{"_id":"5b995c6e867a557ec074b27b","slug":"191536777326-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यालयों से हटा बाढ़ का पानी, लौटने लगी रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यालयों से हटा बाढ़ का पानी, लौटने लगी रौनक
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विगत कई दिनों से घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी गुरुवार को भी जारी रही। नदी के जलस्तर में बदरहुंआ गेज पर 18 सेमी और डिघिया गेज पर 16 सेमी घटाव दर्ज हुआ। जलस्तर घटने के साथ कटान तेज हो गई है दो दिनों में घाघरा 50 एकड़ जमीन को काटकर अपने आगोश में ले चुकी है। बाढ़ का पानी चढ़ने के साथ बंद हुए विद्यालय अब खुलने लगे हैं। नदी बदरहुंआ खतरा बिंदू से 57 सेमी और डिघिया में 12 सेमी नीचे बह रही है। जलस्तर घटने के साथ ही नदी की कटान में तेजी आ गई है।
गुरुवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.35 मीटर और डिघिया नाले पर 70.44 मीटर दर्ज किया गया था जो गुरुवार को घटकर बदरहुंआ नाले पर 71.17 मीटर और डिघिया नाले पर 70.28 मीटर पर आ गया। तेजी से हो रही कटाने ने ग्रामीणों की नींदें उड़ा रखी हैं। जलस्तर घटने के साथ ही गांव में लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। दरवाजे पर जमा पानी रास्ते में कीचड़ समस्या बना हुआ है। देवारा खास राजा में कटान तेज होने से लोग लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी में जुटे हैं। कटान की गति बढ़ती जा रही है। बुधवार और गुरुवार को 50 एकड़ भूमि घाघरा नदी में समा गई। देवारा खास राजा के बगहवा की ओर घाघरा बढ़ती आ रही है। गन्ना की फसल नष्ट होती जा रही है। लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। ग्राम प्रधान इनरावती देवी ने उप जिलाधिकारी सगड़ी पंकज श्रीवास्तव को कटान की समस्या से अवगत कराया। कहा कि इनके विस्थापित होने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था कराई जाए। यह दूसरी बार कटान की कगार पर हैं। कुछ दिन पूर्व ही त्रिलोकी के पुरवा से कटकर इन्हें यहां बसाया गया था। हरैया शिक्षा क्षेत्र के कुल 25 विद्यालय बाढ़ प्रभावित थे। जिनको बंद कर दिया गया था। बाढ़ समाप्त होते ही धीरे.धीरे स्कूलों को खोला जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी हरैया ने बताया कि देवारा खास राजा प्रथम, देवारा खास राजा द्वितीय, बगहवा, बेलहिया, रोशनगंज के प्राथमिक विद्यालय और देवारा खास राजा, रोशनगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय खोल दिए गए हैं। लगभग 700 बच्चों की शिक्षा शुरू हो गई है। अभी जो विद्यालय बंद हैं उनमें साफ सफाई कराई जा रही है। जल्द ही उनमें भी शिक्षण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
गुरुवार को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71.35 मीटर और डिघिया नाले पर 70.44 मीटर दर्ज किया गया था जो गुरुवार को घटकर बदरहुंआ नाले पर 71.17 मीटर और डिघिया नाले पर 70.28 मीटर पर आ गया। तेजी से हो रही कटाने ने ग्रामीणों की नींदें उड़ा रखी हैं। जलस्तर घटने के साथ ही गांव में लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। दरवाजे पर जमा पानी रास्ते में कीचड़ समस्या बना हुआ है। देवारा खास राजा में कटान तेज होने से लोग लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी में जुटे हैं। कटान की गति बढ़ती जा रही है। बुधवार और गुरुवार को 50 एकड़ भूमि घाघरा नदी में समा गई। देवारा खास राजा के बगहवा की ओर घाघरा बढ़ती आ रही है। गन्ना की फसल नष्ट होती जा रही है। लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। ग्राम प्रधान इनरावती देवी ने उप जिलाधिकारी सगड़ी पंकज श्रीवास्तव को कटान की समस्या से अवगत कराया। कहा कि इनके विस्थापित होने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था कराई जाए। यह दूसरी बार कटान की कगार पर हैं। कुछ दिन पूर्व ही त्रिलोकी के पुरवा से कटकर इन्हें यहां बसाया गया था। हरैया शिक्षा क्षेत्र के कुल 25 विद्यालय बाढ़ प्रभावित थे। जिनको बंद कर दिया गया था। बाढ़ समाप्त होते ही धीरे.धीरे स्कूलों को खोला जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी हरैया ने बताया कि देवारा खास राजा प्रथम, देवारा खास राजा द्वितीय, बगहवा, बेलहिया, रोशनगंज के प्राथमिक विद्यालय और देवारा खास राजा, रोशनगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय खोल दिए गए हैं। लगभग 700 बच्चों की शिक्षा शुरू हो गई है। अभी जो विद्यालय बंद हैं उनमें साफ सफाई कराई जा रही है। जल्द ही उनमें भी शिक्षण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन