फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   कॉलेज प्रबंधकों पर कसेगी नकेल, जारी होगी रिकवरी नोटिस

कॉलेज प्रबंधकों पर कसेगी नकेल, जारी होगी रिकवरी नोटिस

Sat, 16 Sep 2017 11:35 PM IST
Updated Sat, 16 Sep 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
कॉलेज प्रबंधकों पर कसेगी नकेल, जारी होगी रिकवरी नोटिस
आजमगढ़। समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से जारी होने वाली छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति सीधे बैंक खातों में जाती थी। कालेजों की ओर से छात्रों के नाम, खाता संख्या आदि समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराए जाते थे। 2007 से 2013 तक छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में 150 करोड़ के घोटाले में यह स्पष्ट नहीं था की किस स्कूल को कितनी छात्रवृत्ति भेजी गई है। अब डाटा के आधार पर इसे निकाला जा रहा है। धनराशि स्पष्ट होने पर कॉलेजों को रिकवरी नोटिस भेजा जा सकता है।
विज्ञापन

वर्ष 2007 से 2013 तक समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की मदों में विभागीय अधिकारियों, स्कूलों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 150 करोड़ का घोटाला हुआ था। जांच में पाया गया कि करीब 50 से अधिक कॉलेजों में अपने-अपने विद्यालय में छात्रों की संख्या फर्जी/काल्पनिक दिखाकर दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की 50 करोड़ रुपये हजम कर लिए गए। इन 50 स्कूलों को पिछले दिनों समाज कल्याण अधिकारी की ओर से नोटिस जारी कर ऐसे छात्रों को सत्यापन करने को कहा गया था। सूत्रों के अनुसार अब स्कूल वार छात्रों की संख्या के आधार पर धनराशि की गणना की जा रही है कि किस स्कूल को कितनी धनराशि भेजी गई थी। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द स्कूल-कालजों को भी रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि कॉलेज संचालकों की ओर से संबंधित वर्ष में अपने यहां इतने छात्रों के न होने और भेजी गई धनराशि का अहतरण न करने की बात कही जा रही है, लेकिन ये भी सच है कि कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराई गई प्रमाणित सूची के आधार पर ही बैंक शाखाओं को छात्रवृत्ति आवंटित की जाती है। फिलहाल कालेजों को 30 सितंबर तक विभाग की ओर से मांगे गए डिटेल को निर्धारित प्रारुप पर उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन


घोटाले के दोषियों पर कार्रवाई को ली जा रही विधिक राय
आजमगढ़ (ब्यूरो)। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 150 करोड़ के घोटाले में 2.80 करोड़ रुपये के साक्ष्य मिलने पर कप्तानगंज थाने में दो, सिधारी और शहर कोतवाली में एक-एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें तात्कालीन समाज कल्याण अधिकारी सहित कुल 34 लोगों को नामजद किया गया था। लेकिन पुलिस की कार्रवाई भी महज रिपोर्ट दर्ज करने तक ही सिमटकर रह गई। मामले में आरोपियों के खिलाफ और क्या कार्रवाई की जा सकती है इके बारे में समाज कल्याण विभाग की ओर से विधिक राय ली जा रही है। इसके बाद ही आरोपियों के खिलाफ अगली कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed