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ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र का किया घेराव, नारेबाजी
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:08 AM IST
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सगड़ी। तहसील क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र मिर्जापुर (मालटारी) के बांसगांव फीडर से एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति ठीक ढंग से नहीं हो रही है। लगातार कई दिनों तक विद्युत आपूर्ति ठप रहती है। इसे लेकर रविवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र का सुबह नौ बजे घेराव कर लिया। इस दौरान विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घेराव शाम तक चलता रहा। जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझाया। इसके बाद भी लोग अपनी अड़े थे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक कोई अधिकारी आकर निराकरण नहीं करेगा तब तक नहीं हटेंगे। समाचार लिखे जाने लोग मौके पर डटे थे।
मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र से तीन फीडरों से विद्युत आपूर्ति की जाती है। बांसगांव फीडर की विद्युत आपूर्ति एक सप्ताह से पूरी तरह से चरमरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों तक लगातार विद्युत आपूर्ति ठप रहती है। कभी-कभार बिजली आती है तो 10 से 15 मिनट के अंदर ही कट जाती है। इससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। आटा चक्की से लेकर नलकूप तक बंद पड़े हैं। पूरा क्षेत्र अंधेरा में डूबा हुआ है। इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। फीडर से अंजानशहीद, देवापार, नुरुद्दीनपुर, पारीपट्टी, राजूपट्टी, नदौरा, बांसगांव, जमीन, मुहम्मदपुर, पकवाइनार, नत्थूपुर, सोहरैया, छत्तरपुर, सहित 60 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। एसडीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति मऊ जिले के गोठा से की जाती है। आखिरी छोर पर विद्युत सब स्टेशन होने के कारण अक्सर फाल्ट होता रहता है। मशीनें जर्जर हो चुकी हैं। इसे बदलने की भी जरूरत है। लिखित सूचना दे दी गई है। अंडाखोर में पावर हाउस बन गया है। प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है, लगभग चार महीने में अंडाखोर से विद्युत उपकेंद्र मिर्जापुर को जोड़ दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नदीम अहमद, मो, फैसल, अशरफ, मो. आजीम, सेराज अहमद, नवाजिश, इरफान अहमद, अलाउद्दीन, बबलू, सलाउद्दीन, मो. आदिल, मो. अजहर, अहमद, पप्पू, मो. तासीम, आदि लोग मौजूद थे।
मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र पर चल रहे घेराव में देर शाम एसडीएम सगड़ी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि मांगों से संबंधित अधिकारी को अवगत कराउंगा। एसडीओ बीएन सिंह को चेतावनी दी कि कर्मचारी अपना फोन खुला रखें और रिसीव करें। चार सूत्रीय मांग पत्र में सभी विद्युत उपकेंद्रों से 18 घंटे आपूर्ति, जर्जर मशीनों और तारों को बदलने, खुले तारों को बदलकर केबल तार लगाने और विद्युत उपकेंद्र पर तैनात ठेका कर्मचारियों का शोषण बंद कराने की मांग की गई।
मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र से तीन फीडरों से विद्युत आपूर्ति की जाती है। बांसगांव फीडर की विद्युत आपूर्ति एक सप्ताह से पूरी तरह से चरमरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों तक लगातार विद्युत आपूर्ति ठप रहती है। कभी-कभार बिजली आती है तो 10 से 15 मिनट के अंदर ही कट जाती है। इससे धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। आटा चक्की से लेकर नलकूप तक बंद पड़े हैं। पूरा क्षेत्र अंधेरा में डूबा हुआ है। इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। फीडर से अंजानशहीद, देवापार, नुरुद्दीनपुर, पारीपट्टी, राजूपट्टी, नदौरा, बांसगांव, जमीन, मुहम्मदपुर, पकवाइनार, नत्थूपुर, सोहरैया, छत्तरपुर, सहित 60 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। एसडीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति मऊ जिले के गोठा से की जाती है। आखिरी छोर पर विद्युत सब स्टेशन होने के कारण अक्सर फाल्ट होता रहता है। मशीनें जर्जर हो चुकी हैं। इसे बदलने की भी जरूरत है। लिखित सूचना दे दी गई है। अंडाखोर में पावर हाउस बन गया है। प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है, लगभग चार महीने में अंडाखोर से विद्युत उपकेंद्र मिर्जापुर को जोड़ दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नदीम अहमद, मो, फैसल, अशरफ, मो. आजीम, सेराज अहमद, नवाजिश, इरफान अहमद, अलाउद्दीन, बबलू, सलाउद्दीन, मो. आदिल, मो. अजहर, अहमद, पप्पू, मो. तासीम, आदि लोग मौजूद थे।
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मिर्जापुर विद्युत उपकेंद्र पर चल रहे घेराव में देर शाम एसडीएम सगड़ी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि मांगों से संबंधित अधिकारी को अवगत कराउंगा। एसडीओ बीएन सिंह को चेतावनी दी कि कर्मचारी अपना फोन खुला रखें और रिसीव करें। चार सूत्रीय मांग पत्र में सभी विद्युत उपकेंद्रों से 18 घंटे आपूर्ति, जर्जर मशीनों और तारों को बदलने, खुले तारों को बदलकर केबल तार लगाने और विद्युत उपकेंद्र पर तैनात ठेका कर्मचारियों का शोषण बंद कराने की मांग की गई।
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