि योग्यता वाले संवर्गो को एक समान वेतन और भत्ते अनुमन्य किये जाय। परिषद के उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार सिर्फ वादा करती है। विसंगतियों को अभी तक किसी को दूर नहीं किया गया। परिषद के मंत्री श्री सुबाष पाण्डेय ने कहा कि सरकार की कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीनता चरम पर है। मुख्यमंत्री के पास वेतन कमेटी के अध्यक्ष श्री पटनायक जी से मिलने तक का भी समय नहीं है। यह सरकार आसानी से कर्मचारियों की मांगों को मानने वाली नहीं है। प्रान्तीय हाईकमान के निर्णय के अनुसार भविष्य में परिणाम आने तक निर्णायक लड़ाई लड़ी जायेगी। परिषद के जिलाध्यक्ष पीएन सिंह ने कहा कि सरकार दिन प्रतिदिन कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात कर रही है, इसलिए एकजुट होकर संघर्ष करना आवश्यक हो गया है। धरने का संचालन गिरीश पाण्डेय ने किया।
विज्ञापन