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चित्र और कथा की एक साथ प्रस्तुति से बोर नहीं होते विद्यार्थी- सूर्यनाथ सिंह
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:16 PM IST
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आजमगढ़। नेशनल बुक ट्रस्ट, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से शिब्ली नेशनल इंटर कालेज परिसर में आयोजित पुस्तक मेले में शनिवार को भी लोगों का रेला उमड़ा रहा। पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि भी पुस्तक मेले में पहुंचे और दर्जनों पुस्तकों की खरीद की। इस दौरान पुस्तक मेले में आयोजित विमर्श कार्यशाला में विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।
पुस्तक मेले में प्रख्यात चित्रकार प्रोफेसर मंजुला चतुर्वेदी ने कहा कि चित्रकला मनुष्य की सबसे प्राचीनतम भाषाओं में से एक है। चित्रकला प्रकृति के सौंदर्य को उसी अवस्था में परिचित कराता है, जिस रूप में वह होती है। चित्राभास शब्द इंगित करता है कि चित्रण का उद्देश्य माडलिंग प्रदर्शित करता है जिससे गहराईयों का आयाम सूचित हो सके। चित्र का वर्गीकरण करते हुए उन्होंने बताया कि वृत्त चित्र और अवित्र चित्र दो भागों में विभक्त किया गया है। इसका अर्थ है कि सामान्य जीवन में दृश्य चित्र अर्थ को परिभाषित करना है। अजंता की गुफाएं और खजुराहों का मंदिर चित्र भाषा संवाद का सबसे प्राचीनतम उदाहरण है।
कहानीकार सूर्यनाथ सिंह ने कहा कि चित्र और कथा जब दोंनो एक साथ प्रस्तुत हों तो विद्यार्थी अपने विषय में कभी बोर नहीं होता। राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र की पहल पर बच्चों से साहित्य संवाद, कला संवाद का ऐसा प्रयोग है जो ब्लैक बोर्ड के किसी भी सवाल का जबाव है। कार्यक्रम के आंरभ में द्विजेंद्र संपादक नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय पुस्तक संस्कृति के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र के माध्यम से बाल मन में सार्थक दिशा सांस्कृतिक बीजारोपण की ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। आज के कार्यशाला में बच्चों ने जो चित्र बनाए हैं उनके मौलिक लेखन को प्रशंशित करते हुए उनकी इच्छा की पुस्तकों से सम्मानित किया जाएगा। एसपी ने कहा कि जिंदगी का बेहतर रास्ता बेहतर किताबों से होकर गुजरता है। किताबें सही और गलत में भेद करना सिखाती हैं। कालेज के प्रबंधक अब्दुल कयाम खान ने कहा कि हर वर्ष हमारे परिसर में आयोजित यह मेला विद्यार्थियों के लिए अवसर की तरह है। जहां हर आयु वर्ग के लोग एकत्र ही नहीं होते बल्कि गहन संवाद भी करते हैं। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश राय, शिब्ली डिग्री कालेज के प्राचार्य गयास अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक वीके शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार, शिब्ली इंटर कालेज के प्रधानाचार्य नसीम अहमद, अबू मुहम्मद, उमेर मंजर, शिक्षक अनिल राय, स्नेहलता, नियाज दाऊद्दीन, आरिफ नुमानी, डा. अलाउद्दीन आदि उपस्थित थे।
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पुस्तक मेले में प्रख्यात चित्रकार प्रोफेसर मंजुला चतुर्वेदी ने कहा कि चित्रकला मनुष्य की सबसे प्राचीनतम भाषाओं में से एक है। चित्रकला प्रकृति के सौंदर्य को उसी अवस्था में परिचित कराता है, जिस रूप में वह होती है। चित्राभास शब्द इंगित करता है कि चित्रण का उद्देश्य माडलिंग प्रदर्शित करता है जिससे गहराईयों का आयाम सूचित हो सके। चित्र का वर्गीकरण करते हुए उन्होंने बताया कि वृत्त चित्र और अवित्र चित्र दो भागों में विभक्त किया गया है। इसका अर्थ है कि सामान्य जीवन में दृश्य चित्र अर्थ को परिभाषित करना है। अजंता की गुफाएं और खजुराहों का मंदिर चित्र भाषा संवाद का सबसे प्राचीनतम उदाहरण है।
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कहानीकार सूर्यनाथ सिंह ने कहा कि चित्र और कथा जब दोंनो एक साथ प्रस्तुत हों तो विद्यार्थी अपने विषय में कभी बोर नहीं होता। राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र की पहल पर बच्चों से साहित्य संवाद, कला संवाद का ऐसा प्रयोग है जो ब्लैक बोर्ड के किसी भी सवाल का जबाव है। कार्यक्रम के आंरभ में द्विजेंद्र संपादक नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय पुस्तक संस्कृति के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय बाल साहित्य केंद्र के माध्यम से बाल मन में सार्थक दिशा सांस्कृतिक बीजारोपण की ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। आज के कार्यशाला में बच्चों ने जो चित्र बनाए हैं उनके मौलिक लेखन को प्रशंशित करते हुए उनकी इच्छा की पुस्तकों से सम्मानित किया जाएगा। एसपी ने कहा कि जिंदगी का बेहतर रास्ता बेहतर किताबों से होकर गुजरता है। किताबें सही और गलत में भेद करना सिखाती हैं। कालेज के प्रबंधक अब्दुल कयाम खान ने कहा कि हर वर्ष हमारे परिसर में आयोजित यह मेला विद्यार्थियों के लिए अवसर की तरह है। जहां हर आयु वर्ग के लोग एकत्र ही नहीं होते बल्कि गहन संवाद भी करते हैं। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश राय, शिब्ली डिग्री कालेज के प्राचार्य गयास अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक वीके शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार, शिब्ली इंटर कालेज के प्रधानाचार्य नसीम अहमद, अबू मुहम्मद, उमेर मंजर, शिक्षक अनिल राय, स्नेहलता, नियाज दाऊद्दीन, आरिफ नुमानी, डा. अलाउद्दीन आदि उपस्थित थे।
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