फर्जीवाड़े में 25 को नोटिस
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बताते चलें कि राजकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2015 में आवेदन निकाला गया। जिसमें कई जनपदों से लोगों ने आवेदन किया। काउंसलिंग के बाद 289 अभ्यर्थियों को सितंबर 2015 में नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद यह अभ्यर्थी सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक बिना वेतन के ही शिक्षण कार्य कर रहे हैं। आजमगढ़ मंडल के 289 अभ्यर्थियों में 209 महिला और 88 पुरुष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी हुआ।
सभी अभ्यर्थियों ने अपने निर्धारित विद्यालयों में ड्यूटी ज्वाइन भी कर ली थी। उनके द्वारा शिक्षण कार्य भी किया जा रहा था। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने जब इन अभ्यर्थियों के अंकपत्रों की जांच की तो जांच के दौरान आजमगढ़ मंडल में 25 ऐसे अभ्यर्थी पाए गए, जिन्होंने फर्जी अंकपत्र के सहारे नियुक्ति पा ली थी। जांच के दौरान और भी लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत ने बताया कि जांच के दौरान प्रथम दृष्टया इनकी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। इन अभ्यर्थियों को अपने प्रमाण पत्रों की सत्यता साबित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अगर यह लोग प्रमाणपत्र की सत्यता साबित नहीं कर पाए तो इनकी नियुक्ति को निरस्त कर इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अच्छी पढ़ाई, तभी वेतन वृद्धि ः संयुक्त शिक्षा निदेशक रामचेत और जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रजीत सिंह ने बुधवार को कई विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षण कार्य संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने इंटर कालेज सुंदरपुर और भीमबर के प्रबंधक और प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण मांगा। अनुपस्थित मिले सहायक अध्यापकों की वेतन वृद्धि पठनपाठन संतोषजनक न होने तक रोकने का निर्देश दिया।
सबसे पहले उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कालेज बगवार के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। भवन में खिड़की और दरवाजे नहीं लगे मिले। इसके बाद उन्होंने गर्ल्स हास्टल गुलवा गौरी का निरीक्षण किया। उन्होंने श्री नरोत्तम ब्रह्म इंटर कालेज सुंदरपुर निरीक्षण किया। विद्यालय के मुख्य गेट के पोर्च और छत पर बड़ी-बड़ी घास पाई गई। कालेज के प्रधानाचार्य उपस्थित नहीं थे। प्रधानाचार्य के आने पर शिक्षक और कर्मचारियों ने उपस्थिति पंजिका में उपस्थिति दर्ज कराई। भूगोल प्रवक्ता डा. अनिल कुमार सिंह और सहायक अध्यापक पंकज सिंह बिना प्रार्थना पत्र के अनुपस्थित थे।
सहायक अध्यापिका झीसा सिंह और अध्यापक अंबिका प्रसाद सिंह के सामने क्रास लगा था और बिना समय डाले क्रास लगाया गया था। परिचारक शिवलोचन, राजबहादुर, फौजदार, अशोक कुमार लाल, इंद्रेश कुमार और रामसिंह यादव तीन दिन से अनुपस्थित थे। कक्षा 11 के सेक्शन बी में शिवांगी से उन्होंने कवि सूरदास के बारे में पूछा लेकिन वह कुछ भी नहीं बता सकी। इसके बाद उन्होंने शिक्षक इंटर कालेज भीमबर का निरीक्षण किया। जहां प्रधानाचार्य जयप्रकाश राय बिना प्रार्थना पत्र के अनुपस्थित मिले।
वहीं सहायक अध्यापिका गीता देवी, अध्यापक राकेश कुमार, राकेश, लिपिक शिवप्रसाद राय, परिचारक हरेंद्र सिंह, राकेश यादव, प्रद्युम्र राय भी अनुपस्थित मिले। विद्यालय का पठनपाठन का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक नहीं मिला। इस पर दोनों इंटर कालेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को यह निर्देश दिया गया कि वह अनुपस्थित शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेकर प्रस्तुत करें। साथ ही अगले निरीक्षण में पठनपाठन का स्तर संतोषजनक मिलने पर ही वेतनवृद्धि देने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को भी स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।