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प्रधानों की मदद से सुधरेगी स्कूलों की हालत
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:23 PM IST
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पल्हनी। प्राथमिक स्कूलों की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट काफी गंभीर है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को तत्काल स्कूलों में आवश्यक कदम उठाते हुए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिले में भी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शौचालयों की बदहाली और सुविधाओं के अभाव का मामला किसी छिपा नहीं हैं। हालांकि जिलाधिकारी की ओर से समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि वह 14वां वित्त के पैसे से प्राथमिक स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएं।
बताते चलें कि परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ने की बजाए घटती जा रही है। इसका एक कारण प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी है। आज भी परिषदीय विद्यालयों के बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते हैं। शौचालय तो बने लेकिन इनमें से ज्यादातर प्रयोग करने के लायक ही नहीं है। जनपद में आज भी बहुत से विद्यालय ऐसे हैं जहां बिजली की व्यवस्था नहीं है। वहीं कई विद्यालयों में स्वच्छ जल की भी किल्लत है। कई विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप बेकार पड़े हैं। उनको रिबोर किए जाने की जरूरत है। जिले में प्राइमरी विद्यालयों की संख्या 2267 और जूनियर विद्यालयों की संख्या 987 है।
सभी विद्यालयों में शौचालय बनने के साथ ही हैंडपंप भी लगे हैं। जहां भी गड़बड़ी है उसे दूर करने का निर्देश दे दिया गया हे। जिलाधिकारी की ओर से समस्त वीडीओ को पत्र जारी हो चुका है कि वह 14वां वित्त के धन से प्रधान को साथ लेकर विद्यालय की मरम्मत आदि कराकर मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराएं। प्रमोद कुमार यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बताते चलें कि परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ने की बजाए घटती जा रही है। इसका एक कारण प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी है। आज भी परिषदीय विद्यालयों के बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते हैं। शौचालय तो बने लेकिन इनमें से ज्यादातर प्रयोग करने के लायक ही नहीं है। जनपद में आज भी बहुत से विद्यालय ऐसे हैं जहां बिजली की व्यवस्था नहीं है। वहीं कई विद्यालयों में स्वच्छ जल की भी किल्लत है। कई विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप बेकार पड़े हैं। उनको रिबोर किए जाने की जरूरत है। जिले में प्राइमरी विद्यालयों की संख्या 2267 और जूनियर विद्यालयों की संख्या 987 है।
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सभी विद्यालयों में शौचालय बनने के साथ ही हैंडपंप भी लगे हैं। जहां भी गड़बड़ी है उसे दूर करने का निर्देश दे दिया गया हे। जिलाधिकारी की ओर से समस्त वीडीओ को पत्र जारी हो चुका है कि वह 14वां वित्त के धन से प्रधान को साथ लेकर विद्यालय की मरम्मत आदि कराकर मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराएं। प्रमोद कुमार यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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