{"_id":"5a78a6974f1c1b514a8b7a3f","slug":"21517856407-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय की मांग को लेकर भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय की मांग को लेकर भरी हुंकार
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। श्री दुर्गाजी स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंडेश्वर में शिक्षक संघ की ओर से सोमवार को समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों ने जनपद में विश्वविद्यालय स्थापना की आवाज बुलंद की। सभी से इस दिशा में सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की गई।
अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या मधुबाला ने की। मुख्य अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष और शिनेका के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बाबर का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। डॉ. प्रवेश सिंह ने कहा कि शिक्षक हितों के लिए संघर्ष जारी है। डॉ. सुजीत कुमार के नेतृत्व में हमारी जिला इकाई अगर सक्रिय भूमिका निभाए तो जिले में एक विश्वविद्यालय बन सकता है। यूजीसी के मानक के अनुसार विश्वविद्यालय के लिए 100 महाविद्यालय की आवश्यकता होती है। अपने जिले में लगभग 300 महाविद्यालय है। इसलिए विश्वविद्यालय की मांग जायज है। डा. इन्द्रजीत ने कहाकि प्रोफेसर अगर मांग उठाते हैं तो आंदोलन को ज्यादा धार और ताकत मिलेगी। शिब्ली कॉलेज के डा. जिम्मी ने कहाकि एक स्वर से विश्वविद्यालय की मांग के प्रति सकारात्मता दिखाएं। दुर्गावती ने केन्द्र व प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया संचालन डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने किया। डा. राजीव त्रिपाठी, डॉ. फूलचन्द्र सिंह, अजीत प्रताप सिंह, वीरेन्द्र दूबे, विष्णु, मुकुल दत्त, आरके पाण्डेय, जितेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र सिंह, अशोक, सुनील, नीलेश आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या मधुबाला ने की। मुख्य अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष और शिनेका के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बाबर का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। डॉ. प्रवेश सिंह ने कहा कि शिक्षक हितों के लिए संघर्ष जारी है। डॉ. सुजीत कुमार के नेतृत्व में हमारी जिला इकाई अगर सक्रिय भूमिका निभाए तो जिले में एक विश्वविद्यालय बन सकता है। यूजीसी के मानक के अनुसार विश्वविद्यालय के लिए 100 महाविद्यालय की आवश्यकता होती है। अपने जिले में लगभग 300 महाविद्यालय है। इसलिए विश्वविद्यालय की मांग जायज है। डा. इन्द्रजीत ने कहाकि प्रोफेसर अगर मांग उठाते हैं तो आंदोलन को ज्यादा धार और ताकत मिलेगी। शिब्ली कॉलेज के डा. जिम्मी ने कहाकि एक स्वर से विश्वविद्यालय की मांग के प्रति सकारात्मता दिखाएं। दुर्गावती ने केन्द्र व प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया संचालन डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने किया। डा. राजीव त्रिपाठी, डॉ. फूलचन्द्र सिंह, अजीत प्रताप सिंह, वीरेन्द्र दूबे, विष्णु, मुकुल दत्त, आरके पाण्डेय, जितेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र सिंह, अशोक, सुनील, नीलेश आदि मौजूद थे।
विज्ञापन