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शुरू हुई अंतिम पायदान से ऊपर उठने की जुगत
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन में जनपद में सबसे निचले पायदान पर है। चार हजार से ज्यादा राजस्व ग्रामों अभी तक सिर्फ 85 गांव ही ओडिएफ हुए। ये लक्ष्य सापेक्ष मात्र दो प्रतिशत है। खराब स्थिति पर पूर्व डीपीआरओ को मुख्यमंत्री की ओर से निलंबित किया जा चुका है। अब नये अधिकारियों ने अपनी जान बचाने के लिए अंतिम पायदान से ऊपर उठने की जुगत लगानी शुरू कर दी है। इसके लिए 50 से कम परिवारों वाले करीब पांच सौ राजस्व गांव चिह्नित किया जा रहा है। ग्रामीणों को समझा कर शौचालय से संतृप्त कराया जाएगा। इसके लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को गांवों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इल लक्ष्य को हमने हासिल कर लिया तो सूबे में टाप-40 में स्थान बनाया जा सकता है।
स्वच्छ भारत मिशन केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। केंद्र सरकार ने देश को दो अक्तूबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त कराने का संपना संजोया है, लेकिन जनपद की स्थिति योजना में काफी खराब है। शासन भी इसे लेकर काफी नाराज है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व डीपीआरओ जितेंद्र नाथ मिश्रा को पिछले दिनों विडियो कांफ्रेंसिग के बाद ही निलंबित कर दिया था। मामले में एक बड़ी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन जनपद की स्थिति अभी भी वही है। इस कारण भविष्य में होने वाले कार्रवाई को देख अधिकारियों के माथे पर अभी से ही पसीना आ रहा है। फिलहाल जनपद को इस खराब स्थिति से उबारने के लिए कसरत शुरू कर दी गई है। कई अधिकारियों को इस योजना पर मशक्कत के लिए लगाया गया है। जनपद के कुल लगभग चार हजार राजस्व ग्रामों में लगभग 500 गांव ऐसे हैं जहां 50 से कम परिवार निवास करते हैं। फिलहाल सभी अ धिकारियों का फोकस यही गांव हैं। इन गांवों को चिह्नित कर इनकी सूची बढ़ते क्रम में तैयार की जा रही है। इसके बाद जिला स्तरीय अधिकारियों को इन गांवों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ऐसे अधिकारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। एकजुट होकर यहां ऐसे लोगों से शौचालय बनवाने की अपील की जाएगी जो खुल शौचालय बनवाने सक्षम हैं। अन्य लोगों का शौचालय सरकारी विभागों की ओर से बनवाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इन गांवों को ओडिएफ करा लिया गया तो हम कम से कम टाप-40 जनपदों के लेवल में आ जाएगा। इससे शासन के स्तर से बना खतरा टल जाएगा।
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कम आबादी वाले राजस्व ग्रामों की बढ़ते क्रम में सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर यहां शौचालय बनवाकर इसे ओडिएफ कराया जाएगा।
आनंद प्रकाश, डीपीआरओ
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आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन में जनपद में सबसे निचले पायदान पर है। चार हजार से ज्यादा राजस्व ग्रामों अभी तक सिर्फ 85 गांव ही ओडिएफ हुए। ये लक्ष्य सापेक्ष मात्र दो प्रतिशत है। खराब स्थिति पर पूर्व डीपीआरओ को मुख्यमंत्री की ओर से निलंबित किया जा चुका है। अब नये अधिकारियों ने अपनी जान बचाने के लिए अंतिम पायदान से ऊपर उठने की जुगत लगानी शुरू कर दी है। इसके लिए 50 से कम परिवारों वाले करीब पांच सौ राजस्व गांव चिह्नित किया जा रहा है। ग्रामीणों को समझा कर शौचालय से संतृप्त कराया जाएगा। इसके लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को गांवों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इल लक्ष्य को हमने हासिल कर लिया तो सूबे में टाप-40 में स्थान बनाया जा सकता है।
स्वच्छ भारत मिशन केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। केंद्र सरकार ने देश को दो अक्तूबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त कराने का संपना संजोया है, लेकिन जनपद की स्थिति योजना में काफी खराब है। शासन भी इसे लेकर काफी नाराज है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व डीपीआरओ जितेंद्र नाथ मिश्रा को पिछले दिनों विडियो कांफ्रेंसिग के बाद ही निलंबित कर दिया था। मामले में एक बड़ी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन जनपद की स्थिति अभी भी वही है। इस कारण भविष्य में होने वाले कार्रवाई को देख अधिकारियों के माथे पर अभी से ही पसीना आ रहा है। फिलहाल जनपद को इस खराब स्थिति से उबारने के लिए कसरत शुरू कर दी गई है। कई अधिकारियों को इस योजना पर मशक्कत के लिए लगाया गया है। जनपद के कुल लगभग चार हजार राजस्व ग्रामों में लगभग 500 गांव ऐसे हैं जहां 50 से कम परिवार निवास करते हैं। फिलहाल सभी अ धिकारियों का फोकस यही गांव हैं। इन गांवों को चिह्नित कर इनकी सूची बढ़ते क्रम में तैयार की जा रही है। इसके बाद जिला स्तरीय अधिकारियों को इन गांवों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ऐसे अधिकारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। एकजुट होकर यहां ऐसे लोगों से शौचालय बनवाने की अपील की जाएगी जो खुल शौचालय बनवाने सक्षम हैं। अन्य लोगों का शौचालय सरकारी विभागों की ओर से बनवाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इन गांवों को ओडिएफ करा लिया गया तो हम कम से कम टाप-40 जनपदों के लेवल में आ जाएगा। इससे शासन के स्तर से बना खतरा टल जाएगा।
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कम आबादी वाले राजस्व ग्रामों की बढ़ते क्रम में सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर यहां शौचालय बनवाकर इसे ओडिएफ कराया जाएगा।
आनंद प्रकाश, डीपीआरओ