आजमगढ़ में मिले 19 नए कोरोना पॉजिटिव, एक होटल के दो कर्मचारी और प्रवासी शामिल
- कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य कर्मचारी को होटल में किया गया था क्वारंटीन
- 17 अन्य लोगों में प्रवासियों और उनके संपर्क में आए लोग शामिल हैं
विस्तार
आजमगढ़ जनपद में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गोरखपुर लैब से 19 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लगातार दूसरे दिन इतनी बड़ी संख्या में संक्रमितों के मिलने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। इसमें दो पॉजिटिव शहर के साईं होटल के कर्मचारी हैं। यहां राजकीय मेडिकल कालेज के एक स्टॉफ को क्वारंटीन किया गया था।
आशंका जताई जा रही है कि मेडिकल कालेज के कोरोना पॉजिटिव फार्मासिस्ट से ही यहां संक्रमण फैला है। 17 अन्य लोग प्रवासी और उनके संपर्क में आए लोग हैं। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि नए मरीजों को आइसोलेट करने और उनकी कांटैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित तहसीलों से रिपोर्ट प्राप्त कर कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। जनपद में अभी तक कुल मरीजों की संख्या 88 हो चुकी है। इसमें 77 सक्रिय हैं और दो की मौत हो चुकी है। नौ मरीज ठीक हो चुके हैं।
कुछ दिन पहले मेडिकल कालेज के फार्मासिस्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्टॉफ का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया था। इसमें दो कर्मचारी संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, जहानागंज के नेतपुर में आठ और लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसमें से सभी नेतपुर में 19 मई को कोरोना संक्रमण से मृत मुंबई से आए प्रवासी के पारिवार के लोग और क्लोज कांटैक्ट में शामिल हैं।
मार्टीनगंज तहसील के कालेपुर गांव में दो लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। यहां मुंबई से एक परिवार 19 मई को आया था। इसमें एक महिला की मौत हो गई थी। 21 मई को महिला के पुत्र और नाती का सैंपल लिया गया था और अब दोनों संक्रमित हैं। इसके अलावा यहीं के कोरहरा गांव में भी एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
अहरौला के रसूलपुर अहमदाली गांव का एक व्यक्ति दिल्ली से और पखनपुर में एक सूरत से आया था। दोनों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। फऊलपुर के शेखवलिया और पवई के भानीपुर में क्रमश: एक-एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। इसके अलावा जौनपुर के भी एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अजमतगढ़ ब्लाक के कांखभार गांव में भी एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है। ये 18 मई को फरीदाबाद से आया था। सभी सैंपल 21 मई को जांच के लिए भेजे गए थे।