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मिट्टी और गिट्टी डाल कर छोड़ी सड़क ने बढ़ाई परेशानी
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:56 PM IST
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आजमगढ़। बवाली मोड़ से पुराना पुल को जाने वाले रास्ते के किनारे रहने वाले परिवारों का जीना दुश्वार हो गया है। चौबीसो घंटे उड़ रही धूल ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। साल भर से सड़क से उड़ रहे धूल के चलते अब तो लोग दमा के भी शिकार होने लगे है। एक साल से अधिक समय से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मिट्टी और गिट्टी पाट कर सड़क छोड़ी हुई है। जिसके चलते धूल का गुब्बार चौबीसों घंटे उड़ता रहता है।
बवाली मोड़ से पुराना पुल होते हुए हरवंशपुर को जाने वाला मार्ग काफी पुराना है। सत्तर के दशक में आयी बाढ़ के दौरान इस रास्ते को काट का नीचा कर दिया गया था ताकि बाढ़ का पानी आसानी से निकल जाये और शहर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित न हो। वर्तमान में पुराने पुल के स्थान पर नया पुल बनाया जा रहा है। वहीं बवाली मोड़ के पास स्थित कठवा पुल का चौड़ी करण कर दिया गया है। दोनों पुलों के बीच का रास्ता काफी नीचा था। जिस पर मिट्टी पाट कर लेबल ऊंचा कर सड़क बनाने की कवायद लोक निर्माण विभाग ने शुरू करायी। साल भर से काम चल रहा है। पहले जहां मिट्टी डाल कर छोड़ी गई थी तो वर्तमान में मिट्टी पर भस्सी युक्त गिट्टी डाल कर छोड़ दी गई है। सड़क के दोनों ओर रहने वाले उड़ रहे धुल के गुब्बार से साल भर से परेशान है। अब तो क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि दो-चार माह और यही स्थिति रह गई तो सड़क किनारे रहने वाले परिवारों के लोग दमे का शिकार होने लगेंगे। चौबीसों घंटे धूल के गुब्बार से उनका जीना दूभर हो गया है। लोगों ने शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए निर्माणाधीन सड़क पर जल्द से जल्द पिचिंग का कार्य कराये जाने की मांग की है।
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बवाली मोड़ से पुराना पुल होते हुए हरवंशपुर को जाने वाला मार्ग काफी पुराना है। सत्तर के दशक में आयी बाढ़ के दौरान इस रास्ते को काट का नीचा कर दिया गया था ताकि बाढ़ का पानी आसानी से निकल जाये और शहर क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित न हो। वर्तमान में पुराने पुल के स्थान पर नया पुल बनाया जा रहा है। वहीं बवाली मोड़ के पास स्थित कठवा पुल का चौड़ी करण कर दिया गया है। दोनों पुलों के बीच का रास्ता काफी नीचा था। जिस पर मिट्टी पाट कर लेबल ऊंचा कर सड़क बनाने की कवायद लोक निर्माण विभाग ने शुरू करायी। साल भर से काम चल रहा है। पहले जहां मिट्टी डाल कर छोड़ी गई थी तो वर्तमान में मिट्टी पर भस्सी युक्त गिट्टी डाल कर छोड़ दी गई है। सड़क के दोनों ओर रहने वाले उड़ रहे धुल के गुब्बार से साल भर से परेशान है। अब तो क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि दो-चार माह और यही स्थिति रह गई तो सड़क किनारे रहने वाले परिवारों के लोग दमे का शिकार होने लगेंगे। चौबीसों घंटे धूल के गुब्बार से उनका जीना दूभर हो गया है। लोगों ने शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए निर्माणाधीन सड़क पर जल्द से जल्द पिचिंग का कार्य कराये जाने की मांग की है।
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