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बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत थे 26272
Updated Sun, 29 Apr 2018 11:52 PM IST
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पल्हनी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिए बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 262728 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। शासन-प्रशासन की सख्ती के चलते इस बार नकल नाममात्र की हुई। जिसके चलते पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 64805 ने परीक्षा छोड़ दी।
बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 314 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे। सभी केंद्रों पर नकल रोकने की कवायद के तहत सीसी टीवी लगवाया गया था। हाईस्कूल में पंजीकृत 149166 परीक्षार्थियों में 92270 बालक और 56896 बालिकाएं शामिल रही। वहीं इंटरमीडिएट में 113562 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें बालक 61417 व बालिकाएं 52145 शामिल रहे। छह फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू हुई थी। हाईस्कूल सामान्य विषय हिन्दी की परीक्षा 7 फरवरी को सुबह की पाली में थी। जिसमें सभी पंजीकृत परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन परीक्षा में मात्र 107997 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। इसी प्रकार इंटरमीडिएट के सामान्य विषय हिन्दी में 23636 परीक्षार्थी अनुपस्थित थे। हाईस्कूल की परीक्षा 22 फरवरी को ही समाप्त हो गई थी तो वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा 10 मार्च को खत्म हुई थी। 15 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू होकर 30 मार्च तक चला था। इस बार के बोर्ड परीक्षा में शासनस्तर से सख्ती का निर्देश दिया गया था। जिसके चलते उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था जहां सभी कक्षों में सीसी टीवी की व्यवस्था थी। इसके साथ ही सभी सेंटरों पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किये गये थे। छह उडनदस्ते लगातार विद्यालयों का चक्रमण कर रहे थे।
13 विद्यालय हुए डिबार, पकड़े गये 18 नकलची
आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने को लेकर शिक्षा विभाग के साथ ही जिला प्रशासन भी पूरी तरह से सक्रिय रहा। परीक्षा के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 18 नकलची छात्र पकड़े गये, जिन्हें रिस्टीकेट कर दिया गया। वहीं 13 विद्यालयों पर सामुहिक नकल की शिकायत पर डीबार करने की संस्तुति की गई। लगभग दो दर्जन कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा के दौरान ही जहां हटा दिया गया तो वहीं कई केंद्र व्यवस्थापकों को भी बदलने की कार्रवाई की गई।
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बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 314 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे। सभी केंद्रों पर नकल रोकने की कवायद के तहत सीसी टीवी लगवाया गया था। हाईस्कूल में पंजीकृत 149166 परीक्षार्थियों में 92270 बालक और 56896 बालिकाएं शामिल रही। वहीं इंटरमीडिएट में 113562 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें बालक 61417 व बालिकाएं 52145 शामिल रहे। छह फरवरी से बोर्ड परीक्षा शुरू हुई थी। हाईस्कूल सामान्य विषय हिन्दी की परीक्षा 7 फरवरी को सुबह की पाली में थी। जिसमें सभी पंजीकृत परीक्षार्थियों को शामिल होना था लेकिन परीक्षा में मात्र 107997 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। इसी प्रकार इंटरमीडिएट के सामान्य विषय हिन्दी में 23636 परीक्षार्थी अनुपस्थित थे। हाईस्कूल की परीक्षा 22 फरवरी को ही समाप्त हो गई थी तो वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा 10 मार्च को खत्म हुई थी। 15 मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू होकर 30 मार्च तक चला था। इस बार के बोर्ड परीक्षा में शासनस्तर से सख्ती का निर्देश दिया गया था। जिसके चलते उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था जहां सभी कक्षों में सीसी टीवी की व्यवस्था थी। इसके साथ ही सभी सेंटरों पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किये गये थे। छह उडनदस्ते लगातार विद्यालयों का चक्रमण कर रहे थे।
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13 विद्यालय हुए डिबार, पकड़े गये 18 नकलची
आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने को लेकर शिक्षा विभाग के साथ ही जिला प्रशासन भी पूरी तरह से सक्रिय रहा। परीक्षा के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 18 नकलची छात्र पकड़े गये, जिन्हें रिस्टीकेट कर दिया गया। वहीं 13 विद्यालयों पर सामुहिक नकल की शिकायत पर डीबार करने की संस्तुति की गई। लगभग दो दर्जन कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा के दौरान ही जहां हटा दिया गया तो वहीं कई केंद्र व्यवस्थापकों को भी बदलने की कार्रवाई की गई।
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