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उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दे संपन्न हुआ छठ महापर्व
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:43 PM IST
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आजमगढ़। लोक आस्था का महापर्व छठ बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोगों की भीड़ घाटों पर भोर से ही जुटनी शुरू हो गई थी। घाट रंग-बिरंगी लाइट और फूल मालाओं से सजाए गए थे। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती ने अपना उपवास खेला और प्रसाद ग्रहण किया। छठ पर्व के आखिरी दिन भक्त प्रसिद्ध छठी मइया के गीत गाते हुए महिलाएं घाटों पर पहुंची। गाजे-बाजे के साथ लोग घाटों पर पहुंचे और व्रती महिलाएं हाथों में पूजन सामग्री लेकर नदियों और सरोवरों के जल में खड़ी हो गई। षष्ठी माता का ध्यान करते हुए व्रती महिलाएं सूर्य के निकलने का इंतजार करने लगी। सोमवार की शाम को खरना पूजा के साथ ही छठ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया था। मंगलवार को शाम का अर्घ्य और बुधवार की सुबह के अर्घ्य के बाद व्रती महिलाओं ने पारण किया। भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह तीन बजे के बाद से ही सभी घाटों पर व्रती जुटने लगे। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया। भगवान सूर्य का उदय होने के पहले सभी जगहों पर व्रती सूप में फल, नैवेद्य और पूजन सामग्री लेकर भगवान सूर्य की ओर मुंह करके खड़ी हो गईं। इस दौरान सभी ने भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए सूप के किनारे जल और दूध से अर्घ्य दिया। इसके बाद व्रती महिलाएं घाट से गीत गाते हुए घर पहुंची और 36 घंटे के अपने उपवास को खोला और प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद रिश्तेदारों के यहां प्रसाद भेजने का सिलसिला भी शुरू हो गया। घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद रहा।
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