{"_id":"5ebbee038ebc3e9068718a39","slug":"2895-migrant-workers-arrived-in-azamgarh-from-ahmedabad-and-surat-azamgarh-news-vns5246382144","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहमदाबाद व सूरत से आजमगढ़ पहुंचे 2895 प्रवासी श्रमिक, वसूला गया किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अहमदाबाद व सूरत से आजमगढ़ पहुंचे 2895 प्रवासी श्रमिक, वसूला गया किराया
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर गुजरात से आए यात्री स्वास्थ्य परीक्षणके लिए खड़े।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। जिले में प्रवासी श्रमिकों के वापस लौटने का क्रम बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को अहमदाबाद से व मंगलवार की रात सूरत से श्रमिक स्पेशल ट्रेन आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इन दोनों ट्रेनों से कुल 2897 प्रवासी श्रमिक हुंचे। गुजरात से आई इन ट्रेनें में सवार यात्रियों से किराया भी वसूल किया गया है और रास्ते में भोजन पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं मिला। फिर भी सभी यात्री अपनी सरजमीं पर पहुंच कर खुश नजर आए।
बुधवार को दिन में लगभग 12 बजे अहमदाबाद से पहली ट्रेन पहुंची जिससे 1641 श्रमिक आए। दोपहर में ट्रेन के पहुंचने के चलते सभी गर्मी से बेहाल थे। सभी की स्टेशन पर स्क्रीनिंग हुई और फिर बसों से शेल्टर होम भेजे गए। इसके पूर्व मंगलवार की देर रात सूरत से एक ट्रेन श्रमिकों को लेकर पहुंची जिससे 1256 श्रमिक लौटे। इन श्रमिकों से भी गुजरात सरकार ने टिकट का पैसा वसूल किया था। इन्हें भी रात में स्टेशन पर ही जांच के बाद शेल्टर होम भेजा गया। रात में आई ट्रेन के काफी संख्या में मजदूरों को सदर तहसील परिसर में रोक कर क्वारंटीन किया गया। ट्रेन के आने के दौरान स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। आरपीएफ, जीआरपी, आरपीएफ के साथ ही सिविल पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी से स्टेशन पर जुटे हुए थे।
घंटों इंतजार को मजबूर हुए राजस्व व स्वास्थ्य कर्मी
ट्रेन से आजमगढ़ स्टेशन पर पहुंच रहे प्रवासी श्रमिकों की जांच व उनका डाटा कलेक्ट करने के लिए राजस्व विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई गई है। ट्रेनों के लेट लतीफी के चलते इन कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है। मंगलवार की रात सूरत से आने वाली ट्रेन का समय नौ बजे निर्धारित था लेकिन वो 11 बजे आई। वहीं बुधवार को अहमदाबाद से सुबह नौ बजे आने वाली ट्रेन दोपहर 12 बजे आई।
विज्ञापन
चौबीस घंटे के सफर में मिला मात्र एक बार खिचड़ी
आजमगढ़। गुजरात प्रांत से आ रही ट्रेनों में सवार हो कर घर पहुंच रहे श्रमिकों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। बुधवार को अहमदाबाद से पहुंची ट्रेन मंगलवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे अहमदाबाद से चली थी। ट्रेन के चलने के पूर्व स्टेशन पर यात्रियों को न तो भोजन दिया गया ना ही पानी की बोतल ही दी गई। रास्ते में मंगलवार की देर शाम ट्रेन जब जयपुर पहुंची तो वहां खिचड़ी दी गई। यूपी में कोई इंतजाम नहीं था। आजमगढ़ पहुंचने पर जिला प्रशासन ने भोजन व पानी उपलब्ध कराया। भोजन के पैकेट पाते ही सभी यात्री छांव खोज कर बैठ गए और पहले भोजन करने के बाद ही बसों में सवार होकर शेल्टर होम के लिए रवाना हुए।
650 का टिकट, वसूल किया 660 रुपए
अहमदाबाद से आने वाले यात्रियों से किराया भी वसूल किया गया। यही नहीं टिकट पर 650 रुपये अंकित था और सभी से 660 रुपये प्रति टिकट की दर से वसूली की गई।
कड़ी धूप में गर्मी से बिलबिला उठे
आजमगढ़। अहमदाबाद से आई ट्रेन दिन में लगभग 12 बजे आजमगढ़ स्टेशन पर पहुंची। स्टेशन पर प्लेटफार्म शेड काफी छोटा है, जिसके चलते ट्रेन से उतरने पर प्रवासियों को कड़ी धूप में लाइन लगानी पड़ी, जिसके चलते प्रवासी श्रमिक गर्मी से बिलबिला से उठे थे। पुलिस के जवान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लाइन के इतर आगे भेज कर उन्हें राहत पहुंचाने की कवायद में जुटे नजर आए।
विज्ञापन
बुधवार को दिन में लगभग 12 बजे अहमदाबाद से पहली ट्रेन पहुंची जिससे 1641 श्रमिक आए। दोपहर में ट्रेन के पहुंचने के चलते सभी गर्मी से बेहाल थे। सभी की स्टेशन पर स्क्रीनिंग हुई और फिर बसों से शेल्टर होम भेजे गए। इसके पूर्व मंगलवार की देर रात सूरत से एक ट्रेन श्रमिकों को लेकर पहुंची जिससे 1256 श्रमिक लौटे। इन श्रमिकों से भी गुजरात सरकार ने टिकट का पैसा वसूल किया था। इन्हें भी रात में स्टेशन पर ही जांच के बाद शेल्टर होम भेजा गया। रात में आई ट्रेन के काफी संख्या में मजदूरों को सदर तहसील परिसर में रोक कर क्वारंटीन किया गया। ट्रेन के आने के दौरान स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। आरपीएफ, जीआरपी, आरपीएफ के साथ ही सिविल पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी से स्टेशन पर जुटे हुए थे।
विज्ञापन
घंटों इंतजार को मजबूर हुए राजस्व व स्वास्थ्य कर्मी
ट्रेन से आजमगढ़ स्टेशन पर पहुंच रहे प्रवासी श्रमिकों की जांच व उनका डाटा कलेक्ट करने के लिए राजस्व विभाग व स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई गई है। ट्रेनों के लेट लतीफी के चलते इन कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है। मंगलवार की रात सूरत से आने वाली ट्रेन का समय नौ बजे निर्धारित था लेकिन वो 11 बजे आई। वहीं बुधवार को अहमदाबाद से सुबह नौ बजे आने वाली ट्रेन दोपहर 12 बजे आई।
विज्ञापन
चौबीस घंटे के सफर में मिला मात्र एक बार खिचड़ी
आजमगढ़। गुजरात प्रांत से आ रही ट्रेनों में सवार हो कर घर पहुंच रहे श्रमिकों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। बुधवार को अहमदाबाद से पहुंची ट्रेन मंगलवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे अहमदाबाद से चली थी। ट्रेन के चलने के पूर्व स्टेशन पर यात्रियों को न तो भोजन दिया गया ना ही पानी की बोतल ही दी गई। रास्ते में मंगलवार की देर शाम ट्रेन जब जयपुर पहुंची तो वहां खिचड़ी दी गई। यूपी में कोई इंतजाम नहीं था। आजमगढ़ पहुंचने पर जिला प्रशासन ने भोजन व पानी उपलब्ध कराया। भोजन के पैकेट पाते ही सभी यात्री छांव खोज कर बैठ गए और पहले भोजन करने के बाद ही बसों में सवार होकर शेल्टर होम के लिए रवाना हुए।
650 का टिकट, वसूल किया 660 रुपए
अहमदाबाद से आने वाले यात्रियों से किराया भी वसूल किया गया। यही नहीं टिकट पर 650 रुपये अंकित था और सभी से 660 रुपये प्रति टिकट की दर से वसूली की गई।
कड़ी धूप में गर्मी से बिलबिला उठे
आजमगढ़। अहमदाबाद से आई ट्रेन दिन में लगभग 12 बजे आजमगढ़ स्टेशन पर पहुंची। स्टेशन पर प्लेटफार्म शेड काफी छोटा है, जिसके चलते ट्रेन से उतरने पर प्रवासियों को कड़ी धूप में लाइन लगानी पड़ी, जिसके चलते प्रवासी श्रमिक गर्मी से बिलबिला से उठे थे। पुलिस के जवान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लाइन के इतर आगे भेज कर उन्हें राहत पहुंचाने की कवायद में जुटे नजर आए।

आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म से बाहर निकलते ही सोशल डिस्टेसिंग भूले यात्री।- फोटो : AZAMGARH

आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर छोटे बच्चों की थर्मल स्कैनिंग करता स्वास्थ्य कर्मी।- फोटो : AZAMGARH