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चारा फैलाने वाले नर्सिंग होम कराये जायेंगे बंद : डॉ. रवींद्र
Updated Thu, 10 May 2018 12:48 AM IST
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आजमगढ़। अब कचरा फैलाने वाले नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सार्वजनिक स्थलों पर अस्पताल का कचरा फेंकने पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और न्यायालय के आदेशों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उक्त फरमान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रबींद्र कुमार ने बुधवार को जारी किया
सीएमओ ने कहा कि सभी प्राइवेट नर्सिंग होम संचालक अपने प्रतिष्ठान से निकलने वाले कचरे के निस्तारण का सही तरीके से प्रबंध करें। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी कीमत पर भी कचरा न फेंका जाए। कुछ ऐसा ही निर्देश सीएमओ ने जिला स्तरीय सरकारी अस्पतालों के अधीक्षकों और सीएचसी-पीएचसी के प्रभारियों के लिए भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के अधीक्षक और प्रभारियों की यह जिम्मेदारी है कि अस्पताल पर कचरे के निस्तारण के लिए नियुक्त एजेंसी से यह सुनिश्चित करें कि वे कचरे का निस्तारण अस्पताल परिसर अथवा आसपास के क्षेत्र में न करें। ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जिसमें कई प्राइवेट अस्पतालों द्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में अस्पताल से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की सूचना मिल रही है। अस्पताल से निकलने वाला कचरा दूषित और संक्रमित होता है। जिससे खतरनाक बीमारियां फैल सकती हैं। इन कचरों को यदि जलवाया जाता है तो जहरीला धुआं पूूरे वातावरण को प्रदूषित करता है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था के साथ ही अग्नि शमन यंत्र भी लगवाए जाने का उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले प्राइवेट नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अस्पताल को बंद करा दिया जाएगा।
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सीएमओ ने कहा कि सभी प्राइवेट नर्सिंग होम संचालक अपने प्रतिष्ठान से निकलने वाले कचरे के निस्तारण का सही तरीके से प्रबंध करें। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी कीमत पर भी कचरा न फेंका जाए। कुछ ऐसा ही निर्देश सीएमओ ने जिला स्तरीय सरकारी अस्पतालों के अधीक्षकों और सीएचसी-पीएचसी के प्रभारियों के लिए भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों के अधीक्षक और प्रभारियों की यह जिम्मेदारी है कि अस्पताल पर कचरे के निस्तारण के लिए नियुक्त एजेंसी से यह सुनिश्चित करें कि वे कचरे का निस्तारण अस्पताल परिसर अथवा आसपास के क्षेत्र में न करें। ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जिसमें कई प्राइवेट अस्पतालों द्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में अस्पताल से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की सूचना मिल रही है। अस्पताल से निकलने वाला कचरा दूषित और संक्रमित होता है। जिससे खतरनाक बीमारियां फैल सकती हैं। इन कचरों को यदि जलवाया जाता है तो जहरीला धुआं पूूरे वातावरण को प्रदूषित करता है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था के साथ ही अग्नि शमन यंत्र भी लगवाए जाने का उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले प्राइवेट नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अस्पताल को बंद करा दिया जाएगा।
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