{"_id":"5df126e78ebc3e87e13be46b","slug":"23-appointments-in-11-aided-junior-highschhols-found-irregular-azamgarh-news-vns4992908188","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडेड जूनियर हाईस्कूलों में 23 अनियमित नियुक्तियां उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडेड जूनियर हाईस्कूलों में 23 अनियमित नियुक्तियां उजागर
विज्ञापन
आजमगढ़। बलिया में 11 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में नियम विरुद्ध हुई 23 प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां पकड़ में आई हैं। मंडलायुक्त के निर्देश पर हुई जांच में यह भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। नियम विरुद्ध हुई नियुक्तियों की पड़ताल होने के बाद मंडलायुक्त ने तत्कालीन बीएसए, खंड शिक्षाधिकारी व पटल सहायक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से कर दी है।
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि आठ जुलाई को बैरिया के विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने 15 अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों की अनियमित नियुक्ति को तत्कालीन बीएसए संतोष कुमार राय द्वारा अनुमोदित किये जाने की जांच कराने के लिए शासन को पत्र भेजा था। शासन के निर्देश पर उन्होंने जेडी एपी वर्मा को जांच सौंप दिया। 15 में चार विद्यालय किन्हीं कारणों से जांच से बाहर हो गए। शेष 11 विद्यालयों में अनियमितता सामने आई। मंडलायुक्त ने बताया कि वैदिक बाल विद्या मंदिर में दो अध्यापकों, सर्वोदय जूनियर हाईस्कूल, जवाहर लाल नेहरू जूनियर हाईस्कूल, बसंत देवी जूनियर हाईस्कूल, गांधी पूर्व माध्यमिक बालिका विद्यालय एवं जनता राष्ट्रीय विद्यालय में एक-एक अध्यापक की मनमाने तौर पर की गई नियुक्ति को तत्कालीन बीएसए संतोष कुमार राय ने अनियमित ढंग से अनुमोदित किया है। इसके अलावा रामजीत सिंह जूनियर हाईस्कूल में चार अध्यापकों की नियुक्ति के लिए तत्कालीन बीएसए द्वारा चयन समिति में नामित किये गये खंड शिक्षा अधिकारी रेवती अवधेश कुमार राय ने साक्षात्कार प्रपत्र पर किसी अभ्यर्थी को कोई अंक ही नहीं दिया है और बिना अंक दिए ही चयन समिति द्वारा श्रेष्ठता सूची तैयार कर दी गयी है और बीएसए कार्यालय के पटल सहायक वीरेंद्र सिंह ने भी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं है। इस अनियमित चयन एवं अनुमोदन के लिए तत्कालीन बीएसए के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी रेवती एवं पटल सहायक दोषी हैं। इसी तरह बालखंडी नाथ इंटर कालेज में सात अध्यापकों की निुयक्ति में मात्र चार का ही साक्षात्कार में अंकन किया गया है, शेष तीन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में अंक ही नहीं दिया गया है। इसके बाद भी तत्कालीन बीएसए द्वारा नियुक्ति का अनुमोदन कर दिया गया है जिसके लिए उनके साथ ही नवानगर के खंड शिक्षा अधिकारी एसएन त्रिपाठी एवं पटल सहायक ज्ञान प्रकाश मिश्र जिम्मेदार हैं। बाबा दशरथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय व शहीद जूनियर हाई स्कूल सलेमपुर में दो-दो अध्यापकों तथा डोभा भगत जूनियर हाईस्कूल बघौली में एक अध्यापक की नियुक्तियां मनमाने ढंग की गयी है जिसका अनियमित अनुमोदन देने के लिए जहां तत्कालीन बीएसएस संतोष कुमार राय जिम्मेदार हैं तो वहीं इन मामलों में तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी हनुमानगंज व दुबहड़ क्रमश: ओम प्रकाश दूबे व मोतीचंद चैरिया, बेसिक शिक्षा के वित्त एवं लेखाधिकारी, व पटल सहायक मुहम्मद खालिद अंसारी आदि जिम्मेदार हैं। मंडलायुक्त ने पूरे प्रकरण में अनियमित अनुमोदन करने के लिए तत्कालीन उत्तरदायी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा की जांच आख्या के साथ संस्तुति शासन को कर दी है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बताया कि आठ जुलाई को बैरिया के विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने 15 अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों की अनियमित नियुक्ति को तत्कालीन बीएसए संतोष कुमार राय द्वारा अनुमोदित किये जाने की जांच कराने के लिए शासन को पत्र भेजा था। शासन के निर्देश पर उन्होंने जेडी एपी वर्मा को जांच सौंप दिया। 15 में चार विद्यालय किन्हीं कारणों से जांच से बाहर हो गए। शेष 11 विद्यालयों में अनियमितता सामने आई। मंडलायुक्त ने बताया कि वैदिक बाल विद्या मंदिर में दो अध्यापकों, सर्वोदय जूनियर हाईस्कूल, जवाहर लाल नेहरू जूनियर हाईस्कूल, बसंत देवी जूनियर हाईस्कूल, गांधी पूर्व माध्यमिक बालिका विद्यालय एवं जनता राष्ट्रीय विद्यालय में एक-एक अध्यापक की मनमाने तौर पर की गई नियुक्ति को तत्कालीन बीएसए संतोष कुमार राय ने अनियमित ढंग से अनुमोदित किया है। इसके अलावा रामजीत सिंह जूनियर हाईस्कूल में चार अध्यापकों की नियुक्ति के लिए तत्कालीन बीएसए द्वारा चयन समिति में नामित किये गये खंड शिक्षा अधिकारी रेवती अवधेश कुमार राय ने साक्षात्कार प्रपत्र पर किसी अभ्यर्थी को कोई अंक ही नहीं दिया है और बिना अंक दिए ही चयन समिति द्वारा श्रेष्ठता सूची तैयार कर दी गयी है और बीएसए कार्यालय के पटल सहायक वीरेंद्र सिंह ने भी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं है। इस अनियमित चयन एवं अनुमोदन के लिए तत्कालीन बीएसए के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी रेवती एवं पटल सहायक दोषी हैं। इसी तरह बालखंडी नाथ इंटर कालेज में सात अध्यापकों की निुयक्ति में मात्र चार का ही साक्षात्कार में अंकन किया गया है, शेष तीन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में अंक ही नहीं दिया गया है। इसके बाद भी तत्कालीन बीएसए द्वारा नियुक्ति का अनुमोदन कर दिया गया है जिसके लिए उनके साथ ही नवानगर के खंड शिक्षा अधिकारी एसएन त्रिपाठी एवं पटल सहायक ज्ञान प्रकाश मिश्र जिम्मेदार हैं। बाबा दशरथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय व शहीद जूनियर हाई स्कूल सलेमपुर में दो-दो अध्यापकों तथा डोभा भगत जूनियर हाईस्कूल बघौली में एक अध्यापक की नियुक्तियां मनमाने ढंग की गयी है जिसका अनियमित अनुमोदन देने के लिए जहां तत्कालीन बीएसएस संतोष कुमार राय जिम्मेदार हैं तो वहीं इन मामलों में तत्कालीन खण्ड शिक्षा अधिकारी हनुमानगंज व दुबहड़ क्रमश: ओम प्रकाश दूबे व मोतीचंद चैरिया, बेसिक शिक्षा के वित्त एवं लेखाधिकारी, व पटल सहायक मुहम्मद खालिद अंसारी आदि जिम्मेदार हैं। मंडलायुक्त ने पूरे प्रकरण में अनियमित अनुमोदन करने के लिए तत्कालीन उत्तरदायी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा की जांच आख्या के साथ संस्तुति शासन को कर दी है।
विज्ञापन