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22 और स्कूलों के अभिलेखों में गड़बड़ी किया करोड़ों का फर्जीवाड़ा

Tue, 20 Feb 2018 12:15 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Tue, 20 Feb 2018 12:15 AM IST
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22 and manipulation of records of the schools millions of forgery
स्कूल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
फर्जी अभिलेखों के सहारे विधायक और सांसद निधि लेने के मामले में प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। जिले में 82 विद्यालयों की जांच में अब तक 29 विद्यालयों के अभिलेखों की जांच में गड़बड़ी मिल चुकी है।
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इसमें गत वर्ष मार्च माह में 26 विद्यालयों की जांच में पहले की सात विद्यालय गड़बड़ मिले थे। अब 56 विद्यालयों की जांच में कुल 22 विद्यालयों के अभिलेखों में गड़बड़ी मिली है। अब विधायक और सांसद निधि से लिए गए करोड़ों रुपये वापस करना होगा। प्रशासन की ओर से सभी को नोटिस जारी की जा रही है।
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जनपद में सांसद और विधायक निधि में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का मामला लालता यादव द्वारा हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करने के बाद हुआ। इस पर जिले के 92 विद्यालयों की जांच शुरू हुई। इसमें मार्च 2017 में 26 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने जारी की थी।
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इसमें सात विद्यालयों के अभिलेखों में गड़बड़ी पाई गई थी। इस पर उन्होंने उन स्कूलों से निधि की वसूली और एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। साथ ही कई विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति भी की।

इसके बाद से निधि की जांच के मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अमर उजाला की ओर से मुद्दा फिर से उठाने के बाद सीडीओ ने बाकी बचे 56 विद्यालयों की जांच कराई। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई अभिलेखों की जांच में 56 विद्यालयों में 10 विद्यालय ऐसे मिले जिन्होंने विधायक निधि तो ली लेकिन विद्यालय के नाम जमीन ही नहीं है।

वहीं 12 विद्यालयों की खतौनी में गड़बड़ी पाई गई। इस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने गलत पाए गए सभी विद्यालयों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है।

जिले के 56 विद्यालयों की जांच में 10 विद्यालय ऐसे मिले हैं जिन्होंने जिन अभिलेखों के सहारे सांसद और विधायक निधि ली थी। जांच के दौरान विद्यालय उन जमीनों पर मिला ही नहीं है। इसके अलावा 12 विद्यालय ऐसे भी जिन्होंने फर्जी खतौनी लगाकर निधि ली है। सबको नोटिस जारी कर निधि की वसूली की जाएगी। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए मान्यता प्रत्याहरण की भी कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।

पहली जांच में गड़बड़ मिले थे ये विद्यालय
तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई द्वारा जारी जांच रिपोर्ट में मां बच्ची सत्ती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हसनपुर तेरही, पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्राथमिक विद्यालय रोहुआ मुस्ताफाबाद, नन्हकू दास स्मारक हायर सेकेंड्री स्कूल निजामाबाद, मां बुद्घा नेशनल महाविद्यालय गंधुवई निजामाबाद, आरबीएस मेमोरियल पूर्व माध्यमिक विद्यालय हमीदपुर रानी की सराय, ठाकुर राज बहादुर सिंह स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हमीदपुर रानी की सराय और राजबहादुर सिंह स्मारक महाविद्यालय हमीदपुर रानी की सराय के अभिलेखों में गड़बड़ी पाई गई।


इन विद्यालयों के नाम नहीं मिली जमीन
डीजीसी सिविल और एसओसी की जांच में श्री हरिशंकर जी महाविद्यालय जहानागंज रामपुर, बाबू नागेश्वर राय प्राथमिक विद्यालय असाऊर, बाबा साधव राम इंटर कालेज बड़सरा कोइनहां, श्री शारदा महाविद्यालय शंभूपुर गहजी, शारदा इंटरमीडिएट कालेज शंभूपुर गहजी, आरके फार्मेसी कालेज सठियांव, राजदेव कृषक महाविद्यालय काशीपुर सुराई, श्री अमर शहीद हायर सेकेंड्री स्कूल ईश्वरपुर, एएसएस अंबेेडकर प्राथमिक विद्यालय बभनपुरा खङरखपुर और सर्वोदय पब्लिक स्कूल व्आजमगढ़ ने जिस भूमि पर निधि ली थी जांच के दौरान उस भूमि पर विद्यालय नहीं मिला।
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